From Kashmir to Dhurandhar: Inside India's Secret Wars ft. Aditya Raj Kaul | Shubhankar Mishra
इस्राइल, इरान की लड़ाई, पलेस्टीन की लड़ाई और जो कश्मीर में दंश आपने देखा था।त्याब कभी रिलेट कर पाए?जब हमारा एकजोड़स हुआ, इतनी क्लेंजिंग हुई हमारे साथ, उसके बाद पूरे बारतवर्ष में किसी ने हमारी कहानी नहीं बत क्या जो त्रासदी कश्मीरी परिवारों न जहेली जिनकी बेहनों के साथ रेप हुआ?
तीन बेट्या हैं बड़ी बड़ी बेट्या हैं वो अभी भी लोगों के यहाँ दिलाने के ऐसा हुआ था जानता ही क्या है कश्मीर के बारे में पंचक संत्र लिखा गया वो कश्मीर हमा या तो आप मिल जाओ, या तो यहां से बाग जाओ, या आपको मार दिया चाहें।
जो महिलाएं थी, उनको बोला गया कि आप यहीं रुखे हैं हमारे लिए और आपके जो मर्द हैं यहां से निकल जाएं।लेकिन उस वक्षी नगर करके एक जम्मों में जगा है।लोकल डो� वहाँ पर 3 महीनें तक मेरा परिवार है।और ये लोग कहते हैं कि जूत है सब कुछ।
लेकिन फिल्म बनाने वाले भी कहते हैं कि उसमें कहता जड़ा की जूत मिठाएगा हैं।क्या आपको कहीं लगता है कि कश्मीरी पंडितों ने वो हार मान ली?
अरे डर्पो कॉ कि हमारे जो सिख वाई हैं उनके साथ इतनी बड़ी क्रास्टली हुई 84 में उसके केसे अगर आज भी चल सकते हैं 40 साल के बाद तो कश्मेरी हिंदू के के लिए क्यों नहीं हो सकता?कौन ऐसे लोग थे जोक्या मैं उस कश्मीरी मुसल्मान यंग लड़के को कन्विन्स करूँ जिसने कश्मीरी पंड़ देखी नहीं है?
किसे भी काफिर का इलाज नहीं करेगा।
उसको पिछले 20 साल से बताया गया है कि ये तो जिहाद है आपको लड़ना है।क्या मैं सरकार को convince करूँ कि भाई हम victim हैं आतंगवाद के।मेरे साथ ये हुआ है, मेरे समुदाय के साथ लोगों को मारा गया है, हमारे मंदिर थोड़े धुरंदर के research में आपकी बहुत बड़ी भुमिका रही।
वो क्या mind -set होता है कि भारत की सुरक्ष एजन्सी में शामिल हुआ एक अधिकारी थर्ड क्लास की जिंदगी पाकिस्तान में जाकर जी रहा है।इस आश्चा में कि कि गरोज अपने देश की वो काम आ जाएगा।
वो उसकी तडब्मन यादा आती था।
यह गलब धार्णा है।90 % से ज्यादा लोग जो ऐसे कोड ओपरेशन में जाते हैं वो इंटेलिजन्स एंजिन्सी के लिए काम नहीं करते हैं।ज़रूरी नहीं है वो इंदुस्थानी होता है।लाल किले का हमला होता है।लाल किले पर हम म दाउद अबराहिम जिन्दा है या मर गया है?
लेकिन दाउद अबराहिम जिन्दा है मुझे लगता है, लेकिन मसूर अजर मुझे नहीं लगता कि पूरी तरीके से जिन्दा है।
पड़ी कबर मैं आपको दे रहा हूँ।
मोधी जी इस्राईल जाते हैं, अगले दिन हमला होता
जो इंडिया और इस्रायल के बीच में हुई हैं।
बोदी जी की विसिप्ट से पहले हैं।
इस्रायल क्या बलुचिस्टान में कोई अपरेचियन चला रहा है?
देखिए इसका तो दो ही लोग आपको बता सकते हैं।या तो मोसाद या अनोन गन्बेन।
इस्रायल और कुछ लोग खबरे कवर करते हैं और कुछ ऐसे होते हैं जो अतिहास के सबसे एहमियत रखने वाले पलों के गवाह बनते हैं मेरे साथ जो आज महमान है उनकी कहानी भी ऐसी है कश्मीर की सर्धवाव पलायन के दर्द और सरहत की सच्चाई से होकर गुजरती है चाहे 26 -11 की पर्ते खोलनी हो, आर्टिकल 370 के बात की जमीन को समझना हो, या फिर इरान -इस्राईल युद को ग्राउंड -जीरो पर खड़े होकर कवर करना हो।यह हर बार वहाँ करीब रहे हैं।और अब जब पर्दे पर धुरंदर जैसी कहानी निकल कर आए है, तो उस कहा जो शायद सिर्फ कहाणियों में निकल कर नहीं आते हैं।मेरे साथ मेरे पूर्स ऐयोगी अधित राशकॉल।नमस्कार शुबांकर, बहुत नहीं आते।
"99% accuracy and it switches languages, even though you choose one before you transcribe. Upload → Transcribe → Download and repeat!"
— Ruben, Netherlands
Want to transcribe your own content?
Get started freeहै आपके साथ. NDTV में हमारी मुलाकात यूं नहीं हो पाई यूं बैट कर लेकिन उसके बाद आप से मिलना और आपकी फिल्म का जबर्डस हिट हो जाना आ� पूरे बारत वर्ष की सबसे बड़ी फिल्म बनना ये तो एक इतिहासी है।आदित्यादर का combination मैं तो कहूँगा आदित्यादर का ही combination है मैं एक चोटा सा सिपाही हूँ वो मेरे बड़े वाही है और बहुत अच्छा जितना चोटा मोटा मेरा सईयोग था वो इस फिल्म का था क्योंकि आप भी कश्मीर से आते हैं, आदित धर भी कश्मीर से ही शायद आते हैं।
तो इस पोड़कास को हमने चार हिस्सों में बाता हैं।एक हिस्सा हमने कश्मीर रखा है क्योंकि कश्मीर का जिकर भी फिल्म में रहा।आप कश्मीर से हैं, आदित धर कश्मीर से हैं, आप इस फिल्म के रिसर्श में आपकी बहुत बड़ी भूमिका रही।और एक मतरकार के तौर पर भी मैं थोड़ा आपको एकस्ट्रोर करना चाहूँगा।जरूर।आप जानते हैं कि हम रिपॉर्टर, जनलिस्ट जो होते हैं, बहुत ग्रीडी होते हैं।
जाहतर मैं सवाल पू इसराइल, इरान की लड़ाई, पलेस्टीन की लड़ाई और जो कश्मीर में दन्श आपने देखा था क्या आप कभी रिलेड कर पाएं क्योंको लगता है कहानी एक जैसी है सर जमीन अलग अलग है बिल्कुल सही बात है आप देखिये हमारे साथ क्या हुआ 1990 में मैं करीबन एक
जब मैंने पलायन देखा, जब मैंने देखा कि कैसे आतंगवादियों ने, इसलामी कटरपंथियों ने पूरी तरीके से कश्मेरी हिंदू समधाय के लोगों को मारना चालू किया और उसके बाद जब हमारा एकजोडस हुआ, वहाँ से हमको जबरन निकाला गया जिसको बहुत इवन हिन्दू समाच जिससे हमें बहुत अबेक्षा थी कि कुछ करेगा लेकिन उस वक्ष नहीं हुआ हाँ ये भी है कि वहाँ का उस तब में का जो एको सिस्टम है मीडिया का जो था या पॉलेटिशन्स का था राजनेताओं का था उन्होंने हमारी बात नहीं की तो हो सकता ह तो वो हिंदू, मुसल्मान, इसाही, सिख, जैन, बोध वो कोई भी हो पहले तो वो इंसान है और जब -जब मैं रमला गया जब -जब मैं पलस्तीन भी गया तो मैंने देखा कि बारत की और बहुत ज़्यादा प्यार वहाँ पर फिलिस्तीन में भी और इस्राईल में भी रहा ह प्रणम मुखर जी जो राश्रपती हैं हमारे उनके साथ जाना है और मैं बहुत excited था तो मैं गया और मैं सबसे पहले मैंने जैसे मैं जरुसलम पहुंचा मैंने एक फिलिस्थीनी ड्राइवर को पकड़ा और मैं सीधे रमला चला गया और रमला में मेरा यह था कि मैं चलो शू पैलेस में खड़ा हो गया आदे गंटे तक एक गंटे तक और जो वहाँ पर सिक्यॉरिटी गार्ड था उसको बोला कि मुझे राष्ट्रपर्दी का एंटेव्यू करना है तो उसने बोला तुम पाक है।नहीं हो।मतलब request बेजो, चिठ्ठी लिखो, email लिखो।उसके बाद शायद कुछ हो।तो मैंने बोला मैं तो किसी को जानता नहीं।और 2015 अलग time था, इतना ज़ और उन्होंने बोला की नहीं ऐसा नहीं हो सकता।
तो मैंने बोला मैं खड़ा रहूंगा आप किसी से तो मिल भाईए।तो मैंने बोला सिक्योरिटी जीव्स से मिला जिये।चलीगे।सब सिक्योरिटी जीव्स बहार आये तो बोला कहां से हैं।तो मैंने बोला इंडिया से ह और बोला मैं तो इंडिया से पड़ा हुआ हूँ।तो मैंने बोला ये तो ज़वरदस्त है।
तो बोला क्या चाहिए।मैंने बोला मैंने को इंटेव्यू करना है, प्रणामुखर जी जी जी यहां आ रहे हैं, पहली विजिट हो रही है हेड उफ स्टेट की, इसराईल में भ कुछ पता नहीं था, contact नहीं था।तो ने बोला चली आप email लिखिये, मैं देखता हूँ।तो मैंने email लिख दिया, मैं चला गया वहाँ से।अगले दिन मैं जिरुसलम की पुरानी सडकों पे गूम रहा था।वहाँ पर interviews कर रहा था, shoot कर रहा था।
और अचानक मैंने अपना तो मैंने बोला अच्छा तो मैं आ जाता हूँ कल बारा बज़े तो बोला हाँ आईए आप तो बोला अच्छा कैमरा का क्या सेट अप रहेगा क्या रहेगा तो मैंने बोला देखिये मैं तो एक कैमरा लेके आया हूँ वहाँ से तो उस ही पर करना पड़ेगा बोला नहीं नही वो जो आप छत्री वाली गाड़ी बड़ी ओबी वान देखते हैं वो आपर खड़ी हुई और मैं इंटिव्यू करने के लिए पहुंचा और इंटिव्यू हुआ बहुत अगरसे और उसके बाद उन्होंने मूरा हैंचेक किया मुझे बोला कि मेरे साथ फोटो किचाएंगे तो मैंने बोला कि तो मेरे लिए आउनर होगा फोटो किचाया औ और मेकानिक ते मुझे पूछा कि आप कहाँ से हैं तो मैंने बोला इंदी इंदी इंडिया तो मेकानिक ते मुझे बोला हाँ इंदिरा गांधी मोधी तो मैंने बोला हाँ बिलकुल तो बोला बहुत बहुत अच्छा है तो इंडिया का जो सपोर्ट रहा है और इस बार आपको नेतिन याहू के को मरनी खबर पूरी दुनिया में जब फैल गई थी।सिर्फ उतना ही नहीं हुआ।मेरे खिलाफ भी... F .I .R. F .I .R. बोला कि हो गया है, एरेस्ट हो गया हूँ और ये बोला गया कि मैंने नेतिन याहू की लोकेशन जो है रिवील की।
हा हा मतलब मैं सुबह तीन या चार दिन के लिए इसराईल गया था।
कपड़े भी उतने ही पैक किये थे।दो सूट थे और दो जोडी कपड़े थे।और ये था कि मैं शनिवार तक वापस आ जाओँगा बारत।लेकिन हुआ ये कि जब मैं वहाँ पर पहुँचा और वापस जब मैं एर्प इसमें बैक स्टोरी में मैं पता दूँ, दफ़तर ने मुझे बताया कि आप फ्राइडे को वापस आ जाएगे क्योंकि थर्स्डे को विजित खतम हो रही है।तो मैं लगा ठीक है।लेकिन मैंने सोचा कि साटिडे को शबाद है और शबाद जो है एक जूइश फेस्टिवल ह
जिसमें सब लोग घर पे रहते हैं कोई Electronic किसी चीज़ पे हाथ नहीं लगाता फोन नहीं लगाता परिवार के साथ रहते हैं यह हर Friday और Saturday को होता है और मैंने सोचा जब भी ऐसा कोई बड़ा हमला होता है या जंग होती है इस्राइल प्रफर करता है कि Saturday को किया ज जैसे ही एरपोर्ट पहुँचा, गाड़ी से निकला और अचानक से साइरन बजने लगे।और मेरा एक वीडियो भी है वो पहला हुआ, NDTV पर वाइरल हुआ कि मैं सोच रहा हूँ कि ये हो क्या रहा है?तो मैंने अचानक वीडियो आउन किया, जर्णलिस्ट का थोड़ा सा इ इसके बाद हुआ क्या कि मैं लगाता रिपोर्टिंग करता रहा अब तो पता लग गया कि देखिए अब रुखना पड़ेगा अब जा नहीं सकते एरिंड्या की फ्लाइट जो आ रही थी वो यू टर्न करके वापस बंबई चली गई और ये बस पश्ट हो गया कि इरान के खि अमरीका ने और इस्राईल ने एक जंग छेड़ दिये।पहले बोला एक प्रीम्टिव स्ट्राइक है लेकिन जंग शुरू हो गई थी।अब कुछ दिनों के बाद बैच्चमेश करके एक जगा है।वहाँ पर बताया गया कि इरान का एक बहुत बढ़ा हमला हुआ।
जिसमे तो उन्हें बोला ये पास में दस मिनिट तो मैंने बोला देखिये जाना चाहिए बहुत वहाँ पर जो है चीज़ें शती गरस्थ हुई हैं गर तबा हो गए हैं लोग मारे गए हैं तो एक बार जाना चाहिए कुछ मिनिट के लिए वहाँ से रिपोर्ट फाइल करते हैं तो उतो जैसे ही वहाँ पहुँचे मैंने देखा सिक्योरिटी बहुत लगी हुए।तो मेरे कैम्रेपरसन जो एक फीमेल थी उन्हें मेरे को बोला देखिए मैं तो 30 साल से रिपोर्ट कर रही हूँ कभी भी ऐसा अटाक होता है तो कोई सिक्योरिटी नहीं होती ये पहली बार में � तो सिक्योरिटी के लिए हम वहाँ पर रुके हमारी चेकिंग हुई पासपोर्ट देखा गया बोला गया क्यूं आये हैं आप कहांसे आये हैं ये सब करीबन 15 -20 मिनट आदा गंटा ये चला उसके बाद एंट्री मिली तो देखा पूरा करीबन 10 -15 गर तवा हो गये हैं बहुत म मॉइना कर रहे हैं देख रहे हैं कि कितनी हानी हुई है यह हुई है अब यह सब हो गया उसके बाद वहाँ हीबरू मीडिया था मतलब लोकल जो इसराईली प्रेस है वो नेतिन याहू के साथ बाची तो उनने शुरू की मुझे कुछ समझ नहीं आया तो आखरी में मैंने उनस तो उन्होंने शायद सुना नहीं या मुझे इग्नोर कर दिया देखिये सचाई की बात तो यह है कि उन्होंने सोचा नहीं होगा कौन है क्या है हाला कि उनके दफतर के लोग मुझे जानते हैं तो उन्होंने मुझे देखा लेकिन वो चले गए फिर वो मॉयना करने लगे और � बिल्कुल मैंने मोधी जी से कल रात को बात की और इस्राइल में लोग जो हैं इंडिया की बहुत तारीफ करते हैं रिस्पेक्ट करते हैं प्यार करते हैं और regional situation के बारे मैंने मोधी जी से बात की और ये हुआ है लेकिन मैं details नहीं दूँगा तो मेरे को तो global exclusive बड़ा ज़व तो मैं तो एकदम शॉक में हो गया कि बई ग्लोबल एक्स्क्लूसिव मिला मुझे और ख़तम हो गया फिर मैं देखा मुन्सिपलिटी का एक वर्कर था वहाँ पर इस्राइल का वो भी सेव वीडियो रिकॉर्ट कर रहा था तो मैंने उसको पगडा की बाई वीडियो दिया जातो फिर उसने मुझे वीडियो दिया और पूरा मेरा जो सीक्विन्स था उसमें रिकॉर्ड था।लेकिन कहानी अब शुरू होती है करीबन 10 -15 दिन बाद मैं नोटिस तो अचानक से देखा गिया कि फेस्बुक पे एक पाकिस्तानी सोचल मीडिया कोई अनून पेज है बहुत लाकों के फॉलोवर्स हैं उन्होंने ये रिवील किया कि आदित्या राजकॉल आखरी ऐसे पतरकार थे जिनने नेतिन याहू को देखा था तो उन्होंने लोकेशन अटाक कर दिया और इरान ने अटाक कर दिया और मार दिया तो उनने कमपेर किया जैसे करगिल में हुआ था एक महिला पत्रकार वहाँ गई थी वहाँ पर भी ऐसे हमले हुए बहुत चारे ऐसे कमपेर किया तो मेरी ट्रोलिंग होने चाले वो तो अब क्या हो गया अब ऐसी स दो दिन के बाद रिवील करते हैं यही पाकिस्तानी और फिर तस्नीम नीज एजन्सी जो एरान की है कि अदित्या राज कॉल को इस्रेली पुलीस और मोसाद ने अरेस्ट कर लिया है क्यूंकि इन्होंने लीक कर दी थी और नेतन याहू मारे गए और साथ ही में बोला गया कि ज suspense तो ठीक चलता रहता है।
हाँ पर उनको जरूरत क्या थी मतलब वो recorded था नहीं वो आपको पता दुनियों पता था बट उन्होंने भी चार पांच दिन अच्छे से महौल बनने दिया की नेतन याहूं मर गए सब कई लोग खुश हो रहे थे इंडिया में भी बाहर भी की देख
बार वो अंडर ग्राउंड से काम करते हैं अंडर ग्राउंड टनल्स में उनके दफतर हैं जो कमान कंट्रोल सेंटर्स हैं पूरी तरीके से अंडर ग्राउंड हैं करीबन सो मीटर नीचे तो वहाँ से सारा काम narrative war चल रहा है एक तरीके से बड़ जंग के बीच में तो यह तो फाइदा ही है कि location reveal नहीं हो रही कुछ नहीं हो रही अपना काम आप करते रो लेकिन फिर वो मजबूर हुए फिर वो काफे में गए वहाँ पर coffee ली उसमें भी मैं वो काफे गया मुझे लोगों ने बताया कि हा� खेर हम कोशिश करते हैं कि आप से कुछ रिवील करवा ले आप क्योंकि ये वार आपने पूरी कवर की जी अब मैं वार धुरंदर कश्मीर सब मिला के चल रहा हूँ मेरे लिए सब मिक्स वेज हो गया है धुरंदर में एक बड़ा च्छा डायलॉक है कि तुमें क्या लगा था कि इंडिया को भी confidence में लिया गया इस्राइल जो हमारा एक अच्छा दोस्ट रहा है और उसके बाद ये बड़ा आटेक हुआ हो या आपको लगता है कि आप जैसे unaware थे ऐसे ही PM भी unaware रहे होंगे कोई कहानी नहीं पता हो किसी को या नहीं इतना बड़ा इत्तफाक नहीं होता देखिये मुझे नहीं लगता कि इंडिया को कुछ confidence में लिया गया होगा क्योंकि ये बहुत ही एक sensitive operation है मुझे लगता है अमरीका और इसराईल इसको साथ में लेकर चल रहे होंगे हो सकता है कि उन्होंने आपस में बादचीद की हुआ अमरीका और इसराईल तो था ही साथ में
भारत गया destruction था, nobody expected कि अभी तो मोदी जी की आत्रा चल रही थी, अभी कहां से वार हो जाएगा।
