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Decode: Bangladesh Border -- West Bengal से भागते घुसपैठिए ने खोले बड़े राज! | Sudhir Chaudhary News

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पश्य मंगाल में बीजेपी की सरकार बनने के बाद पहली बार भारत से वापस भागने वाले घुस्पेठ्यों की भीड बौडर पर इस प्रकार से जमा हुई है।ये जाने वाले लोग हैं जो वापस भाग रहे हैं।पहले ऐसी भीड आने वालों की हुआ करती थी।पहले � उत्तर 24 परगना के हाकीमपूर चेकपोस्ट पर है जो भारत और बांगलादेश के बॉरडर पर ये जगा स्थित है और सबसे पहले आप यहाँ की ये तस्वीर देखिए कैसे ये घुस्पैटिये अब वापस बांगलादेश भाग रहे हैं हाकीमपूर चेकपोस्ट पर DD News के स जैसे कई घुस्पैठीये पिछले 50 वर्षों से पस्चिम मंगाल में खुले आम रह रहे थे सरकार की तमाम योजनाओं का फायदा उठा रहे थे यहां के चुनाओं में वोट भी डाल रहे थे यानी उनके वोटर आईडी कार्ड भी बन गए थे बारत और बंगलादेश की इ आज ये ग्राउंड रेपोर्ट हमारे देश के उन नेताओं को, बुद्धी जीवियों को, उन पत्रकारों को भी देखनी चाहिएं, जो ऐसे गुस्पैठियों के प्रतियों को देखनी चाहिएं।भूती रखते हैं और उन्हें बचाने के लिए हर परकार की तरकीब लगाते रहते हैं।

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पहले आप ये रिपोर्ट देखिए, जिसमें बच्चु मुन्शी नाम का ए अब देख सकते हैं कि इस तरह से डिपोर्ट हो रहा है, यहाँ पर आ रहे हैं, अफिसर्स आ रहे हैं और ये फिर से जो अपना बोरिया बिस्तर है, बोरिया बिस्तर लेकर ये लग जा रहे हैं एक -एक करके, जो कह रहा था कि डिपोर्ट का प्रोसेस, वो डिपोर्ट का प्रो और ये बोरिया बिस्तर बांद कर इनको जाना पर रहा है जा रहे हैं जो समाल लेकर आया थे वो सब लेकर वो सब लेकर यहाँ चेक पोस्ट के तरफ बर रहे हैं आप कहां काम करते थे कहां रहते थे आप?कलकटा कलक़ता का कहां?

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दमदमी एरपोर्ट हमारा जनम तो इदर ही ह तो पापा का उमर अब क्या है?

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पापा का उमर 48 है मतलब 48 years से आप लोग यहाँ पर हैं?

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हाँ हाँ हाँ जब आयी थी तब कोई नहीं पकड़ाता है अग्ड़ों में बड़ा से आया में बड़ा से है बोर्ट है, 24 में बोर्ट दिया 24 में बोर्ट दिया?

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24 में बोर्ट दिआपका आधार कार्ट भी है पैन कार्ट भी है आधार, भोटार, पैन सब है तो आपलोग सरकारी सुविधाय थे वो सब मिलता था क्या क्या सुविधाय मिलता था लेसन मिलता था गैस मिला जब भोटार कार्ट डिलेट हो गिया इसलिए हम लोग जा रहा है जो अब देखिये बच्चो मुन्शी नाम का ये घुस्पैठिया और उसका परिवार हमारे देश के संसाधनों को दीमक की तरह खा रहा था।

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और ये सिर्फ एक परिवार नहीं है।ये बच्चो मुन्शी तो एक व्यक्ति का नाम है।ऐसे हमारे देश में लाखों करोडो लोग ह की इन राज के चुनाओं में कौन जीतेगा कौन हारेगा।आज इस प्रकार का जो घुस्पेटिया है वो खुद ही आपको बता रहा है की मम्ता बेनरजी की सरकार में इन्हें कोई परिशानी नहीं थी।इन्हें सभी सुविधाईं मिल रही थी।

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लेकिन बीजेपी सरकार के � कोई कुछ नहीं बोला गा, काम करता था, खाता था, कोई कुछ नहीं बोला गा कब कोई कुछ नहीं बोलता था कोई कुछ नहीं बोलता है, कमाता है, खाता है जब दूसरा पाटी आई, तब तो हम कुछ नहीं बोलता है

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तो ये गोस्पैठिया कह रहा है कि जब तक मम्ता बेनरजी की सरकार थी तब तक सब ठीक था कोई कुछ नहीं कहता था किसी परकार की कोई परेशानी नहीं थी तो कोई कुछ क्यों कहेगा जब इस परकार के लाखों लोग वोट डाल रहे हैं मम्ता बेनरजी जैसे नेताओं के इसी लिए इस प्रकार के जो घुस्पैठी हैं इने पाल पोस कर बड़ा किया जाता है, इने अपने देश में स्थापित किया जाता है, इनके वोटर आईडी कार्ड बनवाए जाते हैं, इनके राशन कार्ड बनवाए जाते हैं, इने तमाम तरही की मुफ्त की सुविधाएं � ताकि ये कुछ चुने हुए नेताओं को अपना वोट डाल कर जिता सकें।और एक तरीके का समझोता होता है इस प्रकार के घुस्पैठियूं और हमारे देश के कुछ नेताओं के बीच।आप हमें वोट डालते रहिये, हमें जिताते रहिये, सुनिश्चित करते रहिये कि हम

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