देख इस्राइल के परस्पेक्टिफ से सोचे तो लगता है कि भई एक अच्छा डिस्ट्रेक्शन उनको समय मिल गया काम करने के लिए लेकिन अगर आप देखें, बहुत समय से अटकले चल रही थ अलग तो उस वक जब विजिट हुई मैं आपको ये भी बतातू हूँ इसका भी हिस्टोरिकल परस्पेक्टिव है नौ साल से प्रदार्मंद्री मोदी की विजिट नहीं हुई थी पिछली पार आइ थिंग 2017 या 2018 के आसपास ये विजिट रही थी अब नेतिन याहू वारत आने वाले थे लेकिन जैसे ही वो वारत आने वाले थे उस वक्त लाल किले का हमला हो गया तो यहाँ पर सिक्योरिटी सतर्ख हो गई और पहले भी आपने देखा की एक दो बार इस्रा चाहे strategic cooperation हो, चाहे FTA हो, मतलब जो business deal होती है, जो trade deal होती है या फिर खासकर intelligence sharing और defence mechanism जो है manufacturing को लेकर उस पर इंडिया और इसराईल साथ आना चाहते हैं और इसमें बहुत एहम चीज मैं आपको बताना चाहता हूँ कि जब करगिल हुआ तब इस्राइल ने हमारा पूरी तरीके से साथ दिया।जो कर्गिल में बहुत सारे एमनिशन यूज किये जा रहे थे वो इस्राइल की तरफ से आ रहे थे और ये उस वक्त पब्लिक नौलेज़ नहीं था ये कई टाइम के बाद सामने आया।और अभी जब गाजा में हमास के खिलाफ हमला चल रहा था तब ये रिवील हुआ ये मैंने नहीं बोला ये किसी सरकार नहीं बोला एक राजदूत हैं पुराने इस्राईल के इंडिया उन्होंने बोला कि जैसे कारगेल में इस्राईल ने इंडिया की हेल्ब की थी और इंडिया फैल्इस्राइल की मदद कर रहा है और हम इंडिया के लिए ग्राटिटूट करते हैं वो क्या मदद थी कैसे हो रहा था क्या हो रहा था ये अभी तक किसी को नहीं पता लेकिन एक जो इस्राइल में मुझे पता चली और वो ये है कि इंडिया और इस्राइल जो है बहुत चीज़ें पबलिक नहीं करता लेकिन ऐसी कुछ डिफेंस डील्स मुझे ऐसा लग रहा है और मुझे टॉप सोर्सेज ने कंफर्म किया है कि जो इंडिया और इस्राइल के बीच में हु और वो इसलिए भी हो सकता है देखिए आइरन डॉम अभी कहां से आता है उसका जो विसाइलिंग और बाकी चीज़े हैं वो अमरीका से आती हैं लेकिन क्या इसराईल ट्रम्प पर पूरी तरीके से विश्वास कर सकता है क्या यही तो कुई नहीं कर सकता ट्रम्प पर कु� नेतिन याहू कन्विन्स करते रहे ट्रम्प को कि आप युद में जो हैं आईए और इरान को हम इरान की जो वो कहते हैं रेजीम है इसको खतम करेंगे लेकिन अमरीका उस वक नहीं आया है उन्होंने बी टू बॉम्बर्स जो हैं नूकलेस साइट्स में बेजे एक मेसे ट्रॉम्प जो है पूरी द्रिगे से ट्राप हो गए।आप देखिए न जंग जो 40 दिन चली उसमें विन -विन सिच्वेशन इस्राइल का हुआ।उनकी सिक्योरिटी गारेंटीज पूरी तरीके से ये हुई कि अगले 10 साल या 5 साल या 15 साल इरान की या फिर उनके जो प्रॉ
वो same buffer zone लेबनन में वो बना रहे हैं लेबनन की बूमी पर और इरान को पूरी तरीके से उन्होंने एक weak कर दिया है एसा नहीं है कि इरान खतम हो गया हा लेकिन टॉप leadership को उड़ा दिया इतना बड़ा जो सूपर पावर कहता है उनको, अमरीका, वो कहता है कि इरान को हमने तबाह कर दिया, उनके मिसाइल लॉंच पैट खतम कर दिये, उनकी नेवी एरफोर्स खतम कर दिये, ट्रम बर -बर कह रहे हैं, लेकिन आज भी हमला हो रहा है।आप देखिए हम जिस दिन य और सीसफायर के बाद भी बारा गंटे से जादा बीद गए हैं और पूरी तरीके से हमले जारी हैं यूई में सत्रा मिसाइले गिरी हैं और इस्राहिल कहा रहा है कि हाँ सीसफायर है हम भी समर्थन करते हैं लेकिन लिबनन में जो हिसबुल्ला के खिलाफ अमारा ओपरेशन है � security guarantee रहे दूसरा अगला जो चुनाव है वो नेतिन याहू जीते हैं।
अब मेरे को यहाँ पर एक सवाल मेरे सहन में आता है।मैंने कुछ दिनों पहले एक इस्राईल को लेकर story की यहूदियों पर कि 3000 साल की उनकी आत्रा कैसे रही जीजिस क्राइस के पहले से लेकर जीजिस क्र अस्तिलाक लोगों के अबादी वाला देश जिसने दुनिया के ख़िलाव जाकर अरब कंट्रीस के बीच में होकर भी अपनी जमीन के लिए लड़ाय लड़ी दुनिया भर से यहूदी जो है जब भी जंग होती है वापस रौट जाते हैं इस्राइल वो जाकर लड़ते हैं एकपंडित होने के नाते क्या आपो कहीं लगता है कि कश्मेरी पंडितों ने वो हार मान ली क्योंकि मैं समय वाला वीडियो जो आपने शेर भी किया था उसमें था कि अगर दुश्मन बड़ा हो तो भागने में बलाई होती है शहादत देने में नहीं लेकिन मैं इस्राईलियों क देशी भाषा मैं कहूँ तो सबकी इस्रायल से फड़ती है और भारत जैसे देश भी इस्रायल की टेकनॉलॉजी को लेकर आज हम काफ़ी सेक्यॉर फिल करते हैं।
देखिए आपको इस सवाल के लिए एतिहास में जाना पड़ेगा और इस अंदर में देखना पड़ेगा इस्लामित कंटरपंथी जो हैं हिन्दूओं को मारते आये हैं सिक्खों को मारते आये हैं कश्मीर में ये 90 से ही शुरू नहीं हुआ ये कई दशकों से शुरू हुआ है इन फैक कश्मीरी हिंदूं का आप इतहास देखेंगे साथ पलायन हुए हैं पिछले कई सालों से और इस वो हमले करते हैं कश्मीर के जो कश्मीरी मुस्लिम आतंगवादी थे चाहे वो यासिंग मलिक हो बिट्टा कराटे हो जेके एलफ के लोग हो हिसबुल मुझाहिदीन के लोग हो वो प्रायजित तोर पे जो प्रॉमिनेंट कश्मीरी पंडित हैं चाहे वो जज हों चाहे वो ले वो जाना जाता है विस्दम के लिए, knowledge के लिए हम हत्यार उठाने के लिए नहीं जाने जाते हैं और मैं गर्व से ये कहता हूं बार बार कि हमने बंदूक नहीं उठाई और हमें बंदूक नहीं उठाने हमकलम उठाने वाले लोग हैं हम बंदूग नहीं उठाते हैं लेकिन क्या उस वक्त हिंदुस्तान जो पूरा था या हिंदु समदाए जो पूरा था या उस वक्त की जो political parties थी चाहे वो BJP गॉल्फ खेलने लगे लंडन में और कश्मीरी पंडितों पर क्यों सवाल आता है और पिछले 30 साल से ये प्रोपगांडा फैलाया गया कि जगमोहन जो है उन्होंने कश्मीरी पंडितों को वहाँ से बगाया क्या ऐसा कभी होता है मुजफर नगर में दंगे हुए मैं एक महिन कि एक लाख लोग वहाँ से दिल्ली चले जाएं और बीसपी के एमपे के कहने पे या गॉवर्णर के कहने पे और ये पलायन हो जाएं।ऐसा नहीं होता।ये फियर साइकोसिस होता है।और अगर 95 -97 % population मुसलिम है और पूरी तरीके से चुप है वहाँ जो नेबर्स हैं वो भ बहुत असे instances हैं।तो उस वक्त आप कैसे कह सकते हैं कि कश्मीरी पंडडो को बंदोग उठानी चाहिए?
Transcribe all your audio with Cockatoo
Get started freeक्या हम anarchy हैं?क्या हम democracy हैं?वहाँ पर तो army का काम है, police का काम है, air force का काम है।अब मैं आपको एक सवाल पूछता हूँ. इंडिया democracy है।इंडिया में justice का बहुत बड� यासीन मलिक के खिलाफ पिछले 35 साल से केस चल रहा है कि उसने कश्मीरी पंडितों को भी मारा है।और एरफोर्स के लोगों को भी मारा है अब मैं कहता हूँ मैं बार बार ही इसको कहता हूँ दोराता हूँ इंटेव्यूस पर जब मैं बात करता हूँ कश्मीरी पंडितों को भुला दो यासिन जो विक्टिम्स हैं जेनोसाइट के, जो विक्टिम्स हैं तेररिजम के, उसके खिलाफ़ आप सवाल उठा रहे हैं।
और मेरे को भी ट्रोलिंग होती है बहुत सोचल मीडिया पे।अरे डर्पोक कॉम हो आप।अरे बगोडे, किस बात के बगोडे भाई?अगर तुमारी उत और मैं वहाँ पर हमने घर थो खोया मेरा घर जला दिया गया आतंगवादियों दोरा पूरी तरीके से लेकिन उसके बाद भी आज मैं आतंगवादियों के खिलाफ दो टूक बोलता हूं टीवी पे भी बोलता हूं, रिपोर्टिंग पे, इवेंट्स पे भी बोलता हूं और मे और हम पे सवाल उठाय जाता है कि आप क्यों नहीं आप पर आपने क्यों नहीं आवाज उठाई हम तो आज भी आवाज उठा रहे हैं मेरा इस पे एक सवाल मेरे जहन में आ रहा है कि पूरे इंडिया में पूरे भारत में जब article 370 हटाय गया तो ये चर्चा थी कि कश्मीर में current government भी बाते करती आई कि हम उनको हग दिलाएंगे फिर जो आपकी ये पीडा है ये शिकायत है कि एक को भी convicted नहीं किया गया वो सुरक्षा आप नहीं दे पाए सिर्फ कहानियों तक हमें सीमित कर दिया गया
यह क्यों हुआ?क्या इस Government में इंटेंशन नहीं है?अलग -अलग कारणों से हुआ।
मैं आपको बताऊं शुबांकर कि पहले तो 15 साल से 20 साल, 90 से लेकर एक लेफ्टिस्ट ईकोसिस्टम � जो बिल्कुर डिनाइ करता गया कि नहीं कोई एक्जोडस नहीं हुआ कश्मेरी पंड़ जो हैं मिले हुए थे और कोई असली कहानी तो कश्मेरी मुसल्मानु की है उनके साथ इंडिया जो है जात्ती कर रहा है अलगावादियों को स्पेस दिया गया कुछ ऐसे न्यूज चैन कुछ ऐसे पतरकार थे।पुठानमंत्री तक से मुलाकात करवाई गई उनकी।करवाई गई।वहाँ पर बिर्यानी खिलाई गई।मन्मोन जी की तस्वीर आज भी वाई गए।मैं मन्मोन सिंग जी की बहुत इजदत करता हूँ।
लेकिन आप देखिए मन्मोन सिंग भी औ उसमें से एक मेरा बच्पन का दोस्त भी था।फिर उसको मनोज रगवन्सी पूछते हैं कि क्या आप कोई बोले कि अपनी माँ को मार दिये कौज के लिए आप मार दोगे।यह दो हाँ, मैं अपनी माँ को भी मार दूँगा।ये है इस्लामी कटरबंती अब आपने बिल्कुल सही सवाल पूछा मुझे कि सरकारों ने क्यूं कुछ नहीं किया अब ये तो सरकारे बताएंगी क्यूं नहीं किया तो पहले कॉंग्रेस और लेफ्टिस्ट और मिल्जुली सरकारे आईं उन्होंने पूरी तरीके से कोई बा� और मुझे लगता है कि बिल्कुल प्रदामंत्री मूदी और अमिच्छा जी को इसका क्रेड़िट देना चाहिए कि आर्टिकल 370 तो पचास साल पहले ही चला जाना चाहिए था।आज से साट साल पचास साल पहले अटलवेरी वाजपाई ने 370 के खिलाफ स्पीच दी थी पालआप इतिहास में अगर इसको नहीं हटाएंगे तो आगे problem होगी।
तो ये बहुत अच्छा कदम उठाया।लेकिन इसमें दो चीज़ें हैं।Article 370 को एक ऐसा एक narrative बनाया गया कि इससे आतंगवात खतम हो जाएगा।मुझे याद है उस वक्त कई मुख्यमंतरी थे जो ये बत ये तो खतम हो जाएगा, आत्यंगवात खतम हो जाएगा।आर्टिकल 370 का आत्यंगवात से कोई लेना देना नहीं है।आर्टिकल 370 एक policy decision था, जिसके तहद एक special status दिया गया था।
जो center की policies थी, वो कश्मीर में apply नहीं हो सकती थी।और वहाँ का जो land और law and order था, वो � जो मैं आपको कहूँ कि दलित समाच था।उनके साथ discrimination होता था कि जो वहाँ पर municipality के workers हैं, जो जाडू लगाते हैं, सफाई करते हैं, सफाई करमचारी हैं हमारे, वो कई सालों पहले पंजाब से आए थे।और उनको बताया गया कि आपके बच्चे अगर यहाँ पर जेन के सरक और ये लोग कहते हैं कि discrimination नहीं है और महिलाएं जो जमू कष्मीर की थी हैं उस वक्तो लदाक भी जमू कष्मीर और लदाक वो अगर जमू कष्मीर लदाक से बाहर शादी करती हैं तो कहते हैं आपका property का कोई हक नहीं है आप अगर तमिलनाड, कलक़ता, दिल्ली, पंजाब कह एक मेरी अपेक्षा थी कि मोदी सरकार या सुप्रीम कोट या मोदी सरकार और मोदी सरकार के लिए तो बहुत आसान होता एक कमिटी का आप गठन करिये और आप बोलिये कि 90 में जो भी हुआ चाहे वो एथनिक क्लिंजिंग था जेनोसाइड था एक्जोडस था और ये जो कट्और अलगावादी जगमोन की थियोरी लाते हैं।ये एक बार में आप तई करिये ना।
आप एक notice करिए कि ये चार लोग हैं कमिटी में, former supreme court judge, कोई governor, etc. और ये investigate करेगा कि 90 में हुआ क्या, उसको आप term दीजिए. और जितने भी victims हैं, आप appeal करिए कि जो बातचीत करने के लिए आए, वो सामने आए. इससे क्या होगा कि इतिहास में ये बताया जाएगा कि 90 में हु� जो petitions कश्मीरी पंडित दायर करते हैं उसको reject कर देता है कहता है कि नहीं बहुत साल बीद गए हैं अब इसमें जाने के जौरत क्या है अरे मैं कहता हूँ कि हमारे जो सिख भाई हैं उनके साथ इतनी बड़ी त्रास्थी हुई 84 में उसके cases अगर आज भी चल सकते हैं 40 साल के ब तो यही त्रासती बार -बार हो रही है।एक आख्री बाद मैं आपको कहूंगा कि जैसे इनिशिली हमने देखा कि कॉंग्रेस ने कुछ नहीं किया और बीजेपी भी अब कश्मीरी पंडितों का कहती है कि नहीं हम सांत्वना रखते हैं लेकिन कमिटी का गठन नहीं करती तो � मैं कश्मीर को लेकर पढ़ रहा था आप ने जखर किया पुराने अंदलोन का शामा परसाद मुखरजी जी कहानी शामा परसाद मुखरजी जी को पंजाब तक नहीं रोका गया कश्मीर जाने दिया गया उनकी मौत की थियोरी आज भी थियोरी है उनकी माता जी ने उस दोर में
हो जाती है वो मौत जिसको लेकर उनकी माने सवाल उठाए पोस्मार्टम क्यों नहीं हुआ और बहुत सारे थियोरीस थी जिससे पंडिज जवाहलाल नेहरू ने कहा कि मैंने व्यक्तिकत तौर पर जाच की है सब सही है लेकिन वो फाइल आगे नहीं दी गई वो ही विचारधा जहां हुए बलेदान मुखर जी वो कश्मीर हमारा है।
यह तो नारा लगाता है बीजेपी आरेसेस हर जगा।लेकिन बहुत एतिहास में ये देखा जाएगा और मैं बार बार इसको कहता हूँ की कश्मीर में 90 से लेकर या उससे पहले भी जो जो गतविदियां हुई इसमें � कौन ऐसे लोग थे जो हुरियत या JKLF के कुछ नेता हैं उनको पैसा प्रोवाइड करते थे उनको लगजरीस प्रोवाइड करते थे उनके खिलाब जो केसेस हैं कहते थे आरे टेंशन मत लो हम समाल लेंगे क्या ये आईबी के कुछ लोग थे क्या ये इंडिया की इंटेलिज मैं नाम नहीं लूँगा क्योंकि deformation case होगा उसके बाद लेकिन एक हमारे पूर्व एक intelligence के chief रहे हैं जो पूरी तरीके से अपनी किताब में भी लिखते हैं कि हुरियत का गठन कैसे हुआ क्या -क्या चीजें वहाँ पर हुई पारुक अब्दुल्ला के बहुत अच्छे दोस्त ह सच्चाई है तो इंडिया की इंटेलिजन्स को भी कटगरे में ख़ड़ा करना पड़ेगा आपको अभी नहीं लेकिन 90 से लेकर करीबन जो है 10 -20 साल तक क्या -क्या वहां पर गतिविदियां हुँ ही क्या हुआ और90 से पहले भी एक वाकिया है एक intelligence की conference हुई थी वहाँ पर और जो intelligence के सारे लोग वहाँ पर थे बहुत लोगों का नाम जो है वहाँ पर लीक हो गया था कि ये ये intelligence के लोग बोरे बारत से वहाँ पर आय कि कौन ऐसे लोग थे जोने नाम रिवील किये।
मैंने अभी एक इंटेव्यू किया रविन्दर कौशिक के परिवार का।उनके परिवार ने भी मुझे से एक बात कही कि रविन्दर कौशिक की मौत इस वजह से हुई थी या रविन्दर कौशिक को पकड़ा इसलिए गया था और वो लोग साथ मिलकर तसकरी करते थे तो वो रिपोर्ट चली गई थी जिसके बाद जो नया एजेंट गया था जिसको फसा कर जो पकड़ा गया था लाहौर में उसको उस एजेंट ने रविंद्र की फोटो दिखा दी थी देखिये और फिर भेजा गया था और पाकिस्तान � ये उनका वर्जन है जो नोंने पॉड़कास में जिकर भी किया है।
देखी पहले तो मैं आपको कमेंड करता हूँ क्योंकि मुझे नहीं पता था कि रविंदर कोशिक का परिवार ऐसे यहाँ पर है और बाचीत करने को तैयार होगा. तो आपने मुझे लगता है कि इतिहास के � की इरान में हो, पाकिस्तान में हो, बाकी जगाओं पे हो कुछ ऐसे राजनेता या राजदूत या बाकी लोग रहे हैं जुनने नाम रिवील की हैं अब किस चीज के लिए रिवील की हैं ये तो आपको ओडिट करना पड़ेगा एक लिएaudit और देखना पड़ेगा क्या उनको कटगरे में क्यों नहीं खड़ा किया गया अब मैं आपको दूसरी कहानी भी एक humanitarian side पे बताओं की मैं करीबा 18 साल से पतरकार ह वो serious condition में है, ICU में है, कुछ भी हो सकता है।तो उनकी बेहन है, I think डलबीर कोर या डलजीत कोर और मैं इंडिया गेट के पास एक government accommodation में गया वहाँ पर देखने के लिए।उसी रात जो है सरबजीत को मारा गिया।मुझे नहीं पता कि सरबजीत एक innocent farmer थे या spy थे या क्या थे� और उनके लिए कोई कहानी नहीं लिख रहा उनके लिए कोई कुछ नहीं कर रहा और तभी हमने दुरंदर भी बनाई कि दुरंदर में हम ऐसे अन्नों गन्मेन को एक सिलूट कर सकें और जो बारत की जंता है उनको सिलूट कर सकें उनकी कहानी जो है सामने आई ही कुलबूशन � क्या है लेकिन ये तो सपच्च है कि कुल्बूशिन जादो कोई इरान से किड़नाट किया गया था और उनको दिखाए जा रहा है कि बाई वो रॉक स्पाय है एटसेल्ट राय एविडेंस कुछ नहीं है तो ये तो सचाई है कि कई ऐसे हमारे अनून ब्रेवा हार्ट्स हैं कई सो उसी दिन रविन्दर की और बिटाई होती थी क्योंकि यहां से कोई वो इंफ़र्मेशन वहां भी लीक करता था।यह तो है देखिये इंटेलिजन्स ओपरेशन में अन्पॉर्चिनेटली यह होता है की आप
publicly या कैसे भी claim नहीं कर सकते कि ये हमारे लिए क्लेम तो आगे की बात है वो कहे रहे हैं जब वो चिठ्ठियां यहां दिखाते थे कि देखी हमारे पास सबूत है रविन्द ने चिठ्ठी भिज़वाई है उर्दू में लिखी हुई है कि फ और जैसे वो दिखाते थे यहां से information फिर वहाँ पहुंचते थी और फिर उनकी पिटाई होती थी।
उनको जिन्दा रखा गया था।कोई ना कोई लीक करता था information कोई ना कोई इंसान था यहाँ पर अपने system में जो नहीं चाहता था कि वो जिंदा रहें या उनको मार दिया जा की पहले ऐसे इंडियन डिपलोमाट जिनको फॉरें टरिटरी पे ओन एसाइन्मेंट इन लाइन ओट ड्यूटी मारा गया रविंदर मात्रे रविंदर मात्रे 1984 में इंडियन डिपलोमाट थे बर्मिंगम में एसिस्टेंट हाई कमिशनर थे वहाँ पर और आई थिंक इंद्रा वहाँ पर कुछ JKLF के लोगों ने उन्हें अगवा कर दिया और उनको लगा कि हम अगवा करेंगे तो हमारा नाम बहुत जादा होगा उनने JKLF का नाम अटाके KLF अपना नाम रखा और बोला हम नय संगठण हैं KLF हमने इनको अगवा कर दिया है दो दिन के बाद जो स्कॉटल मैंने कई सालों के बाद अभी, 2022 -2023 में मैंने डीटेल में इसको पढ़ा, समझा और मैंने सोचा इस्पे तो थोड़ा सा इन्वेस्टिगेट करना चाहिए।और मैं कुछ लोगों से मिला।उसमें से एक जो हैं हाश्मी, वो इंडिया के पहले हाईजाकर रहे हैं।गंगावन में शायद जो हाइजाक हुआ था और उनसे मैं इंटेव्यू कर रहा था गंगा के वारे में तो अचानक से रविंदर मातरे की बात हुई तो मैंने उनसे पूचा रविंदर मातरे का यासा हुआ आप कभ थे कहा थे बोला मैं वही था वर्मिंगम में मैंने बोला अच्छा पहली बार 40 साल में मैंने डॉक्यॉमेंटरी बनाई और इंडियन इंविस्टिगेशन और इंविस्टियेटर्स के लिए सामने रखा कि मसरत नाम का एक बंदा है उसका फोडोग्राफ अब का और तब का सामने लाया और बताया कि इसने जो है मारा है और मसरत आज भी पी ओ के क क्यूंकि उसको लगता है कि इंडिया की agency का कोई unknown man है वो हमें मार देगा बड़ त्रासिदी तो यह है कि 40 साल बीद गए इस वाकिय को इंडिया का पहला diplomat रविंदर मात्रे जो मारा जाता है यूके की दर्थी पर ना तो यूके की पुलीस इसमें नियाय दिला पाती है ना इ कश्मीरी पंडितों को लेकर जो मुझे सबसरा पीड़ा जिस बात की होती है वो यह होती है कि जो त्रासदी घटी वो अभी भी लोगों के याकिन दिला रहे हैं कि ऐसा हुआ था कश्मीर फाइल्स जब आई थी तो मैंने सारी घटनाओं को गूगल पर यूट्यूब पर जाक क्या जो त्रासदी कश्मीरी परिवारों न जेली जिनके बेहनों के साथ रेप हुआ
दुकाने जला दी गए जिनके घर छीन डिये गए जिनको पूरी अपनी ही देश में आज रिफ्यूजी बना के छोड़ दिया गया यह अलग बात है कि आप जैसे 1989 में मेरा जन्म हुआ जिस दिन मेरा जन्म हुआ कश्मेरी उनिवर्स्टी में पहला बहुत बड़ा बॉंब्लास्ट हुआ और उसी दौरान हमारे जितने भी प्रॉमिनेंट कश्मेरी हिंदू थे चाहे वो टिकलाल टपलू हों चाहे वो सरवानन कॉल प्रेमी हों चाहे वो ज क्यूं मारा?क्यूंकि वो इंडिया के Constitution में believe करते थे इंडिया को represent करते थे और जैसे ही ये चुणचुण टर्गेटिट किलिंग्स हुईं अचानक 19 जन्वरी 1990 को मस्जिदों से वहाँ पर आवाज निकली कि कश्मेरी हिंदू यहां से निकल जाएं।रलिव, गलिव, चलिव और कश्मेरी हिंदू जो महिलाएं थीं उनको बोला गया कि आप यहीं रुकियें हमारे लिए और आपके जो मर्द हैं यहां से निकल जाएं।ऐसे स्लोगन्स मस्जिदों से वहाँ पर लगे।और अचानक 19 जन्वरी मेरा परिवार भी तब निकला, मेरी बस की टिकेट उस समके बल्बूते पे है लेकिन उस वक्त हमने सब कुछ खो दिया अपना इतिहास खो दिया और हमारा परिवार और कश्मेरी हिंदू समुधाय के हजारों लोग कैम्पो में आ गए जम्मू में मैं बक्षी नगर करके एक जम्म तो तीन महीने हम वहाँ पर रुके और मैं respect करता हूँ, salute करता हूँ मेरे माबाब को कि उस वक्त उन्होंने एक call ली कि अगर हम जम्मू में रहेंगे तो ठीक नहीं रहेंगे हालात हमको दिल्ली जाना पड़ेगा, लड़ना पड़ेगा और अपने लिए कुछ करना पड़ेग तो दिल्ली की गर्मी में हम एक कमरे में रहे जहांपर कोई खिड़की नहीं थी, कोई -कोई सुविधा नहीं थी।
उसके बाद दिल्शाद गार्डन में तीन साल तक रहें।मेहनत की, मेरे परिवार जो हैं, जो मेरा जो फादर हैं, वो पब्लिशर हैं।तो उनने किताबें मेरी मदर भी जो PhD हैं वो अपने बल्बूते पर उन्हें सरकार में नौकरी ली इंद्रागांधी राश्यकला केंदर में और वहाँ पर 30 साल तक 35 साल तक काम किया तो ये कोई सरकार नहीं आई हमको पैसा देने के लिए कोई सरकार नहीं आई कि आप नौकरी ले लो आपका घर � आज वो अपने बल्बूते पर CEOs हैं, Entrepreneurs हैं, दुबाई में, अमरीका में, यॉरॉप में, अलग -अलग Fields, आप मीडिया की बात लीजे, मीडिया में आज कोई ऐसा चैनल नहीं हो गईया अकबार नहीं होगा जहां एक एडिटर कश्मीरी पंडित नहीं है तो ये हमारे साथ हुआ और ये एक सिस्टेमाटिक कैम्पेइन चली और मैं नाम लेने में कोई हिचके चा चाहे वो वरवर राउ हो, चाहे वो अरुंदती रोय हो, चाहे वो संजै काक हो, चाहे वो नन्दिनी हकसर हो।जितने भी ये बुद्धी जीवी अपने को कहने वाले लोग थे, जो यासीन मलिक को सपोर्ट करते थे, गीलानी को सपोर्ट करते थे, ये बार -बार संगोष्� इनके साथ क्या हुआ?असली त्रास्थी तो कश्मीरी मुसल्मान के साथ वहाँ हुई।
मैं तो कहता हूँ आप ट्राज़ेडी को कमपेर क्यूं करते हैं?कश्मीरी मुसल्मान के साथ भी उसके साथ हुआ जो आतंगवाद के खिलाफ लड़ा. लाइशनल कॉंफरेंस के बहु लेकिन हमने तब भी कलम का जरीया अपनाया और मैं अपने घर को मिस करता हूँ मैं बार बार आज तक करीबन दो तीन डजन बार कश्मीर गया हूँ करीबन 40 -50 बार लेकिन कभी वो घर देखा आपने जहां पर आपका वरिवार था वो तो जला दिया तो मैं वहाँ पर गया 2013 मे तो वहाँ पर गया वहाँ पर हमारा एक मंदिर अभी भी है लेकिन वो मंदिर पूरी तरीके से तोड़ दिया गया है जो पेड़ था जिसकी हम पूजा करते थे वो पेड़ तोड़ दिया गया और अब वहाँ पर थोड़ी सी मरम्मत हुई है लेकिन आप देखिये रहना वारीसे ज्यादा population कश्मेरी हिंदों की थी और आज जो है वहाँ पर सिर्फ एक परिवार है कश्मेरी पंडट वो भी इसलिए क्योंकि मुझे लगता है उनकी नौकरी वहाँ पर होगी।और 90 तक करीबन 5 -6 लाग कम से कम कश्मीरी पंडित कश्मीर में रहते थे।आज 10 -20 लाग रहते हैं।और उसमें से 90 % वो हैं जिनकी सरकारी नौकरीया हैं, मजबूरन वो आँह रह रहे हैं।
और क मेरे अच्छणी ग्रेट ग्रांट फादर जो हैं मास्टर सबसार्चन कॉल वो ओर्निथालॉजिस्थ थे बर्ड वाचर थे और एक टिंडल बिसको स्कूल है बहुत फेमिस कश्मेर में वहाँ पर काई काई सालों काई दशकों पहले जॉग्रफी पढ़ाते थे जब साइंस का जो है क्यूंकि वो उनको respect करते थे तो उस जमाने में आज से करीबन 80 साल पहले 70 साल पहले मेरे जो परदादा थे वो National Geographic Society के member थे Bird Watcher Society के member थे New Zealand लंडन अलग लग जगा से लोग आते थे और जो बिसको परिवार है जिनने कश्मीर में बहुत काम किया स्कूल established किये उनकी जो ग्रांटसन है वो अस्ट्रेलिया में BBC को या कहीं इंटेव्यू दे रहे थे तो उन्होंने बोला कि जब मैं चोटा था और वो भी आज 80 -90 साल के होंगे तो बच्वन में कश्मीर में था और मेरा जो बयालोजी के किरफ रुजान हुआ वो मास्टर समसार्चन कॉल की टीचिंग को लेकर, एडुकेशन को लेकर, फानांसेज को लेकर, इंजिनेरिंग को लेकर बहुत जबरदस रहा है।लेकिन जैसे ही हमारा पलायान हुआ, सब निकल गए, तो वहाँ पर एडुकेशन सेक्टर को बहुत बड़ी हानी हुई।क्योंकि 99 % जो टीचर्स थे, सब कग्रूप से एंसेटरा वो रिकलेक करते हैं कि हमारे कश्मेरी पंडित टीचर कहां हैं कहीं दूसरे दुनिया के कोने में हैं कहीं बारत में उनका पलायन हो गया जैपूर में र वापिस फिलाल कश्मेर जा पाएगा।क्यूंकि आज भी आतंगवाद है और पहला टार्गेट वहाँ पर आर्मी और पुलीस के अलावा कश्मेरी हिंदू है।इसलिए शायद आने वाले समय में भी आपको उमीद नहीं लगती है।
"Cockatoo has made my life as a documentary video producer much easier because I no longer have to transcribe interviews by hand."
— Peter, Los Angeles, United States
Want to transcribe your own content?
Get started freeमुझे नहीं उमीद लगती है।मैं सरका यासीन मलिक जेल में है, जेल में ही मारा जायेगा. मिर्वाईस तो वैसे ही मॉडरेट सेपरेटिस्ट है, उसको खुद की जान के फिक्र है क्योंकि जो एक्स्ट्रीमिस्ट हैं, वो उसके खिलाफ हैं. उसके बाप को भी मारा गया था वहाँ पर 1990 में. तो मिर्वाईस मुझे � जब नमाज पड़ी जाती थी उसके बाद स्टोन पेल्टिंग होती थी पुलीस और सी आर्पीफ के कुछ लोग मारे जाते थे गायल होते थे हमेशा लेकर आज ऐसी स्तिती है की थोड़ो सा काम है आतंगवाद का ग्राफ कम हुआ है अब एक ऐसी जगा ये मैं अज़र्नलिस्ट अब बात कर रहा हूँ नौट अज़र कश्मेरी पंडित की अगर 30 साल से 35 साल से आप आतंगवाद है और एक आतंगवाद है फिर आर्मी और पुलीस की बंदूक है तो लो� जब फोज वहां रही आतंग्वाद वहां रहा तो उसमें शायद वो गेहुं में घुन की तरा वो भी पिस गए होंगे क्योंकि फोज को भी अपनी काम करने के सक्ती दिखाने पड़ती होगी जादा शक करना पड़ता होगाक्योंकि वो घुले मिले आतंग्वादी निकल कर आते हैं फिर आतंग्वादीयों के अपने अलग ब्लैक मेलिंग होती होगी तो अब उनकी में खल से एक � अर्टिकल 370 हुआ उसके कुछ दिन बाद पुलवामा में गुम रहा था ख्रू में ख्रू के बास बास और वहाँ पर कुछ ऐसे परिवारों से मैंने बात की शिया एक विलेज था और वहाँ पर एक लॉयर था आई थिंक 25 -30 साल के आसपास का तो उसने मुझसे बाचीत की बह और मैंने उसका इंटेव्यू किया सब कुछ किया और मैं टेलिकास करने वाला था तो वो बागते बागते मेरे पास आया पोला एक रिक्वेस्ट है ये इंटेव्यू मचलाईएगा क्योंकि हमला हो सकता मेरे उपर तो ये सचाई है वहाँ पर एक population है significantly जो radicalized है एक population है जो अपने आपको इंडियन मानती है जो अपने prosperity तरक्की के लिए काम करना चाती है लेकिन उन पर दबाव आता है radicals का पाकिस्तान का आपने बहुत ऐसे लोग देखे हैं beauty parlors हो, music band हो, cinema theater हो उन पर फत्वा लग जाता था थेटर जो है कश्मीर में � तीस साल के बाद खुला।मैं गया था।क्योंकि नबे में वहाँ पूरी तरीके से बन कर दिया।
मैं गया था इम्रान हाश्मी की फिल्म जो हुर्टी में वहाँ गया था।
पॉटकास करने के लिए गया था।
और इतना अन्फोर्चिनेट था कि उस रात हम बारा बज़े ला जब वो पहलगाम हो मुझे लगा ये सारी बाते तो कूरी बेमानी थी इन्हां कोई अस्तित्व नहीं था जबकि इतने खुष्ट वहाँ लोग थे
आपने पहलगाम का जिकर किया अब मैं आपको बताओं कि पहलगाम का जो हमला है कुछ उसमें पाकिस्तानी आतंगवादी थे लेकर उनका साथ किसने दिया उनको शेह किसने दिया होवर ग्रा वो इतना मजबूर क्यों हो जाते हैं कि जब सीज़ फायर होता है इरान, यूस का वो पाकिस्तान की वावाई करते हैं लेकिन यहाँ पर जो लोकल्स हैं उनके खिलाफ नहीं बोलते हैं आज तक जो कश्मीरी हिंदू समझदाई के साथ भी आतंगवाद हुआ है ये सब हुआ ह कि हमारे कश्मेरी मुसल्मान जेन के पुलीज के लोग जो हैं मारे गए हैं पिछने तीस साल में आज हम पूरा जितने भी पॉलिटिकल पार्टीज हैं उनके पीछे खड़ी रहेंगी ऐसा कभी हुआ है कभी नहीं हुआ आप कश्मेरी पंडितों को भूल जाएएं आप अपन या आप जैसे लोगों सुनता हूँ जो कश्मीर से आते हैं तो बिल्कुल अलग डिरेक्टिव निकल कर आता है।देखे मैं अपने कश्मीरी मुसल्मान दोस्तों से जब बात करता हूँ फारुक अब्दिल्ला के बारे में वो कहते हैं ये गिरगिर की तरह है ये कश्मीर में � करते हैं जम्मू आते हैं तो रामदुन हो जाती है दिल्ली आते हैं तो अलग ही सुर होता है तो अपने कलर्स जो हैं पॉलिटिकल कलर्स बदलते हैं अब कुछ लोग इसके सराना भी करेंगे कितने मेचौर पॉलिटिशन है हर जगा उस रंग में जो हैं जम जाते हैं लेकिन सकहते हैं कि मेरे परदादा या उससे परदादा कश्मेरी हिंदू थे कॉल थे लेकिन तब भी वो कश्मेरी हिंदू की पीडा नहीं समझ पाते और मुझे तो लगता है कि जिस तर और जब exodus हुआ, आपने देखी इतनी गटनाएं हो रही हैं हिंदू समाच के लिए, आपने इस्तीफा क्यों दिया?आपने action क्यों नहीं लिया?एवन जो मुफ्ति मुहमद सयत थे, उनकी बेटी किड्नाप हुई थे, JKLF उसमें पूरा involved था, उसमें action क्यों नहीं हुआ?उस तो उमर अब्दुल्ला को बार बार मैं बोलता हूँ कि भाईया आप बोलते हैं कि Law and Order जो जम्हू कश्मीर में हैं वो जम्हू कश्मीर की सरकार के पास होना चाहिए बलकि वो कहते हैं जे इनके पुलीस मेरे अंडर आनी चाहिए मैंने बोला आप ये बताईए पिछली एक साल जब तुफयल मट्टू से लेकर जितने भी लालचोक के आसपास लोग रह रह थे, श्रीनगर में हमले हुए, स्टोन पिल्टिंग हुई, पेलेट्स जो मारे गए, 110 कश्मीरी यूथ उसमें मारे गए।
उधर मुख्यमंत्री कौन था?उमर अब्दुल्ला।अब मैंने बोलाहै कि नहीं, अलगावाद की कमर टूटी है कि नहीं, जितने भी अलगावादी निता हैं वो तेहार में हैं कि नहीं, अब आपको Law and Order क्यों चाहिए, मैं तो बार बार ये कहता हूँ कि कश्मीर में कोई भी मुख्यमंतरी आये, उमर आये, वो लेजिमेंटली Democracy है इंडिया में आतकवादी आये, घर में घुसे, मारा, पीटा, कई सारे मरे, और हम कुछ नहीं कर पाए।
मुरे को समझ नहीं आता कि यही रौ तब भी थी, यही रौ 90 में भी थी, यही आय भी तब भी थी, यही उस दोर में भी थी।केवल इच्छा शक्ती का खेल है सारा ये?बिल्कुल, पॉलिटिकल विल का खेल है।और कुछ नहीं?तो जो पुराने लोग थे क्या उन्हें बिल्कुल परवा नहीं थी हमारे लोगों की?
दीकि परवा हो भी, कुछ कभी -कभी पॉलिटिकल कमपल्चन्स होते हैं आपके, ज 26 -11 से 24 गंटे पहले आई बी का control room दिल्ली में वो बैठी हुई थी वो आपर एक officer थी और उनको एक conversation एक record हुई क्योंकि कश्मेरी में हो रही थी तो उनको बताया गया कि आप कश्मेरी हैं तो आप इसका तर्जूमन कीजिये इसका translation कीजिये वो specific intelligence दे रहा था कि बंबई में औ दूसरा अब जब आतंग्वादी हमला हो गया एक बहुत बड़ा आतंग्वादी हमला हुआ तीन सो से ज़्यादा लोग वहाँ पर जो है गायल हुएI think 160 के आसपास लोग मारे गए।उसके बाद तो आप action ले सकते थे।शिवशंकर मेनन अपनी किताब में लिखते हैं जो उस वक्त राश्य सुरक्ष सलहकार थे।उन्होंने बताया अपनी किताब में कि इंडिया की जो Military है यो Air Force है जो Intelligence है उन्होंने Political Government को उस वक्त Options दिये कि मुरीत के जो लशकर का Headquarters है जो जोने ये आतंगवादी हमला किया उनके खिलाफ़ हम प्रहार कर सकते हैं हमारे पास पूरी Capacity है Intelligence है, Air Force है, Missiles है, सबकुछ है लेकि We want good relations, good neighborly relations with Pakistan. We can't do that. This will put us into a war situation. जंग हो जाएगी पाकिस्तान के साथ. इसलिए हम नहीं करेंगे।मैंने चितनम्रम साहब के बयान देखा, क्या करते हैं हम?
जंग लड़ते हैं?नहीं जंग लड़ते हैं तो लड़ते हैं. अगर आप आतंगवात के खिलाफ कुछ कर नहीं प आप कुछ को legitimacy दे रहे हैं कि हाँ आदंग्वादी हमला करो हम तो अपना संगोष्टियां करते रहेंगे हम अपना पाटियां करते रहेंगे हम अपना political जो एक myopic view से देखेंगे चीज़ों को उस वक्त हमला नहीं हुआ इंडिया की तरफ से इसलिए उरी हुआ इसलिए प अगर उस वक्त हमने एक paradigm shift कर दिया होता और Congress की सरकार करती, उनकी वहवाई होती कि आप action डीजिया आतंगवाद के खिलाफ आज जो है कोई दुरंदर दूसरी फिल्म बन रही होती Congress के उपर, Manmohan Singh के उपर, बाकियों के उपर कि आपने अंदर गुस के मारा है लेकिन उस वक् पुलवामा के बाद हमने एक बालाकोट पे हमला किया।उससे पहले जब उरी में हुआ हमने सर्जिकल स्ट्रैक किया।बार बार उपविशिशन के लिएअपने वीडियो नहीं दिखाया आपने फोटो नहीं दिखाया अरे भाई ये फिल्म थोड़ी ना चल रही है वाई एक operation चल रहा है और उस पर होना चाहिए इस बार क्या हुआ अलग इस बार अलग ये हुआ कि जब operation सिंदूर लॉंच हुआ नौ अलग अलग आतंगवादी ठ पाकिस्तानी लोग वीडियो बनाने लगे और देखाने लगे कि बही ये हो रहा है हिंदिस्तान को वीडियो देखाने की जूरत नहीं पड़ी कोई जहमत नहीं हुई अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पे क्या पाकिस्तान इस से बदल जाएगा क्या पाकिस्तान पे जो ओपरेशन सिंदूर इतना बड़ा हमने हमला किया उनकी बेस्ती हुई, embarrassment हुई इस से कुछ बदलेगा इस से कुछ नहीं बदलेगा क्यूं?क्यूं?
वो इसलिए क्यूंकि पाकिस्तान के अगले दिन बीस हजार नए खड़े होते हैं।हमारे एक राक्षस था रक्तबीज।जितना मून खुन घिरता था उतने और जिन्दा होते थे।आप पहलगाम से पहले आसिम मुनीर के स्पीच सुन्ये जब वो अपने एक सर्कल में अपने सोलजर से बात कर रहा है और ये हा� तो ये मानसिक्ता है आसिम मुनेर की, तो आपको लगता है कि वो बदलेगा, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम चुब बैठ जाएं, हम देखते रहें पैलगाम होता है, लाल किले पर हमला होता है, तो हम कोई कदम नहीं उठाएंगे।
मेरा इस पर भी एक काउंटर क्वेशकी हैं अक्तर का ग्रेज या नुसरस साहब में गाने इंजॉय की हैं मैंने आते फसलम हमारी पीडी में सबसे बड़ा रोक स्टार था वो सबने गा हमारी उतनी हेट्रेट पाकिस्तान से नहीं रही है।उनकी यहां क्या होता है कि इस प्रकार की मनसिकता उनकी हो गई है।
देखी बहुत बड़ी उनकी सिविलियन पॉपलेशन है जो इंडिया से मावबत करती है, प्यार करती है।दुरंदर जब रिलीज हुई ना, दूसरा � तो मैंने बोला भाई ये कैसे है?
बोला सोरी यार ये piracy वाला ये है तो यहाँ तो दूम मची हुए है मैंने बोला कैसे भाई?बोला नहीं चल रहा है जो हमारा piracy मार्केट है हर जगह Durandar चल रही है और पाकिस्तानी लोग Durandar को appreciate कर रहे हैं ये मैंने कभी सोचा नहीं था यह पाँच लड़कियां हिजाब वाली थी नई बच्चियां कॉलेश की होंगी अब या तुनने इसलिए पहचान ना पाए रात को या हो सकता कल्चिरली उनने अपना पहना हो तो जो Unlimited Popcorn competition चल रहा था क्योंकि वहाँ पे था कि आप जितनी बार चाहें उतनी बार भरवा सकते हैं और चार गंडे बैट रहे हैं तो हमारी टीम में सब बदमाश लड़के मेरा office पूरा ले गया था मैं तो ये बदमाश लड़के हर दस मिने पॉपकॉन भरवाने पहुंच बिल्कुल प्रो -विस्लिन्स नहीं होंगे पर वहाँ जाकर मुझे लगा नहीं ये भी उतना ही इंजॉय कर रहे हैं और मेरे बहुत सारे लेफ्टिस्ट दोस्त हैं जिनना मुझे कॉल कियार शिबहांकर चलोगे तो अंदर देखने नहीं आप देखिए ऐसा जोक है रोय मैं �
मतलब इसमें मानता नहीं हूँ लेकिन ये जोक चल रहा है कि UAE और जितना भी Middle East था इन्होंने दुरंदर बैन कर दी और ख़त्म कर दी बंद कर दी और जब दुरंदर दूसरी आई तब UAE और सारा Middle East बंद होगी ये जोक चल रहा है पूरी तरीके से मैं सांपना जो response आया, मैं बार -बार उन लोगों को कहता हूँ जो दुरिंदर को क्रिटिसाइस करते हैं बिना देखे, बिना फिल्म देखे उसको क्रिटिसाइस कर रहे हैं कि आप लोगों का पल्स समझ ये आप देखिए US में यूरॉप में बेठा पाकिस्तानी भी जो है वो वहाँ पर जा रहा है और देख रहा है मेरी कजन सिस्टर रहती है कॉलराडो में अमरीका में वो अपनी करीबन 75 -80 वर्षी मा के साथ वहाँ पर फिल्म देखने गई और उनने बोला कि देखी यहाँ पर जो दो अफते से यहाँ पर चल रही है पूरी तरीके से और Cinema Hall फुल है सिर्फ वीकेंड्स पे नहीं वीक डेज पे भी तो वहाँ पर लोकल American Cinema Hall वाले हैं वो एकदम आश्यारी चक्यत हैं और बोल रहे हैं कि इसको तो हमें और बढ़ाना पड़ना है।आपका रूल क्या था धुर मेरा बहुत चोटा सा रोल था कि जितना भी रिसेर्च है इसको लेकर जो जो असली वाकिये हुए हैं उनको देखना, उनको जान्शना, उनको परकना मेरे साथ एक और मेरे मिर्टर थे दिब्या स जो इसको देख रहे थे और शूट में भी बहुत सा रहे हैं जिनको आपने डि और कुछ ऐसे स्ट्रेटीजिक और सिक्योरिटी के कारण हैं जो बातचीत नहीं कर सकते हो लेकिन मैं ये कहूंगा शुबांकर कि जितना एहम रॉल अन्नोन गन्मेन का है पाकिस्तान में उतना ही एहम रॉल उनका है और उनकी खिलाफ कुछ ना हो कुछ ऐसा चाहिए ना हो इसउनसे बातचीत करेंगे लेकिन मैं आपको कह दूं की जितना भी इसका रिसेर्च हुआ उस पर हमने बहुती चीजें जानची परखीं और बहुत चीजें हमने रियल लाइफ लोगों से मैं पहला या दूसरा दिन ही था बैठा हुआ था तो मुझे किसी का सोर्स का फोन आया और बोला कि पाकिस्तान में एक जाहिद अखुंद करके है कराची में वो मारा गिया है और ये कार्पिंटर है तो मैंने बोला कार्पिंटर मारा गिया तो आप मुझे क्यूं बता रहे हैं अब मैंने पाकिस्तान में जो पतरकार मित्र हैं उनसे बाचीत की तो उनने पता किया उनने बोला हाँ हुआ तो है लेकिन इसमें मीडिया रिपोर्टिंग नहीं हो रही तो मैंने लगा क्यूं बोला की नहीं हमें बताया गिया है कि इसको रिपोर्ट नहीं करना है तो मैंने ल और उसको मार दिया था अनोन गन्मेन ने दो लोग बाइक पे आते हैं उसको मारते हैं उसका फोटो लेते हैं जो फोटो मेरे पास आता है और वो स्टोरी मैं करता हूँ कि अनोन गन्मेन पाकिस्तान में क्या कर रहा है इसमें मैंने डॉकिमेंटरी बनाई देखी ये डॉकिमे और अदितिया साथ मैं ओरी के टाइम से ही संपर्क में था मैंने आर्मी से उनकी बाचीत कराई थी ओरी के समय तो उनने बोला बोस ये तो समर्धस्त है इसमें तो फिल्म बननी चाहिए वो उनके दिमाग में एक स्पाय थ्रिलर था कि पाकिस्तान को लेके बनाना पड़ेगा �
उनी दिनों से ये रूमर्स अब चालू हो गए थे कि कुछ तो अनून गन्मेन है अब ये आफ़गान है बलोच है पाकिस्तानी है इंडियन है बांगलादिशी है कौन है किसी को नहीं पता अब मेरे पास आप के लिए बहुत सारे स पिच्चर में कहा गए कि भाई हर बार मारना ज़रूरी थोड़ी नहीं होता है।जो रोज मारने मज़ा है वो एक बार में कहा है।
तो अब मैं प्राक्टिकल सवाल पूछता हूँ क्योंकि फिल्म में तो डिस्क्लेमर दिखा दिया आपने लंबा चोड़ा डिस्क्लेमर जिस आप entertain होने के लिए देखिए सबसे पहले फिल्में तो entertain होने के लिए होती हैं और कोई documentary तो है नहीं अगर आपको documentary देखनी है आप NDTV देखिए आप मेरा जो है शो देखिए आप मेरी news coverage देखिए आप मेरा Instagram फोलो कीजिए Twitter फोलो कीजिए और उसमें देखिये कि मैं क्या news जो है सच के उपर आधारित फिल्म है।और जब सच के उपर आधारित फिल्म होती है, उसको डिरेक्टर का पेरोगेटिव रहता है कि वो सिनेमाटिक लेंथ से कैसे उसको मैंगनिफाई करें।तो इसमें अलग -अलग वाक्षियें हैं।अब इसमें सबसे बड़ा क्रिटिस मतलब देख रहा था कि बाई क्या होगा पैसे चले जाएंगे मैं खान मार्केट में खाना खा रहा था उस दिन और मुझे अर्नब गुर्णका फोन आया कि कुछ तो होने वाला है।ये थ्री चीफ्स जो हैं, मिलिटरी के, वो मिल रहे हैं मोधी से।
तो कोई सर्जिकल स्ट्राइक तो नहीं होगी।कुछ होने � अनॉंस्मेंट हुआ और सबसे पहले मैंने अपना वालेट देखा थैंकफुली वहाँ करेंची नहीं थी लेकिन 6 महीने के बाद जब वो अवधी खत्म हो गई कि आप नोट दे सकते हैं और ये नहीं हो सकता अचानक 5 -10 ,000 रुपे मेरे किसी अलवारी से निकले और मैं सोचता बिल्कुल आप क्रिटिसाइस कर सकते हैं सरकार को मेकनिजम्स हैं, डेमोक्रसी है, आप सोचल मीडिया पर लिखिये, आप कोड जाएए, आप अलग अलग चीज़े करिये, लेकिन ये एक डिरेक्टर का पैरोगेट है वो point पर जाही नहीं रहा, मेरे सिर्फ जिग्यासा है क्योंकि आप research वाले पार्ट पर थे, कितना close हम गए, जो मैं believe कर सकूंग।
कए चीज़े मेरे लिए भी shocking थी।जैसे उसमें नोडबंदी का जगर आपने किया।अब नोडबंदी में जिन दो भाईयों कहानी आपने दि� या आपने जो कहते हैं कि कुछ इशारा मिला तुको तुको में उसको जोड़के निकाल दिया।
Transcribe all your audio with Cockatoo
Get started freeनहीं नहीं ऐसा नहीं होता बहुत कमभीर रूप से जो है इसपे इंविस्टिगेट हुआ आदित्या दर की जो सिनेमाटिक टीम थे उन्होंने अलग रिसेर्च की और हम लोगो अलग अलग वाकियों को रिकाउंट कैसे हम किये जाएं
अब मेरा जो ज्यादधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधधध अतीक एहमद की कहानी भी सच्ची है।
लेकिन अतीक कहानी कैसे सच्ची, मैंने अभी अतीक को लेकर जो ने किताब लेकर सारी मसारी, वो अभी मेरे पार आ चुके हैं, यूपी के DGP साहब जो आपने दिखाया है, वो मेरे बड़े छे मित्र हैं, वो बड़े नाराज हो रहे � آخرے دنوں میں اتیق نے مانا تھا کہ اس کے ISI سے لنگ تھے جو اس کی FIR میں درج ہے جو پروف بھی نہیں ہوئے بھی تاکہ ذکر ہے اتیق بدماش تھا اپرادی تھا لیکن پاکستان سے جوڑا تھا یہ وہ کہتے ہیں کہ ہمارے لئے بھی نیا تھا देखिए बिल्कुल नया नहीं था उनका खुद का confession है कि आइसा एक लशकर का लेकिन आखरी दिनों में हो या पहले हो था तो एक तत्य तो है open documentation वहाँ पर UP police का और बाकियों का है अब इसमें आप investigate कीजिए अगर कुछ लोगों को इससे problem है और लगता है कि बही गलत तत्य � आतंगवादी दिखाना थोड़ा एजी था वो प्रूफ नहीं हुआ था F .I .R में केवल दरच हुआ था आप कश्मीर के संदर में देखिए मैं आपको example देता हूँ सत्रा में जब एनाई की बहुत बड़ी raid हुई तो सिर्फ आतंगवादीयों को नहीं पकड़ा गया जो conduits थे जो एक white collar terrorist थे जिसमें आप businessman हो सकते हैं जिसमें आप अध्यापक हो सकते हैं जिसमें आप shopkeeper हो सकते हैंdrugs हों चाहे वो supply of arms हों चाहे वो ISI के साथ link हो यह है ऐसे बहुत सारे OGW's हैं over ground workers all across India जो इसमें involved रहे हैं अब आपको आपको नहीं अगर ऐसे कुछ लोगों को इससे तकलीफ है तो आप फिल्म मनाईए हैं हमारा जो बॉलिवोड है।
ये तो आपने वो यूटूबर वाली वात कहे दी नहीं नहीं एक यूटूबर ने कहा था ना कि पठान से दिक्कत तुमें अपने फिल्म मना लो बिल्कुल सही बात है देखें हम पर यह होता था हम पर यह सवाल उठते थे और बॉलिवोड पर सवाल उठते थे कि अभी तक एक लेफ्टिस्ट इको सिस्टम है और जब मैं क्रिटिसाइस करता था मुझे याद है कई गुजराद के उपर, कश्मीर के उपर फिल्में बनी और मैं उनपर लेटर टू दे एडिटर लिखता था मैंने धुरंदर वन पर एक वीडियो बनाया था जिसके बाद आपने मुझे एक message किया मैंने बनाया था Major Mohit Sharma क्योंकि मुझे प्रथम द्रिश्चा लग रहा था कि धुरंदर की कहानी जो है जस्कीरत उससे जस्कीरत तो इतना open नहीं वाता हम जाए कहानी जो है वो Major Mohit Sharma कहीं कहीं से तुकड़ो तुकड़ो में उठाया होगा आपने कहीं सारे किर्दारों को हम जा बनाते वक्त कितने इंडिया के जो ऐसे लोग थे वो आपके जहन में थे जैसे मुझे मेझर मोहिश शर्मा जहन में लग रहे थे थोड़े रविन्दर कॉशिक भी मुझे दिखाई आप लोगों ने जब इसके डिसेर्श की तो कितने भारती जाबाजों को मिला करी हमजा बनाया।
देखे पहले तो मैं बता दों क्योंकि मैंने आपको मेसेज भी किया था कि मेजर मोहिड शर्मा पर ये फिल्म बिलकुल नहीं है।तूर दूर तक नहीं है।लेकिन मैं समझ सकऔर बहुत अच्छा सटीक काम किया।मुझे लगता है कि इसपे फिल्म भी आनी चाहिए कि मेझर मोहिट शर्मा ने कितना शांदार बारत के लिए अपना साक्रिफाइस कुर्बानी दी है।लेकिन वो कश्मीर में काम कर रहे थे।
ऐसे लोग आज भी जो मुझे क्रिटिसाइ पाकिस्तान में थे और आपने तो अलग ही ये दिखाया है मैं लगा मैड़म इंडियन आर्मी पाकिस्तान में काम नहीं करती यह आपको बेसिक चीज़े तो पता होनी चाहिए आप क्रिटिसाइस कीज़िए दुरंदर को अदिप्टिया को मुझे गालियां दीजिए तैस ओके कि कौन आपके जहन में था तो एक नहीं था।
इसलिए कई ऐसे लोग थे।मैंने इसलिए पहले कहा क्योंकि मैं वो 27 सवाल पूछी नहीं रहा हूँ कि बाई किसी एक आदमी को बना है।मुझे पता है कि हम जहां में 10 -12 लोग हैं।तो एक तो मैंने कहा कि मुझे रविंदर कौशिक भी दिखाई पड़े, मेझर मोहर शर्मा थोड़ा दिखाई पड़े, कि वो भी ऐसे गए थे, कोपरेशन को अंजाम दिया था।
और कोई ऐसे नाम रहते हैं, ताकि उनकी कहानिया हम कम से कम पढ़ सकें, जोनों ने अपना य कि हम उसको सेलूट करें।क्यूंकि ऐसी कहानी या तो क्लासिफाइड हैं पूरी तरीके से बाहर नहीं आई।अब एक कहानी रविंदर कौशिक की या फिर सरबजीत की या कुलबूशन जादव की जिनको मैं स्पाय नहीं बानता मैं उस नाम बता रहा हूं कि उनका पाकिस्तसे आया है ये सामने आया है लेकिन ज्यादातर जो operations होते हैं ये covert रहते हैं ये classified रहते हैं और कई दशकों तक सामने नहीं आते हैं तो हमने भी जो जो चीज़े हमें पता चलीं real life characters थे और जो inside Indian intelligence मैं आपको सबस्ट रूप से ब कही बार ऐसा होता है कि एक intelligence officer ने किसी को वहाँ बेजा और जिसको बेजा वो जरूरी नहीं है कि इसमें तो जस्कीरत है इंडिया से गया है वो कहीं और से भी जा सकता है और वहाँ पर रहता है और दीरे दीरे वो एक gang में रहता है उसको groom करता है उसकी जरुरत अभी नहीं है � तो ऐसे बहुत operations रहे हैं।तो मेरा ये कहना है क्यूंकि नाम तो मैं reveal नहीं कर सकता।It's a covert operation. It's completely classified. But तुरंदर जो है एक unknown gunman जो इंडिया के जाबाज रहे हों।
जिन्ने इंडिया के लिए काम किया हो पाकिस्तान में।उनके लिए एक salute है, उनके लिए एक memoir है और उनके लिए एक ऐसी कहानी है जो बारत वर्ष को जोड़े और हम प्राऊड हों कि आर्मी के ऊपर, पुलीस के ऊपर, पैरा -मिलिटरी के ऊपर तो हम कहानिया देखते हैं लेकिन ऐसे भी कुछ लोग हैं जिनको पता है कि हम अपनी जैसे आपने कहा कि ऐसे लोग हैं जो पाकिस्तान गए वहाँ किसी गैंग में शामिल हो गए कोई नौकरी करने लगे चोटी मोटी और 20 साल तक चुपचाप काम कर रहे हैं वो क्या माइंडसेट होता है कि भारत की सुरक्ष एजन्सी में शामिल हुआ एक अधिकारी एक थर्डक्लास की जिन्दगी पाकिस्तान में जाकर जी रहा है इस आशा में कि कि रोज अपने देश की वो काम आ जाएगा और ये जानते हुए कि अगर इस बीचों पकड़ा गया तो ना उसका देश उससे पूछेगा ना उसके परिवार उसके परिवार कुछ मिलेगा रव कि Intelligence Agency में काम करनے वला व्यक्ति ही पाकिस्तान जा रहा है या किसी दोश दूसरे देश का बंदा किसी दूसरे देश जा रहा है जो Intelligence Agency में काम कर रहा हो मेरा ही मांगना है 90 % से ज्यादा लोग जो ऐसे covert operation में जाते हैं, वो intelligence agency के लिए काम नहीं करते हैं. मतलब आप काम तो कर रहे हैं, लेकिन he is not an insider of that intelligence agency. Carefully उस आदमी को देखा गया है, उसकी मानसिक्ता देखी गई है, उसकी capability देखी गई है और फिर जाके जो है अंजाम दिया गया है. जैसे मैं बार -बार कहा रहा हू बहुती दर्दनाक उसके अगले दिन 24 गंटे में इसलामाबाद हाई कोड के बाहर एक बॉम्बिंग होती है तस लोग मारे जाते हैं तीस लोग इंजर्ड होते हैं क्या आपको बता था इसके बारे में?चुना था मैंने ऐसे कई घटनाई मैं सुनता रहता हूं जो हमारे यहा लेकिन जो कश्मीर में 30 साल से हो रहा थावो आज बलुचिस्तान और खाइबर पक्तूनवा में हो रहा है. हर दिन, Frontier Corps, पाकिस्तान आर्मी, पंजाबी पाकिस्तानी आर्मी के जो Officers हैं, वो बार -बार मारे जा रहे हैं. उनके सा कि कितना confidence था लोगों को पाकिस्तान आर्मी में या आसेम मुनीर में तो 30 % या 20 % ही लोग थे जो support कर रहे थे इम्रान खान की जो पूरी तरीके से वहवाई हो रही थी ये हो रहा था पहलगाम की गटना गटनी है और immediately 85 -90 % जो population है पूरा आसेम मुनीर के पीछे खड़ी हुई ह पाकिस्तान आर्मी की हमेशा से रही है कि जब भी पीस होता है जब भी इंटरनली उनको conflict लगता है कि हमारे खिलाफ एक मूहिम छड़ गई है क्योंकि आपको पिछले साल था या पिछले से पिछले साल में की नौ में की गटना याद होगी जब पूरे इम्रान खान के सपोर्� पूरे वहाँ पर लोगों के आर्मी के घर जला दिये, लाहोर कोर कमांडर के वहाँ से तो वो क्या बोलते हैं, चिकन, हेन, वेन सब कुछ निकाल दिया, रेफरिजेटर निकाल दिया, पीकॉक वहाँ से निकाल दिये, तो बहुत जादा एम्बैरस्मेंट उनको हुई. त क्यूंकि हम ceasefire की बात कर रहे थे अभी अम्रिका को बेवकूफ पाकिस्तान बार बार बना चुका है चाहे वो war on terror पूरी तरीके से 20 साल से चलता रहा या खासकर अफगानिस्तान में जो दोहा peace talks हुए उसमें पाकिस्तान मजजस्ता कर रहा था और बार बार अम्रिका को कर �था कोई बात नहीं आपका exit होगा exit plan किया जाएगा ट्रम्प के पहले टर्म में और कुछ नहीं होगा और आप देखिए 15 अगस्ट 2021 को जब अमरीका वहाँ से निकला मजबूरन और तालिबान ने जबरं क तब कैसे वहाँ की जो एरफोर्स थी अमरीका की वहाँ से निकल रही थी और लोग अटके हुए थे पूरी तरीके से उस पर।
ऐसी एम्बैरिस्मेंट कभी आपने देखी हैं अमरीका की।इससे पहले वियत्नाम में हुआ था।लेकिन जो विजवल हामित करजाए, एरपोर् लेकिन वो ये नहीं कहते कि आज भी इरान मिसाईल दाग रहा है उनके खिलाफ आज भी क्योंकि इनिशिल्ली उनने क्या कहा था कि इरान के लोगों भी मदद कर रहेंगे उनकी खुद की डेमोक्रेटिक सरकार के लिए रिजीम को हटा दिया जाएगा लेकिन आज एक आयतुला को मार के एक नए आयतुला ने सरकार अपनी बनाई वोही लोग सरकार में हैं वोही रा� उडर में जितना वीक आज है उतना वीक कभी नहीं रहा है।क्या खाड़ी देशों में अमेरिका की ताकत ख़तम हो गई युद्ध के बाद।मुझे नहीं लगता कि ख़दम हो गई, लेकिन इसमें दो चीज़ें ताय हैं।एक तो इंडिया के तरफ लोग कदम बढ़ाएं� अभी जो पूरा ये जंग चला, इन्होंने अपने नेटो अलाईज को कॉंफ़डेस में नहीं रखा।
जो रश्या यूकरेइन के तरभी वो बार बार कहते रहे की जो है पीस होगा, शांती वारता होगी, मैं जो है जंग को रुकवा दूंगा, ये करूँगा, वो करूँगाकुछ नहीं कर पाए एक साल से ज़्यादा हो चुका है वो अपनी दूसरी टर्म में है तो सचाई तो ये है कि पाकी जो डेमोक्राटिक कंट्रीज हैं वो इंडिया की तरफ अ� ये होगा कि जितनी भी ये मिडलीस्ट की कंट्रीज हैं जिस पे एरान का आकरबन हुआ ये मिलिटरी और इंटेलिजन्स और अपना जो पूरा स्ट्रेटीजिक टाइज हैं ये अमरीका और इस्रायल से अपना एक्विप्पेंट अब लेंगी तो उनके लिए भी विन -व तो इंडियाने दिरे दिरे 40 % जो था वो 20 % हो गया और बोला कि दिरे दिरे सिस्टमाटिक मैनर में खत्म हो जाएगा जैसे ही जंग होती है अमरीका कहता है प्लीज आप अमरीका रूस का तेल लीजिए क्योंकि ग्लोबल ओयल प्राइसेज जो हैं ये स्टेबलाइ रूस का हुआ पायता है।आप देखिये ना रूस को प्रेशर डाल रहा था अमरीका कि सांक्शन्स लगा देंगे हम अलास्का समिट के बाद भी उनस पर प्रेशर डाला कि अगर आप ये नहीं करेंगे तो आपके उपर जो है एक्शन लिया जाएगा रूस को फर्क नहीं प� बल्की लादमेर जो जिलिंसकी हैं उनकी ट्रॉम्प के साथ लड़ाई हुई आपने देखा कि कैसे White House में पहली बार ऐसा कुछ हुआ हास्यासपत था जो भी कुछ हुआ तो ट्रॉम्प इस प्लांक पे सरकार में आये कि रूस यूक्रेइन की जंग वो खत्म कर देंगे �cover किया जब वहाँ खारखीव में इंडियन्स वहाँ फसे हुए थे इंडिया ने उक्रेइन से बात की इंडिया ने रूस से बात की और क्यूंकि हमारे दोनों देशों से समबन अच्छे हैं तो तब वहाँ पर हुआ जंग रिकवा ही गई अब मैं ये नहीं कहता कि सिर्� और ऐसी सच्चाई ही हुआ था वहाँ पर एक इंडियन जो है मारा भी गिया था अन्फोर्चिनेटली तो ऐसा हुआ है अब इंडिया का जो स्टांस है this is not an era of war solutions cannot be found in the battlefield ये सिर्फ बीजेबी का तो नहीं है आप इतिहास देखी है हमारा जो non aligned है movement यह non aligned हमारा अपरोच है यह � तो अभी क्रिटिसिसम क्यूं?अभी क्यूं बोला जाता है कि अरे पाकिस्तान ने मद्धिस्ता की तो इंडिया के लिए कितना बड़ा ये फेलियर है, इंडियन डिपलोमेसी फेल हो गई है।
वो जो ड्राफ्टेट ट्वीट डला था शेबाज ने।
हाँ, नहीं ड्राफ्ट और उसकी बाई के लिए तूट्रीट हो जाता है।
इन लोगों को दे के उमीम्या आता है।मुझे कौन है ये लोग।पॉपेट हैं।कटपुतली हैं।पताब इतनी लापरवाही हो सकती है कि प्राइमिनेस्टर के काउंट से एक पोस जा रहा है।
दिमाग तो है नहीं, प� उनको जियाद पड़ाते हैं।
मतलब से आउना सीरियस नोट आपको दोस बहुत सारे होंगे मेरे मित्रे मैं अलग इतना उनसे पूछा नहीं हिस्ट्री के बारे में बड़ आपके हिसाबसे पाकिस्तान का माइंटसेट क्या है क्या उनके हिस्ट्री है।नहीं हिसाबसे नहीं
और मैं serious note पे कह रहा हूँ कि उनकी जो history है वो 1947 से पढ़ाई जाती है उनको बोला जाता है कि हमको आजादी मिली इसलामी मुल्क जो है जिन्ना का बहुत बड़ा योगदान था ये था वो था लेकिन उनको ये नहीं बोलता कि 1947 से पहले बारत क्या था बारत वर्ष क्या था वे कुछ नहीं उनको बोलता है अल्ला अचाराग से वो पेड़ से 1947 में गिरे और 1947 से पाकिस्तान जो है एकदम।
तो उनकी हिस्ट्री में भगत सिंग, सरदार पटेल, नेहरू, गांधी।
"Your service and product truly is the best and best value I have found after hours of searching."
— Adrian, Johannesburg, South Africa
Want to transcribe your own content?
Get started freeभगत सिंग का थोड़ा सा जिक्र है क्योंकि वो पंजाब से आते हैं लेकिन उसके एला� और मसूद अजर तक ही सेमित रह जाएगा।क्यूंकि यही कटरपंती विचारदार है।आज जैसे सीज़ फायर हुआ, तो मेरे को ट्रोल किया जा रहा है।पाकिस्तानी बुरी तरीगे से ट्रोल कर रहे हैं।अरे शर्मा आ गई।देखो पाकिस्तान का कितना ग्लोबल स्� बलला पूरा मुलक कंगाली भी चला गया है।
देखी पाकिस्तान की यही तो है, आर्थ वेवस्ता तो ख़तम है, सिक्यॉरिटी नाइटमेर है पूरी तरीके से. लेकिन आसिम मुनीर या पाकिस्तान आर्मी या जो भी वहाँ पर फोजी आता है, उनके लिए एक मातर वेपन य पहले बाजवा थे अभी आसिम मुनीर है उससे पहले राहिर शरीफ थे कोई दूसरा था हमेशा जब भी रेटायर होते हैं अच्छा बाजवा साथ भी या अनोन गन्मैन वाला वाला तो जो बात्रूम में गिरने कभर आई थी मुझे लगता है वो एजाजरेशन है ऐसा कुछनहीं है अब चक्कर यह हो गया ना कि unknown gunman इतना successful है कि वहाँ पर कोई भी खाना खाते हुए गिर जाता है फिसल जाता है तो कहते है unknown gunman ने किया है तो इतना नहीं है डर बना रहे डर का माहौल बना रहे दावद इबराहिम जिंदा है या मर पूरी तरीके से जिन्दा हैं।ये बड़ी कबर मैं आपको दे रहा हूँ।2020 के बाद से गाएव हैं।देखिए मैं बहुत सालों से मसुद्धजर को बहुत केरफुली उबसेव कर रहा हूँ।क्योंकि मसुद्धजर अपने आपको जर्नलिस्ट कहता है, पतरकार।
और वो पिछले कई साथ।
तो हमने हमला किया था 14 परिवार के लोग मारे गये थे 14 करोड़ शैबाशरीफ ने दिये थे।
उससे पहले ही मसूस उधर का कोई ठिकाना नहीं है अभी मसूस उधर का जो है बाही मारा गया मारा क्या गया मतलब उसकी death हुई heart attack हुआ जो भी हुआ बावल� की हमारी जो investigation रही जा हमारा जो research रहा उसमें पता चला की दावूद जो हैं विश्वित फिल्म इंडॉस्ट्री में touch में थे फिल्म इंडॉस्ट्री के लोगों के कई वीडियो हैं जिसमें बताया गया है कि वो उनसे मिलते थे I think डॉंग्री में या कहींपे मम्माई में उनका Street 30, Phase 5, Defence Housing Authority, Karachi. यहाँ पर इनका मकान है।नूराबाद में एक बंगला है, कराची में एक हिली एरिया है वहाँ पर।और 617 CP Birar Society Block, 78, कराची।तो यह चार इनके मकान हैं जो कराची में हैं।इसके अलावा White House,अलवसल रोड, जुमेरा, दुबाई।
यहाँ पर भी इनका दुबाई में ठिकाना रहा है।कई बार वहाँ पर गए हैं।शादियां एटेंड की हैं, शादी की हैं, बहुत चीज़ीत की हैं � और इससे पहले क्या हुआ, जो मैं आपको बताऊं।2017 -18 की गटना होगी।मैं एक टीवी चानल में काम करता था।हमारा पाकिस्तान में रिपोर्टर था, जिसको मैंने हायर किया था।
तो दाऊद के घर मैंने पाकिस्तान में रिपोर्टर बेजा, कराची में।I think वो क्लिफ और आयसाय ने उठाया 24 गंते तक उसकी खाते दारी की और बोला कि मुझे पता है तू अकेला रहता है यहाँ कराची में और तेरी मां कहा रहती है ये भी पता है तो तुझे जिंदा रहना है तो ख़वरदार उसके वाथ विचारा वो नौकरी चोड़ दिया और कायब हो गया।तो ये कहानी है दाऊद की और मुझे लगता है कि बहुत ऐसी अटकले भी लगी कि उनका कुछ पता नहीं कुछ हुआ था फिर गैंगरीन हो गया टांग में फिर वो बेड रिडन हो गये और मेरे को एक ये तो यह उनको बस evidence रहा कि दाउद भाई है और दाउद भाई अभी भी जिन्दा है लेकिन वो स्थिती नहीं है मुझे लगता है जो उस वक्ती उस वक्त एक अलग ओरा था और जिस तरीके से कराची के गैंग्स की हम बात करते हैं रेमान डेकेट से लेकर अर्शत पप्प�बंबई में गैंक्स थे अलग अलग जो उनका अलगी रॉल था फिर बंबई की पुलीस ने हम दाऊत को मार क्यों नहीं पाए मुझे लगता एजेंडा में नहीं रहा होगा जो पॉलेटिकल विल भी है और इंटेलिजन्स भी है उन्हें ने कॉल लिया होगा क्योंकि हमेशा हम की हिजबुल्ला हो हमास हो हूती हो या इरान हो जितने भी आका हैं जुनने साथ उक्टोबर में भूमी का निभाई हम उनको मार डालेंगे पॉब्लिकली अनॉंस करती है मीडिया में आता है जरुसलम पोस्ट में अलग अलग जगह और एक साल में पूरी तरीके से हिजब� लेबिनन में, हमास को गाजा में, हमास को ही तेहरान में और इरान को भी पूरी तरीके से खतम कर लिया है।वो जो उनका ओलम्पिक वाला है।ओलम्पिक का हुआ एवन होलोकॉस्ट के जो लोग थे जो होलोकॉस्ट में involved थे जिनने यहूदियों को मारा उनको टॉर्� तो अब उनने रेलाइज किया कि हम कैसे चोड सकते हैं।
क्योंकि जिसको हम चोड रहे हैं वो फिर से हमास पेदा करेगा।तो अब उनने सबसे पहले एक Consensus से Law लाया है मारने का, फासी देने का।तो जितने भी हमास के लोगे हैं आप देरे देरे उनको फासी देंगें।इस अब मैं अपने आपको या अपने समुधाय को इस्रालियों के साथ कमपेर नहीं कर रहा यहूदियों के साथ नहीं क्योंकि tragedies compare नहीं होती है और यहूदियों के साथ बहुत बड़ा लावल पर हुआ उसको हम बिल्कुल किसी चीज के साथ कमपेर नहीं कर सकते हैं लेकिन जो क�जब हम सब कुछ खो दिया हमारे घर चले गए, मंदिर चले गए हमारा जो इतिहास था पूरी तरीके से मिट गया हमें ये एसास हो गया कि कश्मीर हम वापस नहीं चासकते हैं अब हम आगे क्या करेंगे हमने पढ़ाई की हमने education का साहरा लिया हमने जब सरकार के पास गए उस � आप हमें सीटे दीजे हमें इंजिनेरिंग करनी हैं हमें पढ़ाई करनी हैं विश्वध्याले में अपने बल्बूते पे कुछ बनना है और हम बने हैं तो यही चीज़ है इस्राईल में जब मैंने बाचीत की लोगों से मिला एक अलग लेवल का जज़बा है इस्राईल में ए तब उनके साथ खड़े रहेंगे।जब मोधी जी गए थे, मैं पारलिमेंट में मौजूद था।
उसको कैनिसेट कहते हैं इसरायल में, जेरुसलम में है।तो एक बहुत बड़ी पॉलिटिकल कॉंट्रोवर्सी हुई थी कि यार लेपे जो लीडर ओपपॉसिशन है तो walk out हुआ कोई वहाँ पर जितने भी opposition थे चले गए फिर Netanyahu ने अपनी speech दी speaker ने अपनी speech दी और जैसे मोधी जी को बुलाया गया opposition वापस आया और उनने उसका समर्थन दिया और opposition के लीडर यार लपिड ने खुद speech दी मोधी की तारीफ की तो ये चीज़ जज्ब अलग है �लेकिन पानी के लेकर उन्होंने ऐसा innovation किया है एग्रिकल्चर को लेकर उन्होंने ऐसा innovation किया है कि आज इंडिया उनसके कह रहा है कि ये जो drip irrigation है ये आप हमें बताएं कि ये technology कैसे चलती है आप pen drive यूज करते हैं कई सालों से उसका एजात कहां से हुआ है इस्राईल से हुआ है तो उन्होंने डिफरेंस बताया और उन्होंने कहा जब मैं यूक्रेट में था तो यूक्रेट के लोग पैसा दे कर भाग रहे थे यूक्रेट से जब मैं इस्राईल गया तो मैंने देखा लोग दुनिया भर से फ्लाइट करके वापस आ रहे थे।और वापस भी नहीं जो य तो ये इंडिया से भी, जो बहुत सारे यहूदी, खासकर महराश्टर में, खासकर मिजरम में और केरल में, बहुत यहूदी हैं. तो वो लोग वापस गए हैं, वहाँ पर सेटल होने के लिए. वहाँ पर ऐसे परिवार हैं, जो कई दश्कों से यहाँ पर रह रहे थे, लेकिन तो बार बार कहता है कि फ्रौम दे रिवर्ड टू दे सी पैलेस्टाइन विल भी फ्री फिर कहते हैं कि बाई यहूदियों को हम पूरी तरीके से मिठा देंगे पूरा इस्राइल जो है ओकिपाइट पैलेस्टाइन है यहाँ पर इनको लेने का कोई हक नहीं है लेकिन इंडिय हिस्टॉरिकली जो परस्पेक्टिव रहा है वो बार बार ये रहा है कि हमारा स्ट्रेटीजिक टाइज इस्राइल के साथ है, डिफेंस टाइजे है, लेकिन हम पू स्टेट सलूशन में बिलीव करते हैं हम कहते हैं कि इस्राइल और पलस्टाइन साथ साथ नेबर्स की तरह रहनहीं है मैंने इस्राइल के कई राजदूतों का इंटेव्यू किया है, फिलिस्तीन के कई राजदूतों का किया है, फारं मिनिस्टरस का किया है और मैं बार बार अनको पूछता हूँ कि आपको तकलीफ नहीं होती, इंडिया ये बार बार कहता है टू स्टेट सिलूशन, आप जो हैं रिष्टे रहा जाएँ।ये तो गुविन्दा वाले फिल्म का हो गया कि हाथ इधर है लेकिन दिल आप की तरफ है।
बिल्कुल लेकिन आप देखिये ना जब हमला भी हुआ साथ अक्टूबर का उसके बाद इस्राइल ने हमला जो है बूरी तरीके से गाजा में किया तो फिर इस्राइली क्यों सपोर्ट करते हैं इंडिया को क्योंकि एक बड़ा पर्सेप्शन है कि ग्लोबल पॉलिटेक्स में अगर इंडिया कोई ट्रू फ्रेंड है तो वो इस्राइल है हमने ये इंडिया पाकिस्तान वार में भी देखा कोई देश हमारे साथ स्टांड लेन इस्तमाल कर सकते हैं और भविश में अगर हमारे हैं कोई हमला करेगा तो हम मजबूत रहेंगे हमारी एकानूमी पे इतना सर नहीं आएगा क्योंकि उससे तीन चार डॉलर में ही हम इंटरसेट कर लेंगे यह क्यों है कि इस्राईल हमारा सच्चा दोस्त है जबकि हम इस् पाकिस्तान है अफगानिस्तान है उनके साथ आसपास एजिप्ट है पलेस्टाइन है जॉर्डन है और पाकी देश आसपास सीरिया है तो वो पूरी तरीके से चपेट में हैं इसलामी कटरपती आतंगवात उनके
खेलाफ प्रहार कर रहा है पूरी तरीके से।इसलामी कटरपती आतंगवात इंडिया के खेलाफ कर रहा है।सो जो सबसे बड़ा... ये इसराईल के लोग भी मुझे पूछते हैं।बहुत लो� इस्राइलियों का जो सर्वाइवल इंस्टिंग्ट हैं जबरदस्त हैं मुझे लगता है इंडियन्स का भी जो सर्वाइवल इंस्टिंग्ट हैं जबरदस्त हैं आतंगवादी हमला होगा मम्माई में 26 -11 हुआ अगले दिन काम कर रहे थे डबे वाले हर जगा काम कर रहे थे ट तो जो विक्टम हैं टिररिजम के, वो ही समझ सकते हैं।तो मुझे लगता है इंडिया और इस्राइल का सबसे बड़ा कनेक्शन ये है कि इस्लामिस्ट टिररिजम दोनों में बुकता है और दोनों इसके खिलाफ जो हैं एक जुट काम करना चाहते हैं।
लेकिन खासियत तो य ایران اور پاکستان دونوں کو پریشان کرنے کے لئے اسرائیل نے بلوچستان میں خوب پیسہ دیا ہے اور افٹر ایران ان کا اگلا ٹارگٹ پاکستان ہے त्योंकि वो जानते हैं मुस्लिम वर्ड में नूक्लियर पावर पाकिस्तान के पास है जो देर सवेर परिशान करेगा उनको तो उस लॉंगर प्रॉसीजर का जो हिस्सा है वो बलुचिस्तान के जरीए टैकल करना जाते हैं देखिए इसका तो दो ही लोग आपको बता सकते हैं
फिल्में तो पूरा बलुची बलुच हैं आपने बलुचों पर अच्छी खासे रिसेच की होगी आपके बलुच तो काफ़े हत्यार पा रहे थे कई बार ऐसा देखा गया कि पाकिस्तान से कुछ लोग हैं वो दुबई के रस्ते यूई के रस्ते इसराईल गए।
कई ऐसे लोग।वो तो पिच्चर में भी देखा हैं।
हमने लोग हैं।
ऐसा हो रहा है।वो पिच्चर में जो आपने ये लगाये था शेहमाद शरीप का।
इस्रायल के राजदूत दिल्ली में थे, मैं उनका इंटेव्यू कर रहा था।और मैंने पाकिस्तान पे एक सवाल पूचा टेररिजम को लेकर।वो नाराज हो गए।वो खड़े हो गए और वो अल्बोंस वॉक आउट कर दिया।तो मैंने बहुत क्या हुआ।बोला न तो मैंने बोला दिखे इंटरनाश्यल स्टेबिलाजेशन फोर्स बन रही है गाजा के लिए ट्रम्प ने एक बोरड अफ पीस भी बनाया है और उसमें पाकिस्तान को नियोता दिया है कि पाकिस्तान के आसेम मुनीर गाजा में अपनी फोर्च पेचें आपका क्या मानना है तो आप देख लीज़े पिसले 15 साल, 20 साल, 30 साल तो पहली बार तुम्हारे लिए
ने मेरे इंटेवियों में बोला कि हम बिलकूल ये एक्सेप्प्ट नहीं करेंगे।और फिर बाचीत भी हुई है, इंटरनली बहुत चीज़ें शे बार बार वहाँ पर हमले हो रहे हैं इंडिया में लेकिन हमास के लोग जो हैं वहाँ पर जा रहे हैं सिर्फ कराची, लाहोर, इसलामबाद और खाइबर पक्तूना नहीं वो पी ओके भी जा रहे हैं इन फैक्ट मैं आपको बताओं पहलगाम की घटना जब गटी उसके कड़ी ये क्या कहलाता है कि कुछ तो collaboration है आपसे पास वो कोई relevance जो है international terror groups आपस में कर रहे हैं और एक इस्रायल के एक बहुत बड़े security के अधिकारी है वो दिल्ली दौरे पे आये थे डौवाल साब से मिलने के लिए वो मुझे dinner पे मिले और मेरी बाचीत हुई और ये मुझे ल� बोला आने वाले हफ्तों में कुछ बड़ा होने वाला है।मैं बोला क्या होने वाला है।बोला मुझे नहीं पता।बड़ा कुछ तो होने वाला है।एक महीना हुआ और पहलगाम की घटना हुई।
Transcribe all your audio with Cockatoo
Get started freeऔर ओपरेशन सिंदूर हुआ।
और उसके बाद अगस्ट के महीने में मैं तो नेतिन याहू ने मुझे बोला, देखिये इसके बारे में तो मैं कुछ नहीं कह सकता, लेकिन मैं एक चीज़ ज़रूर कहुंगा, की इंडिया को जितने भी हत्यार हमने आज तक दिये हैं, वो ओपरेशन सिंदूर में बहुत काम्याब हुएं।तो ये है इंडिया और इस्राइल की कहाणी।आपने पहले भी देखा कि जब बालाकोट होता है, Spice Bomb गिराए जाते हैं बालाकोट में, वो कहाँ से आए?वो इस्राइल से आए।
तो इस्राइल और इंडिया का � उनके पास कहीं उड़ती उड़ती खबरें आयते हैं और फोटोस आयते हैं हला कि ऐसे कोई सार्चनी वीडियोज नहीं आये जैसे पाकिस्तान में इतना में ठोका था वो सब वीडियोज में दिखरा था।
देखिए मुझे लगता है कि हम आजकल के युग में चीजें च हमेरे आभी तो पाकिसान परस बहुत सारे हैं।
बहुत ऐसे लोग हैं।
तो मुझे ऐसा लगता है कि ऐसा बताया गिया था कि तीन एरक्राफ्ट थे और दो ड्रोन्स थे जो गिराए गए लेकिन तत्य सामने नहीं आए।मैं नहीं कर रहा कि गिराए गए और नहीं गिराए ग तो जब तक ऐसा नहीं आएगा, तो तब तक तो प्रोपगेंडा मना जाएगा।तो मुझे लगता है, लेकिन अगर गिराए भी गए हो, दो मिनिट के लिए मान लिया जाये, तो वो हमले के लिए ही तो है, वो गिरने के लिए ही तो है, मतलब वो नाशनल मुजियम जो इंडिइंडिया पाकिस्तान में क्या युद्ध है क्या आतंगवाद हो रहा है उससे कोई मतलब नहीं कह रहा है मैंने सीक्सवार कराया है मैंने यूक्लियर अमरीका के बीच में और इरान के बीच में।कितने अमरीका के फाइटर जेट गिरे, कितने रडार उनके तबा हुए, कितने एवाक्स जो हैं या जितने भी उनके एर्फोर्स का सादो समान हैं वो गिरा।मैं अस इन इंडियन सलूट करता हूँ कि जैसा उनने रिस्क्यू ओ� मैं as a military to military, as a somebody who covers military very closely, I salute that. लेकिन ट्रॉम्प का ये बार -बार इंडिया को pressure tactics करना, कि मैं trade deal तभी करूँगा अगर आप मुझे noble prize देंगे, ये करेंगे, ये तो बचकानी हरकतें हो गई।
मुझे नहीं लगता कि international diplomacy... पर एरान ने अमेरिगा के दाद तो खटे किये हैं।किये जबरदस की हैं।क्योंकि अगर आप इस धंकी पर आ गए कि आज राज सब मिठा दूँगा मैं, इसका मतलब आप बहुत डेस्पिरेट थे कि वार रुख जाया, बहुत नुखसान हो गया।
देखिए इरान भी जो शिया लोग है न वो फाइटिंग कॉम हैं।पर्सियन कॉम मतलब उनके पास कोई ऐसा solution नहीं था तो इसलिए उन्होंने एक situation मना एं narrative और लोगों बात करने लगे अरे नुकलेर वार होगा अरे civilization खतम हो जाएगी क्या अमरीका नुकलेर वैपन हो जाएगीहिरोशिमा नागे सेकी के विजूल्स लोगों के याद में आ गए की ऐसा हो सकता है तो इमीजिटली बारा घंटे बाद उनने बोला आप तो मुझे नहीं लगता... आपको लगता है कि ये वार सीज़ फायर में जाएगी।देखिए सीज़ फायर तो चली रहा है अभी, लेकिन... नहीं, 14 दिन का सीज़ फायर है. 14 दिन का सीज़ फायर है. क्या ये 14 दिन टिकेगा और क्या उसके बाद वार रुकेगी?मुझे नहीं � इरान कहता है कि जितना भी आपने आज तक हमें डिस्ट्रॉइ किया है इसके लिए कॉंपन्सेशन दीजिये हमें।उसके लिए इरान कहता है कि स्ट्रेट औफ औमोस जो है आज से हमारा वहाँ पर इरान का डॉमिनेंस रहेगा और ओमान के साथ मिलके हम वहाँ पर एक दुग क्या अमरीका, क्या इस्राइल कभी ये मानेगा?
और दूसरी तोर पे अमरीका और इस्राइल कहते हैं कि आप गारेंटी दीजिए इरान कि आज आगे आप कभी nuclear uranium enrichment नहीं करेंगे कुछ नहीं होगा आप guarantee देजीए आपका जो ballistic missile का पूरा program है इसको पूरी तरीके से खत्म करना पड़ेगा तहसनेस करना पड़ेगा क्या Iran कभी ये मानेगा क्या उनको अपनी security का ये जिक्र नहीं करना अब ये आप कह सकतें कि public posturing कुछ और ह कि वो ऐसा कोई serious dialogue या consensus ला सकते हैं और उसकी बाद भी जो कि seriousness हमने उस draft tweet के बाद तो मेरा मैंने कहा यार क्या शबाशरीफ शबाशरीफअमिर खान की मुवी आ थे गज़नी उसमें अक्टिंग सुनिल गुरोवर ने अक्टिंग के थी हाई तो मुझे वो शैबाशरीफ ही लग रहे थे कि मतलब आप इतने ऐसी अक्टिंग मत करो कि आप पकड़ ज बोला मैं लंडन से हूँ, टेलिग्राफ में हूँ और मैं उस वक कश्मीर में था तो इंटरनेट मिल नहीं रहा था तो मैंने उसको बोला यार इंटरनेट नहीं है, मैं बात नहीं कर सकता तो बाचित नहीं हुई उसके बाद गल्वान की गटना करती है।तो गल्वान की गटना के अगले दिन उसने मुझे कॉंटाक्ट किया, वोटसाप पे।कॉल किया।और थोड़ा मुझे एकसेंड जो था, वो पंजाबी टाइब था, बोला मैं कुछ तो नाम बोला।और बोला मैं लंडन से हूँ, ह मुझे पहले तो मैंने बात की फिर मुझे लगा कुछ गडबड है तो मैंने उसको simple बोला मैंने दो देखो यार आपको भी पता है ये मोधी सरकार कैसी है कुछ नहीं पताती कुछ बस press release issue करती है कुछ ही नहीं पताते कुछ चीज लीक ही नहीं होती तो बोला चलो ठीक है आप तो मुझे लगा कुछ तो करबड़ है भाई तो मुझे आई बी और इनने बोला कि अगली बार कॉल आये तो आप रिकॉर्ड कीजीएगा पहला ठीक है तो अगली बार कॉल आया तो बोला सेम बाचीत हुई क्या हो रहा है कैसा हो रहा तो मैंने लगा कुछ नहीं बता रहे मैं
तो मैंने यह record कर लिया, record करके मैंने दिया फिर मेरे को बताय गिया कि यह ISI का बंदा है कराची से जो यह journalist को और यह खासकर army के लोगों को फोन करता है क्या करता है अगर कोई major है तो वो उसके colonel के acting करेगा अरे अभीजीत I am your colonel speaking give me those files immediately send it to me on whatsapp इन फाइब मिनित सेने टो मी ओन वाटसाप ताकी चीजे लीक हो ये हो अभी तक नहीं हुआ है लेकिन वोला कि खासकर वो आर्मी के लोगों को पूरे कश्मीर में पंजाब में फोन करता रहा है चीजे निकालने के लिए और पहली बार है कि ये जूर्नलिस्ट को फोन कर रहा ह पोला ये नंबर क्या हुआ है पाकिस्तान हाई कमिशन में कोई इंटेलिजन्स का बन्दा काम करता था उसने कहीं चाननी चोक से या कहीं से ये नंबर लिया है और इसपे नंबर सेल सर्वेश से तो नहीं चल रही पर वाट्साब चल रहा है हाँ एक बाद वाट्साब लॉ� बहुत misinformation हुआ था इन फैक्ड वो रात एक रात थी जिसमें पूरे इंडियन मीडिया ने खासकर टीवी चैनलों ने बहुत शर्मनाख हरकत की मुझे लगता है कराची पोर्ट पर जो कभजा किया था मतलब कराची पोर्ट पर हमला कर दिया कभजा कर दिया आसिम मुनीर को एरे तो वो अटॉमाटेमेली ट्वीट को कॉपी करके उनने चला देये तो जो नहीं जानते क्योंकि मैं साइमेंट से बड़े क्लूजली काम किया मैंने दो सोर्सिस होते हैं खबर आने के एक आप जैसे रिपॉर्टर्स हेते हैं जैसे वार के टाइम मैं आपको और शिव को अच्�
काम करना तो वो हाष्टाग सेर्च करते हैं।बिल्कुल।और वार के टाइम में सबसरा मिस -अंफ़र्मेशन होती है।और जो आता है सीड़े करते हैं।और जो आता है उसको सीड़े।मतलब इमिजेटली।
यूक्रेइन वार में तो छे बे शुरूती थी वार।
मैं जिस् मेरे पीछे हाँ साइरन बज रहे हैं मिसाइले आ रहे हैं अगर जैसे सो मिसाइले आ रहे हैं तो दो तीन तो नीचे गिर रहे हैं इंपैक्ट हो रहा है लेकिन ऐसा नहीं कि मिसाइल आ गए नीचे गिर रहे हैं उसके फ्रागमेंट्स गिर रहे हैं उसके डेब्रीस गिर रहे जंगे तो हो रही हैं लेकिन असली जंग नेरेटिव वार्फेर भी है तो इसलिए AI वीडियो उसका इस्तेमाल हो रहा है और ये हमारे लिए भी बहुत प्रॉबलम होने वाली है इसकी क्योंकि AI में फाक्ट चेकिंग आप कितना जल्दी करें क्या रियल टाइम में आप कर पा आपने वीडियो बना दिया कि इरान ने उसको मार दिया है ये कर दिया वो कर दिया।
मैंने कहा भाई मैंने कब बना है।
तो मुझे रिलाइज हुआ कि तीन चार ऐसे वीडियो पेजेस थे यूट्यूब के जो दिन भर ये ऐसे वीडियो बना रहे थे।
और वो डीपफेक वी तो अगर वो नहीं पकड़ पारा कि ये औरिजिनल नहीं AI वीडियो है, Deepfake है, तो I am sure लोग जो हैं ग्राउंड पे वो तो याकीन मानते होंगे।
आप PCR चीफ को छोड़ दीजिये, आप पतरकार को छोड़ दीजिये, मैं एक स्टेब आगे जाता हूँ. अभी जब लाल केले �आब मैं जब उनका इंटेव्यू कर रहा था वो टेलिकास्ट हुआ सब कुछ गया इसके करीबन एक महीने दो महीने बात मेरे को इंडियन आर्मी के कुछ मेरे मित्र वीडियो बेजते हैं कि बही तुमसे यह उमीद नहीं थी यह तुमने क्यों किया तो मैंने बला क्या हुआ � तो मैंने देखा उसमें मेरी ही आवाज का deep fake बना हुआ है उस interview का और मैं कह रहा हूँ उस deep fake में AI generated वीडियो ये पाकिस्तान के किसी महरती ISI वाले ने बनाया था कि इंडियन आर्मी में rebellion हो गया है और इंडियन आर्मी के जो Muslim जो soldiers हैं वो rebel कर रहे हैं एट्सेट्रा कर रहे हैं आफगानिस्तान में गया था तो मैं पहला जन्लिस्ट था जो आफगानिस्तान गया था तालेबान रिजीम आने के बाद।
आना सकानी के साथ तुम ठाके लगा रहे थे।पता नहीं कैसे वो हमारे क्रिकेट के दुनिया के फैन निकले।मुझे नहीं पता।मतलब मुझे जाकर पता लगा वो कौन है।मुझे नसीब साहब बुलाये थे जो अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के CEO हैं।तो वो मुझे वहां तक ले गए थे और बड़ा अच्छा तो अरेन साकारी ने मैं से पूछा भी कि आप अच्छे वीडियो बनाते हैं।
"The accuracy (including various accents, including strong accents) and unlimited transcripts is what makes my heart sing."
— Donni, Queensland, Australia
Want to transcribe your own content?
Get started freeमैंने को लगा अच्छा, गडबर होते थे तो मैं गडबर नहीं कहा नहीं मेरा होता।
बट अभी मेरे को अफ़गानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के CEO का message आया कि यार शुबहांकर या आपने क्या मैंने कहा यार नसीब भाई या तो आने वाले टाइम में तो वारफेर को तो और बहुत गंड़ा करने वाला है अभी ही कर रहा है अभी ही मुझे लगता है कि एयाए मैं बहुत सारे लेक्चर्स देने जाता हूँ आर्मी परमिल्ट्री इनसिक के साथ तो मैं बार बार कहता हूwarfare हमें पहले से pre -empt करके तयारी करनी पड़ेगी हम wait नहीं कर सकते कि हमारा जो enemy है क्या करेगा उसके बाद हम reaction करेंगे इसमें हम माले जाते हैं।
चलो मैं इसमें एक serious सवाल करता हूँ आप से operation सिंधूर में हमने पाकिस्तान को ठोका लेकिन क्या narrative warfare मे मैं इसलिए कहरा हूँ क्यूंकि मैं इसका comparison करता हूँ बाला कोड के टाइम से और उसका comparison करता हूँ सर्जीकल स्ट्राइक के टाइम से।सबूत।
उस वक्त सबूत नहीं था।
कव़ा।
उस वक्त कव़ा था।उस वक्त international media उनके साथ थी सब कुछ था।इस बार सबूत भी थ और हमने खुद देखा मैं एक अफ़ते तक सोया नहीं हूँ मैंने एक अफ़ते तक दिन रात मेहनत किये मैं पूरा वो कर रहा था मेरे करीबन पांच लाग फॉलोवर्स बढ़ गए सोशल मीडिया फे उससे वो अलग बात है लेकिन काम किया मेहनत की तब हुआ और मैं आपको एसी बतलब रिच्वाल है कि मैं एक दो बजे रात को सोता हूँ क्योंकि अब चक्कर क्या मैं Foreign Policy और National Security करता हूँ ट्रॉम बाय साहब जब से आये हैं रात को ही होता है सुबा होता है तो नीन तो एकदम ख़तम आज मैं आपको कह रहा हूँ अभी क्या बज रहा है रात के साड� और साड़े चार, पाँच बजे से ही बॉलिटिन स्पेशली हमारा लॉंच हुआ और तब से हम ट्रम्प का पूरा कर रहे थे और अब मैं आपका पॉड़कास करने के लिए आया हूँ।तो बात तो ये की एक, दो बजे की, अगर वो छे और साथ की रात थी में की पिछले सा उसमें हूँ और उसमें जातर उर्दू में बात होती है तो समझ नहीं आता कभी कुछ जरूरी होता है मैं ट्रांस्लेट कर लेता हूँतो उसमें अचानक वीडियो आने लगे और उसमें बॉम्बिंग के वीडियो थे अचानक बोल रहा था कोई एलेक्ट्रिसिटी ग्रिड है पी ओके में तो मैंने इम्भीजेटली तब मैं TV9 में था तो मैंने दो हमारे एडिटर्स थे पारोतोष और कार्ठे के उनको फोन किया बोला के बाई जागो मोहन प्यारे कुछ होने वाला है हो गया हमला तो पारोतोष तो इम्भीजेटली ये हो गए उन्होंने इम्भीजेटली अपना ब मैं आया एउपी लेक्शन कर करके तो सीधे मुझे भेजा गया कि आप जाएए डिबेट कीजे तो फिर किसीने कहा रहे भी पहला दिन है औरे नहीं नहीं ये तो दो साल से कर रही हैं इठे।नहीं एक खासिया था टीवी चैनलों में पहले पाम बिछू चलता था उसके बाद काम हो गया है जैमात आदी और उसके बाद जैसे ही ये हुआ फिर हमको पता है क्या हुआ फिर इंडियन आर्मी का ट्वीट आ गया था दो बजे के आसपास और एक सटीक उनने प्रहार किया था वीडियो रिलीज किया था ये सब हुआ अगले दिन प्रेस कॉंफरेंस हुई मैं तो मैं पहला पतरकार था, मुझे सब पता था, मैंने कर दिया, ये कर दिया, पर सइयोग की बात है, मतलब एक वार कॉरिस्पॉर्णेंट और एक समब्बडी जो बहुत कॉरिस्पॉर्णेंट है, मेरे लिए मतलब बहुत अच्छा एक्साइटिंग एक जीज़ है कि बाई
मेरे लिए मतलब बहुत अच्छा एक्साइटिंग एक जीज़ है कि बाई मेरे लिए मतलब बहुत अच्छा एक्साइटिंग एक जीज है कि बाई मेरे लिए मतलब बहुत अच्छा एक्साइटिंग � हमें सीखना हैं. अभी भी मुझे लगता है हम लोग स्ट्रॉंग नहीं हैं. अभी भी मुझे लगता है कि जितने भी हमारे मंतरालै है न, Home Ministry, External Affairs Ministry, PMO, उसमें आपस में Communication का प्रॉब्लेम रहता है जब Eventuality हो जाती है, Bomb Blast हो जाता है. तो हमें नहीं पता कैसे React करना है. आप � रियल टाइम में, दिन में वो पचास ट्वीट्स, पचास वीडियोज, पचास आदी जीज़ें उसमें गलत भी हो सकते हैं।वो डाल रहा है।और मुझे याद है जब बाला कोड का हमला हुआ मैं साऊथ ब्लॉक की बाहर ख़ड़ा हुआ था डिफेंस मिनिस्ट्री के की बा और इस बार भी एक चीज़ क्या हुए जब ड्रोन्स आने लगे वहाँ से टरकिश ड्रोन्स तो यहाँ पर पहली भाई क्या हुआ मैं एक मैं नाम नहीं लूँगा मैं सीनिर पूलीस आफिसर के साथ फोन में था और अचालक से पीछे से बंब धमाको की आवाज आई और वो च फिर पता चला कि बाई टर्केश ड्रोन्स आय थे पहली बार और क्योंकि आर्मी पुलीस को पता नहीं ता क्या करना है तो AK -47 लेके हर जगा दंदा दुन फाइरिंग चल रही थी हर जगा ये हुआ ये पंजाब में हुआ जमू कश्मीन में तो खासकर हुआ बाकी जगाउं मेहुआ।पर ये साइकलॉजिकल वारफेर था।कि उसमें अमनिशन नहीं है।
हम ड्रोन बेज रहे हैं कि कभी भी कुछ भी हो सकता है।और ये ड्रकेश ड्रोन कितना?1000 रुपे का, 2000 रुपे का, 5000 रुपे का है।और ये करके उन्होंन देखिए अगर आप चाते हैं कि दुरंदर तीन आए तो ये मैं आपके पोड़कास में तो रिवील नहीं करूँगा।नहीं।Honestly, ऐसे कोई प्लान नहीं है दुरंदर थीका, बट मुझे लगता है कि बहुत सारे ऐसे चीजें... But still, something जो आपको सर्प्राइज कर गया, गुस और मुझे लगता है कि कई ऐसी कहानियां जो आगे भी बताई जाएंगी बहुत मतलब क्या मैं आपको example दूं क्योंकि मुझे भी देखना है मुझे घर जाना है मुझे कोई arrest ना कर ले, case ना कर दे मेरे खिलाफ हमारे बंदे वहाँ पर जाते हैं पाकिस्तान में और करिश्मा क वो देख रहे हैं।
उसका एंट्रोगेशन चल रहा है।लेकिन वो एकड़ाम कट्टर बनती है।वो मान नहीं रहा।ब्रेक नहीं हो रहा।फाइल्ली उसको छे महिने के बाद ब्रेक किया जाता है।उसको बोलता है तु हमारे ले काम करेगा।
तो उसको छे से साथ सिम कारऔर कभी इसलिमाल करना हो कर सकते हैं उन सारे सिम कार्ट को ट्रैक पर लगाया गया और आई थिंग एक साल बाद या दो साल के बाद जब 26 -11 के लिए आतंगवादी आये वो वो सिम कार्ट लेके वहां पहुंचे है और ये कश्मीर के एक आई जी थे जिमने प्लांट किया था � उस पे कर रहे थे और तब जाके ये evidence इंडिया के पर सामने आया कि कैसे साज़िद मीर, मेजर इकबाल, लकवी ये फोन पर बात कर रहे थे, orders दे रहे थे पाकिस्तान से वरना तो ये जैसे मैंने पहना है ऐसा पहन के सारे आतंग्वादी आये थे वो कहना चाह रहे थे कि � तो मुझे नहीं लगता कि कैसी मानसिक्ता है।मुझे लगता है जब भी आतंगवादी हमला होता है, जब भी देश पर प्रहार होता है, सबको एक जुट होना चाहिए।यह तो बेसिक है।किसी भी देश में ऐसा होना चाहिए हमारे में मुझे नहीं लगता कि क्या त्रास्दी है कि ये नहीं बोलेगा तो दूसरा बोलेगा दूसरा नहीं बोलेगा तो तीसरा बोलेगा अन्फॉर्चिनेट है I hope this changes दो तीन पीड़ियों के पैसे तो आ गए होगे होंगे दुरंदर क मैं पैसो के लिए नहीं गया था।मैं हमेशा से चाहता था कि ये अनोन गन्मेन की जो कहानी है।
क्योंकि तबी मैंने डॉकिमेंटरी भी बनाई।मैं अगर डॉकिमेंटरी नहीं बना था तो हो सकता है ये फिल्म भी ना आती या फिल्म आती तो किसी दूसरे लेज़े से आत की ऐसा हो रहा है, I really want की ऐसे जो unknown हमारी stories हैं, रविंदर मातरे का मैंने जिकर किया, या कुलबूशन क्या किया, या सरबजीत का किया, तो मेरा तो मन विचलित होता है, जैसे सरबजीत की कहानी बहुत दर्दनाक है।
अरे मैं कहानी से आदाया, ये मेरा personal request आप से है, ये आप �तक ज़रूर पहुँचाईएगा जी रविन्दर कोशिक के परिवार ने किताब लिखी है उसको पबलिश नहीं किया है उनके भतीजे हैं जिनके नाम रविन्दर जी ने अपना एक letter लिखा था कि ये कहानी मेरी आगे ले ज उन्हीं कोई बेटी नहीं थी, उनका एक बेटा था, जो शायद अब इस दुनिया में नहीं है।उन्होंने पूरी कहाणी बना कर रखी है और वो उससे एक फिल्म के तौर पर लाएना चाहते हैं।कई सारे डेक्टर्स के नाम उन्होंने बताए।
मुझे हमेशा जितने नाम बाहू बली और सालार और फिर एनिमल ये पीक मेले थे धुरंदर देखने के बाद में सब चोड़े लग रहे थे नहीं नहीं अच्छा कि आपने ये बताया मुझे मैं अब तो ये आदित्या का कॉल होगा वो कैसे आगे लेंगे क्या लेंगे क्योंकि अभी क्योंकि कॉपी र कुछ कर दो किसी अब मैं उनको बोल रहा हूँ कि भाई मैं फिल्म इंडिस्री का नहीं हूँ मैं पतरकार हूँ मेरा इसमें चोटा सा एक रोल था और वापस अपनी पतरकार के किरदार में आ गया हूँ बट मुझे लगता है कि रविंदर कोशिक की एक कहानी है जो पूरी तर वो कहाणी बहुत बड़ी है क्योंकि वो मेजर रांक तको अल्मूस पहुँच गया थे और उस कहाणी में सबसे बड़ी बात वो गद्धारी मुझे लगी जो कश्मीर से किसी अफिसर ने की थी जिसको रविंदर ने एकस्पूस किया था रविंदर अपनी गल्तियों से देते
नहीं था रविन्दर उससे पहले इरान भीजे गए थे रविन्दर इरान में पकड़े भी गए थे वहां मारे पीटे गए थे फिर वहाँ से वहाँ आये थे और फिर बाद में वो पाकिस्तान डिप्लॉय होई थे बताईये यह तो होना चाहिए बड़े परदे पर आना चाहि मेरा और कोई लालच नहीं है।मेरा सिर्फ इतना लालच है कि रविन्दर कोशी कहानी जाया नहीं होनी चाहिए।क्योंकि कॉपी राइट के लिए हर कोई बना नहीं पाएगा।और वो कहानी में टुकड़ों टुकड़ों देखिये।थोड़ी सी टाइगर में देख ली, थ रविन्दर कौशिक पे।रविन्दर कौशिक पे।
होनी चाहिए।हाँ।
और उसमें तो आक्टर भी वेकी कौशल, रणवीर सिंग्, रणवीर कपूर जैसा कोई हो।आपसिलूट सिनिमा।सो मुझे लगता है वो आदद धर क्या कमाल एक गाने बना है भाई।
मतलब � इंडॉस्ट्री में एक वर्ग है, बहुत बड़ा वर्ग है जो नहीं चाहता था कि आदित्यदर सक्सेस्फॉल हों या चाहता था कि चलो भी फिल्म आ गई तो छोड़ दिया जाए मेरे कई प्रिडूसर दोस्त हैं क्योंकि मेरे पास बहुत बार आता है कि आप इसमें मदद क कुछ सोचा नहीं इसने कि ऐसा मार्केट नहीं है आप थोड़ी न लोग जा रहे हैं फिल्म देखने के लिए मुझे तो लगता है 100 -150 करोड भी बना लेगा तो बहुत बड़ी बात होगी ऐसा लोगों ने बुला बहुत बड़ीबड़े प्रिडूसर में और एक हफता हुआ अगले फ्राइड़े उसने मुझे मेसेच किया कि अरे यार ये तो सुनामी आ गई है ऐसा तो पहले क� But I think ये एक फिल्मेकिंग को लेकर... एक बहुत बड़ा एक contribution है।आदित्या ने ये मानसिक्ता तोड़ दी कि लोग नहीं जाएंगे।आप अंडिया, इंडिया में अच्छा सिनिमा बनाएंगे तो लोग बिल्कुल जाएंगे सिनिमा।क्यों नहीं जाएंगे।
मधुर भंडार केर और हमें एक कोंडर से� डान्स हर चीज एकदम जबर्दस रही है।
Transcribe all your audio with Cockatoo
Get started freeबिना सेक्स बिना वल्ग्यारिटी के।जो एकदम वो क्या कहते हैं मसाला है।एक इंडियन वो बन गया था कि सेक्स थोड़ा सा दिखाना है एक वो आइटम सॉंग होना चाहिए बाकी चीजें होनी चाहिए वो सब कुछ भी नहीं ये कुछ लोगों का न टिपिकल है कि अरे नहीं पाकिस्तान के ऊपर एक तो मुसलिम के खिलाफ हो गई अरे महिलाएं नहीं है तो बही ये फेमिनिस्ट सामने आ गए कि बही महिलाओं के खिलाफ है ऐसा कुछ भी नहीं है आप इसको as a film देखिए आप उसकी cinematography देखिए आप storyआपका favorite character कौन था धुरंदर नाकिश भी थी बच्चा है तु मेरा बच्चा है तु मेरा यूर बटक्स आर वेरी वाइट में से मिला भी उनके साथ एक चोड़ा सा उनने मेरा वीडियो record किया तो अभी उनका play था दिल्ली में तो उनके साथ बैठा हुआ था कई देर तक तो य इंप्रोवाइज किया गिया है।उन्होंने उनको बोला की भाई तु थोड़ा सा ये थाईलेंड में शूट हो रहा था।तो उनने बोला आदित्या को की भाई यहाँ पर न तु पॉर्ण रख।
उसमें बद्धाक रख।मेरे पास ये दिमाग में ये आईडिया आया।मैं और अब जाके उसको फेम वो मिल रहा है जो मिलना चाहिए था।
But I think वो तो maximum low size फिल्में हुआ है।
हुआ हा।बिल्कुल हुआ है।
अक्शे खनना।जैस्मीन सेंडले सबसे बड़ा गाना इस पिच्चेर में अक्शे खनना सबसे बड़ा इसमें।
रन कि यही actors हैं जो रहेंगे इसी तरीके का आप चीजें करेंगे अगर राकेज भी है तो आप एक ही टाइप का character आपका comedian है एक हिट हो गया आप वो ही करोगे आपके साथ देखा नहीं जाएगा कि आपके इसमें लुक में क्या character हो सकता है तो अदित्या के पास ये विजद था उ तो ये है और मुझे लगता है कि अधित्या ने ग्लोबल सिनिमा की बार -बार मैं बात कर रहा हूँ लेकिन इंडॉस्ट्री में भी एक नई उर्जा दे दी है आप देखिए कितने यंग्स्टर्स अब इंस्पायर होंगे कि वील एक्स्पेरिमेंट वील दू सम्पिन्ग नु
जिनकी फिल्मे पॉस हो गई हैं।
देखिए आपने बोला कि बहुत आएंगी।मुझे ऐसा लग रहा है कि बहुतों ने बोला कि जो स्पाइ वर्स हैं, स्पाइ थ्रिलर्स हैं, वो शायद ना आएं कुछ time तक।क्योंकि दुरंदर का जो जटका है, बुकामप आया है, उसको जिनका करियर बहुत बड़ा गया जिनोंने पैसे भी लगाए थे उनके परिवार से कोई फोटो वीडियो शेर एपरिशेशन नहीं आया अच्छा बड़े आक्टर है नहीं मैं ये कहूँगा उनकी जो आई थिंक वाइफ हैं जो बहुत बड़ी आक्टरस हैं जब दुरंदर � और वो जिसका आप जिकर कर रहे हैं वो मेरे साथ बैठे हुए थे मतलब मेरे साथ मतलब मेरे पीछे बैठे हुए थे तो ऐसा कुछ नहीं है होता क्या है कि कई बार ऐसी अटकले लग जाते हैं कि औरे नहीं पर आम तोर पर सोशल वीडिया अपरिशेशन होता है कि किसी की फिल्म आती है तो आसपास के लोग जो ह बहुत कूल है, मैं भी करूँगा।मैं भी करूँगी।But I will not say कि उन्होंने deliberately ऐसा किया हो या कुछ हो।मुझे लगता है कि बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो late भी react करते हैं।
तो आप ये कह रहे हो कि उन्होंने धुरंदर देखी थी आपके साथ।देखी और बहुत तारीफ कीऔर बहुत मैं अक्टर के लिए अच्छा हुई है क्योंकि क्या कमाल की आक्टिंग की है।
नहीं बिल्कुल कमाल की आक्टिंग की है।
मतलब लार्जिस दिन लाइफ सीनेमा मैं उस इंसान ने मुझे आओ कर देख कई लोगों ने अधिधर ने इन लोगों ने सबको बड़ी वो आज तक कोई studio visit नहीं किये।
कोई event नहीं किये।तो let me say this to you, आदिधर ने मुझे धुरंदरवन के बाद promise किया था कि मुझे पॉटकास देगे।
मैं भी, अदित्या दर ने मुझे प्रॉमिस किया था कि दुरंदर टू के बाद वो आएंगे और हमें NDTV पे इंटिव्यू लेंगे।
यह मुझे उन्होंने प्रॉमिस किया था।जब उन्होंने मुझे से कहा था कि अभी दुरंदर टू की एडिटिंग चल रही है और जब ख आप एक फिल्म मना कर रख दी, सो मुझे ये भी लगता है कि मेनथ करने वालों को उपर वाला इनाम देता है।
नहीं, बिल्कुल होता है, मेनथ करने वालों की हार नहीं होती।और अधित्या का ऐसा रुजान है, मुझे लगता है अधित्या wants his craft to speak. तो उन्होंने जो उनका का अब word of mouth से चीज़ें चल रही हैं उनको कोई कह नहीं रहा पी आर वाला कि बाई आप चुप रहो आप यहाँ छिप के बैठो तो ज़्यादा चलेगा ऐसा कुछ नहीं है वो खुद नहीं चाहते 100 years of Bollywood cinema versus आड़ेधर नहीं उरी के बाद आपने देखा कि वो आसामने आएं आपका फिर्वरिट गाना कौन सा थाबहुत सारे गाने हैं दुरंदर वन में ज़्यादा गाना है छे टू में ये तो बड़ा कॉंप्लिकेटिट कोई सवाल पूछ लिया अब पहले मैं बताओं जब दुरं� और जो जैस्मिन सैंडल का गाना है और जैस्मिन सैंडल सतिन्दर सर्थाज बिल्कुल सतिनदर का तो बहुत टाइम से फैन रहे हैं जबर्डस तो ये दो गाने जो हैं आने इवें देट सौंग दिल पे जखम खाते हैं खान साब का ये अब देखो दो से तीन कर दिया आपने बहुत सारे गानें और थे, अरजित का गेर जो सांग था, लफ सांग साँग, Outstanding मैं भी भी सुनता हूँ।
मैं आपको बता हूँ, एक चीज़ जो मेरे दिल को छू गई पूरी तरीके से, जो लास्ट के पांच मिनट है फिल्म के, दुरिंदर 2 के।सर उसमें मेरे को रनवीर स और जब हम जा जाता है शुरु में ना तो कार वहाँ की तलाश है और जब हम जा जाता है शुरु में ना तो कार वहाँ की तलाश है और जब हम जा जाता है शुरु में ना तो कार वहाँ की तलाश है और जब हम जा जाता है शुरु में ना तो कार वहाँ की तलाश है तो मेरे को हम्जा लग रहा था।
उसमें मैं और खुश हुआ पेरा अपना क्या बोलते है वेस्टेड इंट्रेस्ट है कि जब वो करेक्टर आ रहा था और वो बस में चड़ रहा था तब मेरा नाम फ्लैश होता है।रिसर्च कंसॉल्टेंट आदित्या राज कॉल और डि�अदित्या अगर आफ़ सोचे वो एसे टिपिकल वॉलिवुड फिल्म इसको हैपी एंडिंग दे सकते थे कि बही जाबाज ये है उसने सब खतम कर दिया और वो जीत गया वो उसको मार सकते थे कि बही ट्राज़ेडी हो गई खतम हो गया वो कुछ और एंडिंग दे सक या जब राकेश बेदी उसको छोड़ते हैं और फ्लाइट से एकाद लोग उतरते हैं क्या कोई और भी उतरा था और वो रुक गिया था राकेश बेदी के साथ और फिर कुछ हुआ ये मैं कह रहा हूँ बतलब लोग ऐसी अटकले लगा रहे हैं।
Not bad, yeah. तो ऐसा है और जो एक अगर इसका explanation मिल जाया।वो जो इसका दोस्त होता है जो पाकिस्तान में रुक गया है।वो किसी दूसरे गैंग में काम कर रहा होगा।दूसरे गैंग में काम करता शुरुम में उसका जब introduction होता है तो introduction को करा आएगा क्योंकि लास्त में तो आपने दिखाया है दोनों को training सा तो वो introduction क्यों हुआ?क्योंकि बाद में दिखाया आपने की सारे साथी में तो training किया था इन्होंने एक साथ पानी में Underwater training थी।यह आप अदिश्टिदर से बोचेगा।
"I'd definitely pay more for this as your audio transcription is miles ahead of the rest."
— Dave, Leeds, United Kingdom
Want to transcribe your own content?
Get started freeसिर्फ एक आई थिंग ये वाली इस पर थोड़ा से ध्यान शायद नहीं किया।नहीं आई थिंग इ और होटल मिलते हैं, रात को आता है शटर गिरा के, कि ये पप्पू ग्यागे में पहले शामिल हो चुका है।और फिर लास्ट में आपने दिखाया है कि ये साथ में ही ट्रेनिंग कर रहे थे।लड़ते हैं, जगड़ते हैं, अंडर वार्टर।So, वहाँ से एक क्वेस्
की थी तीनों तो राउ वाले थे हो सकता है कि जो शॉप वाला था कॉरो गेरा उसको नहीं पता था कि क्या हो रहा है या उसको लगता है कि कोई लोग हमें ट्रैक कर रहे होंगे इसमें बहुत चीज़ें होती हैं जो माइंड में रखनी पड़ती हैं।बाकित तो अब्सलूट डेटेलिंग बंदूग पर हाथ और मुझे लगता है अदित्या ने इस पूरा एक जॉनर है, इसमें महारत हासल कर दिये।आपसलूट से नहीं।आपसलूट 370, बारा मुल्ला, धुरेंदर।तो अलग अलग टाइप की फिल्में हैं, लेकिन क्या फिल्म है?
मतलब दुरंदर आप बार बार देख सकते हैं मुझे तो लोगों ने मेसेज किया है कि सर आठ बार देखी है मैंने बोला ऐसा क्या है कि आपने आठ बार देखी बोला नहीं अगर आठ गंटे भी हमको लगातार देखनी पड़ी हम देखेंगे सर इतने बड़े डिरेक्टर थे और मैं पैसे देके हरबा जाके देख के आ रहा हूँ।मुझे मजा आ रहा है।वो प्रीमेर शो भी देखने गए थे।विल्कुल।और फिर लखनों में देखने गए, यहां देखने गए।और मैं कह रहा है कि मैं एलग -एलग हॉल में जाता हूँ।
एक बार बड़े हॉल पापिस आके फाइनली मैं डूनने लगा टिक्टे मुझे टिक्टे नहीं मिल रही तो मैंने बोला रहे यार फ्रस्ट्रेटिंग है मतलब टिक्टे नहीं मिल रही मैंने अधित्या को मेसेच किया मैंने ला यार मैं टिक्टे डून रहा हूँ मिली नहीं रही कह रहा यार भाईमुझे टिक्टे नहीं मिल रही है।Can you believe that?अदित्या दर्ड, Director of the film was not getting tickets for Durandar 2. So that was the craze that was there. Finally मुझे टिक्टे मिली और मैंने दिव्या को दूसरी बार अपने साथ लिया और बोला कि नहीं ये फिल्म देखनी है।I think it is something magical. इत्यास में ऐसा होता है कि समय लिखा होता है।ये समय लिखा हुआ था दुरंदर का और ये अदित्या दर की तो चलो अलग बात है उनके प्रोड़क्षिन आउस की अलग बात है लोकेश की रनवीर की अलग बात है लेकिन सिनिमा के लिए पॉलिवूट के लिए ओवरॉल इंडियन सिनिमा के लिए ये बहुत बड़ा एक हि अच्छा last question इस फिल्म के किर्दारों को हमने बड़ा relate किया दो किर्दार के ऐसे नाम बताओ जी इनके लिए आपको बुरा लगा कि आरे इनके साथ तो बड़ा गलत हो गया पहले तो मुझे लगता है कि यो येलीना है उनके साथ बहुत गलत हुआ मतलब वैसे भी सोचा जाये एक forced character वहाँ पर है जो की एक real life दिखाना पड़ता है एक आपको cover हमेशा एक intel op में रखना पड़ता है तो वो cover एकदम यह था लेकिन मैंने राकेश बेरी से भी पूचा दिविया ने भी पूचा की यार आपने सोचा नहीं की आपके साथ एक Indian Intelligence का यह बंदा आ रहा है और as a father � तो आपको करना पड़ता है तो एक तो यलीना का character था और दूसरा एक character था I think मेरे को उसका नाम नहीं आता रहा जब वो front का scene आता है juice का और वो gang का एक member आता है कुछ ऐसे कुकर्म करने के लिए रणवीर सिंग्ग के साथ I think he is a Kashmiri from Kupwara but what a character मतलब वो बिचारा innocent बंदा है ले
पाकिस्तान में क्या क्या होता है वो भी सापने आए अभी आप देखिए एक वीडियो वारल हो रहा है एक एलजी बीटी क्यू वहाँ पर एक है 80 परसंट पाकिस्तान जो हैं गे हैं मुझे दो लोग के लिए बुरा लगा एक उजैर बलोच के लिए बिचारे को फर्ची निप्टा दी आप लोगों ने पहले दुबाई में फसाया फिर यहां फसाया और मैंने सुना असली में भी उशर जेल में बंद हुए हैं बहुत टाइम तक।
ती ये वाखिमें ऐसा कोई था तो नहीं कोई जस्खीरत जिसने भसा के चलाया उनको।
नहीं नहीं आप इंटेव्यूज देखिये आप पहले तो असलम चोदरी के वाईफ का इंटेव्यूज देखिये वो देखा है मैंने।वो तो जबरदस कह रही है बहुत जबर्दस्त इस पे काम हुआ है और एक दूसरा रनवीर सिंग का जो साला बना था बेचारा फर्जी मर गया पुरी तरीके से बेचारा लेकिन सबसे बड़ा जो एक मंदा है नबील गबूल करके वो पाकिस्तान में एक दम जबरदस दुरंदर वन के बाद हीरो बन गया कि आरे भाई आपके उपर फिल्म इस बार जब फिल्म आई तो बिचारा एक दम डाउन हो गया कि बाई इस है रौंक ऐसा कुछ नहीं है तो उसको पाकिस्तानी जो ख� उनकी शकल मिलने की बात चल लई थी।
तो उसने कहा लव्यू व्यू तो उन्हेंने कहा कि होता है मेरे पिठाजी पाकिस्तान गया हूँ कभी।
लेकिन मैं एक और शीज आपके पॉटकास पर आज बोलता हूँ कि नबील गबूल पे तो लोगों ने बड़ा रिसर्च किया कि �यूके में हैं अभी MQM के नेता थे उन पर बड़े एलजाम लगे कि ये रॉक के लिए काम करते थे मुझे लगता है जूठे थे लेकिन उनका चेहरा उनके वीडियो लोगों ने नहीं देखे कि अलताफ हुसेहन जो कराची के नेता थे अभी यूके में है और उनकी बेटी भ देखिये वो तो हम दोनों को वेट करना पड़ेगा आदित्या दर के साथ आप पॉड़कास करेंगे मैं इंटरव्यू करूंगा और उसके बाद पता चलेगा क्योंकि आदित्या के ऊपर अभी कोई प्लान नहीं है मुझे नहीं लगता कि अभी कोई प्लान है ये भी जो दु पर रिसर्च इतना ज़्यादा हुआ, फिल्म का स्टोरी बोर्ड इतना लंबा बना, फिर शूट इतना ज़वरदस्ट हुआ, और 70 -80 % शूट थाईलन्ड में हुआ पूरा।उसके बाद पंजाब में, मुंबए में, दिल्ली में, लुदियाना में, अलग -अलग जगाँ पर मैंने उसको पहला चीज मेसेच किया कि पहले मेरे रॉंग्टे कड़े हो गए आखरी सीन पे मैं रोरा था लेकिन प्लीज दुरंदर थ्री और दुरंदर फॉर प्लीज बनाना तो यह तो मेरी परस्टनल रिक्वेस्ट है कि मैं तो अलड़ी कहानिया बटोरने में जुड़ा ह एक आख्री क्वेस्ट्र क्योंकि आप ये फिल्म का जो प्रेव्यू था उसमें के लिए स्टार कास्ट और फैमिली वाले आये थे यामी गौतम ने कहा यार एक बड़ा रूल तो होना चाहिए था क्योंकि सेकेड में तो आ गई वो नर्स बनकर बड़ इतनी लार्जिर दिन लको कहा हो in personal conversation आप लोग के सामने देखिए यामी गौतम का तो सबसे बड़ा रॉल है she is the support she is the inspiration and she is the backbone of आदित्यदर इससे बड़ा रॉल क्या होगा है है आपको बता रहा है पर I am personally a fan of यामी मैंने तो in fact बहुत लोगों ने मुझे message बेजे जब हक आई की यामी का इंडियन सिनेवा में वो जो रॉल था ना यामी गौतब ने उसको जिन्दा कर दिया बिना प्रोपेगेंडा के वो फिल्म इतनी खुफ्सूरत थी कि मज़ा आ गया बहुती अंडरेटिट आक्ट्रिस हैं और ये भी होता है ना अब अब मैं बॉलिवोड माफिया बोलूँगा तो लोग मुझे गालिया देंगे, बोलेंगे औरे नहीं, माफिया कहां से है, ये है, वो है।तो एक वो इको -सिस्टम बना है बॉलिवोड में और ये हर जगाए है, हमारी मीडिया में भी।
But I think आप लोग सम्मान करते हैं, जैसे � अपने आप Relatability कर लेते हो कि ये वो लोग हैं जो बढ़ेंगे तो जैसे मैंने कहा ना धुरंदर के success आपको personal success लगती है एसी हक मुझे लगी इम्रान और क्या कमाल की acting की दोनोंने थोड़ा समय और लगेगा दीरे दीरे हो रहा है जो सारा डेबेट नेपो किट्स को लेकर या फिल्मों के लिए गाने भी लिखे हैं, स्क्रिफ्ट भी लिखी है, मैं AD भी रहा हूँ, मैंने हर काम किया है।
और अब अपने बल्बूते पर, आसान नहीं रहा।जो बड़े -बड़े प्रोड़क्शन हाउस, जो पैसा लगाते हैं, ये सब करते हैं, वो कैसे मान लेंगे?�में यह होता है कि भाई चलेगी नहीं चलेगी क्या होगा response पर इसमें आप देखिए जितना भी लगा मुझे exact amount सोशल मेडिया पर एक बड़ी चर्चा चली थी कि पहले आदिधर के बाद पैसे नहीं थे तब उसने दुरंदर बना दिया आब उसके पास पैसे भी है उसके पा Imagine what he can do now. यही हमारे मेडिया में भी था कही टाइम से कि अगर आपके Contact हैं, अगर आप किसी Bureaucrat को जानते हैं, अगर आप कहीं पर Politician को जानते हैं तो आपकी इस Media संस्तामें जो बहुत पुराना है उसमें नौकरी लग जाएगी यह हो जाएगा हमारे मेरे पुराने संस्तामें मैं वहाँ पर कश्मीर को लेकर regularly आता था बड़े बड़े शोज में एक महिला संपादक थी उन्होंने मुझे पूरी दर्गील से बैन कर दिया और यह उसी टाइम था जब राडिया टेप्स आया था और राडिया टेप्स के दोरान विनोद महता को बैन कर दिया था क्योंकि व तो मुझे भी बैन कर दिया।और किसले बैन किया।क्योंकि मैं कश्मीर के उपर opinion रखता था अलगावादियों और आतंगवादियों के खिलाफ।
तो बोला नहीं नहीं, आपके लिए कोई जगा नहीं है, आप बड़े communal हैं।अरे भई, मैं terrorism का victim हूँ, terrorism के खिलाफ बोल रह क्या यह सच है कश्मीरी पंडित दुनिया के एकलोते ऐसे विक्टिम है जिनने विक्टिम की निगाहों से लोग दिखना भी नहीं चाहते हैं और जैसे ही अपने दर्थ की उबात करते हैं उनने कम्णल बना के पेश कर दियाता है हिनुसाने बहुत साहे लोग हैं जिनको आपकदरसे घंटा मतलब है अभी भी सोशल मीडिया पर उन्हें बताना पड़ता यह हुआ था बाकी जितने लोग हैं चाहे वो मैं पलेस्टीन से लेकर सिख सिखों तक की बात करा हूँ उन्हें कमसे कम victim तो मानते हैं वो कि इनके साथ घलत ह यंक लड़के को कन्विंस करूँ जिसने कश्मीरी पंडित देखी नहीं है वो कश्मीरी पंडितों के साथ रहा ही नहीं है उसको पिछले 20 साल से बताया गया है कि ये तो जिहाद है आपको लड़ना है आपको कश्मीरी पंडित तो यहां थे ही नहीं वो तो बाहर ही हैं वो तो बगोड़े हैं क्या मैं सरकार को convince करूँ कि हम victim हैं आतंगवाद के और हमारे लिए नियाय किया जाये 30 साल हो गए 35 साल हो गए कभ तक हमें इंतजार करना पड़ेगा या क्या मैं उन बुद्धी जीव मैं भी victim रहा हूँ, मैं असली minority हूँ कश्मीर में, मेरे साथ यह हुआ है, मेरे समुधाय के साथ लोगों को मारा गए हैं, हमारे मंदिर तोड़े गए हैं, हमारे शिवलिंग जो हैं पूरी तरीके से, समंदर में, lakes में बहा दिये गए हैं पूरी तरीके से, तो मैं किसको convince करू कश्मीर फायल्स सिर्फ 5 % या 10 % है कि जितना कश्मीरी पंडितों के साथ हुआ असलियत आएगी तो आपके रॉंक्टे खड़े हो जाएंगे आप सो नहीं पाएंगे रात को ये है अब आप विवेक अगनी ओतरी को मान सकते हैं कि वो अच्छे डिरेक्टर नहीं है आप कुछउन्होंने बताईये, दर्शाईये और महीनों तक रेसर्च किये।मेरे पिताजी भी उनको मदद कर रहे थे।विवेक् ने मुझे भी कॉंटाइट किया कि आप आईए और मतलब मुझे सपोर्ट कीजिए इसमें लेकिन मैं नहीं कर पाया मैं मीडिया में उस पक व्यस्थ था और शिकारा के टाइम भी जब मैंने support किया तो पूरा right wing मेरे खिलाफ हो गया बीस 25 ,000 follower मेरे कम हो गए 24 गंटे में कि भाई आप कैसे कर सकते हैं आप देखिए ये दोगला बंदा है अपनी त्रासदी पे देखो ये पैसे कमाए होंगे इसने ये विनोत जो है इसको support कर रहा है म अपने ekosystem के लिए कुछ भी उसके political compulsions रहे होंगे लेकिन दिखा रहा है इसलिए मैंने support किया बट मुझे नहीं पता कि कश्मीर फायल्स यासी फिल्म भी आईगी और ऐसा लोगों का सुनामी और support रहेगा और लोगों के रॉंक्टे खड़े हो जाएंगे क्योंकि मुझे या� तो बहुत लोगों को कश्मीर फायल्स के बाद पता चला कि कश्मीरी पंडितों के साथ क्या हुआ।
अभी भी नई पीड़ी के लिए नए बच्चों साथ मिलोगे कॉलेज वाले तो उनसे आप पूछो प्रोपेकेंडा फिल्म्स तो वो कश्मीर फायल्स को टॉप पे लेते ह अब वो दुरंदर को टॉप पर रखेंगे।
तो वो तो होता रहता है।देखिए इससे अब कोई ये नहीं हैं।
आप पॉलिटिकल भी कवर करते हो।
पॉलिटिकल मैं दूर ही रहता हूँ भाईसाब।मतलब मैंने पॉलिटिकल कवर किया है, मैंने बीजेपी भी कवर किया हहामादी पाटी भी किया है, कॉंग्रेस भी किया है, मैंने मोधी जी का इंटरव्यू भी किया है, तब जब कोई इंटरव्यू नहीं करता था 2011 -12 में, मैंने अर्विंद केजरीवाल का इंटरव्यू किया है, इन फैक्ट अर्विंद केजरी अर्विन केजरी वाल से पूछा गया मेरे बारे में कि आप आदित्या के बारे में क्या सोचते हैं।तो अर्विन किजरी वाल ने उस वक्त बताया कि ये इंडियन यूथ के ऐसे प्रतीक हैं जो इंज्यस्तिस बरदाश नहीं कर सकते हैं।वो इसलिए हुआ क्यूंकि प्रेदश्नी मट्टू को लेकर मैंने एक बहुत बड़ी क तब मैंने प्रेदर्शनी मट्टू को लेकर जिसका रेप हुआ था, मर्डर हुआ था एक पूरे इंडिया में कैम्पेन चलाई थी ये वोही दौर था जब जैसेका लाल का भी केस आया था उस पे भी प्रदर्शन चल रहे थे और संतोष कुमार सिंग्ग जिसने वो रेप और और तब मेरे को मन विचलित हुआ 16 साल की उम्र में और मैंने एक प्रेटिशन जारी की और ये वो जहर है जब औरकुट नहीं था, इंस्टाग्राम नहीं था, फेस्बुक नहीं था, सोशल मीडिया था ही नहीं तो मैंने एक प्रेटिशन online .com में उसमें प्रेटिशन जारी किय मेरे उपर स्टोरी की और वो स्टोरी हेडलाइन चली टॉपतब जाके हमने बहुत बड़ा एक प्रदर्शन उर्णाइज किया डेली हेरिंग पे दस साल के बाद इस केस को लगाया गया और दिल्ली हाई कोड़ ने संतोष कुमार सिंग के खिलाफ फांसी की सजा दी जो बनदा दस साल से फ्री गुम रहा था फिर सुप्रीम कोड़ ने उ उसका रेजेक्ट कर दिया है कि उसको छोड़ना चाहिए बट पुलीस कहा रही है तेहार जेल कहा रही है उसको छोड़ देना चाहिए गुड बेहिवियर के तहथ और अब तरास्थदी है कि परिवार में कोई बचा नहीं है उनकी माता जी की मृतियों हो गई है पिता जी की म� अब ये देखे ना पॉबलिक मेमरी कितनी शॉट है कि बुला देते हैं कि ये अक्यूज्ड हैं।
आप देखे ना एक जमाने में जैसीका लाल, प्रेवधेशनी मतू, नितीश कटारा केस कितने जबरदस थे।
पूरे इंडिया उनके साथ खड़ा हुआ था कि न्याय होना चा मुद्धी दिखाया लेकिन योगी नहीं दिखाया बाबू योगी जहाँ दिखाना था वहाँ पर डी -स्पी साहब को दिखा दिया डी -जी -पी साहब को जो बताता है कि दिल्ली और लक्ष्णों में जो दूरी सोशल वीडियो चलती है वाकए में सही चलती है नहीं नहीं येहुए और बाद में क्योंकि यूपी का आदि मानता है योगी जियो क्रेट गया।
Transcribe all your audio with Cockatoo
Get started freeमुझे ऐसा लगता है कि विकास दूबे अतीक अन्सारी और अतीक एमर इन पे फिल्म बननी चाहिए एक अलग कि मिट्टी में मिला देंगे क्या हुआ और यह है भी एक आखरी में मैं कहूँगा देगे आप जो भी सवाल करते हैं उस पे कहानी हैं तो बताना पड़ेगा कि वेस्टरन यूपी जो है और खासकर जो गा मतलब एक लड़की जो है वो 7 बजे के बाद या 6 बजे के बाद अकेली नहीं गुम सकती थी बाहर या गाड़ी भी अगर आप चला रहे हैं न बाइक पर कोई आएगा या रस्ते में कोई पेड होगा आपको अगवा करके ले जाएगा या आपकी गाड़ी ले जाएगा या आ या गैंक्स्टर्स की या आतंगवाद की कमर तोड़नी हैं तो देर हैस्टू बी अ वेरी स्ट्रॉंग अप्रोच देर हैस्टू बी एक कंसिस्टन्ट अप्रोच तो वो ही हो रहा है आप बहुत चीज़ें आप क्रिटिसाइस कर सकते हैं कि हुमन राइट फालेशन है यह है व मैं यूपी में रह रहा हूँ माफ़ कीज़े भाई यूपी पुलीस बाहर है अरे यी तो आदित जी को लेके समाल था दूसरे वाले नहीं नहीं बिलकुल अगले बाद मुझे लगता है कि बहुत सारे फिल्मेकर्स हैं यहां पर फिल्म सिटी बनानी के भी प्रक्रिया चल रही है योपी में और बहुत सारे लोगों के साथ योगी जी मिलते रहते हैं तो आगे बनेगी फिल्म हम समझ गए डर सबको लगता है गला सबका सुखता है नऔर ज्यादा deformation cases जो हैं वो BJP से भी रहे हैं मेरे खेलाफ, Congress से भी रहे हैं और PDP से भी रहे हैं, arrest warrant भी रहे हैं तो उसके बारे में अगली बार चर्चा होगी बढ़ बहुत अच्छा लगा आपके साथ बाचीत करने में।
Same here और I hope कि दुनिया शान्ती में जाये हमारे आपके � नहीं मैं nuclear attack की point of view जाती हूँ।
Nuclear attack नहीं होगा मुझे नहीं लगता वो कोई एकदम ही संकी हो गया तो वो कर देगा आसे मुनी type लेकिन मुझे लगता है कि ऐसा कुछ नहीं होगा हाँ जंगे होती रहेंगी, clashes होते रहेंगे, terror attacks होते रहेंगे जिससे हमें जूझना है और जो
Get ultra fast and accurate AI transcription with Cockatoo
Get started free →
