All Content

Modi On Mute? | Govt Helpless As America Kills Three Indian Sailors In Hormuz | Akash Banerjee

The Deshbhakt12 views
0:00

Thank you President Donald Trump पस यही बात बोल पाए हमारे नरेंदर मोदी अमेरिका से जिस समय US forces हमारे तीन sailors को State of Hormuz में मार गिरा रहे थे नरेंदर मोदी Donald Trump को thank you इसलिए बोल रहे थे क्योंकि Social Media में उनको congratulations मिल गया अमेरिकी राष्ट्रपती से वाह -वाही मिल गई for becoming the longest serving Prime Minister of India एक बार फिर से न आइरेनी की बात कहलीजिये, कॉबिडी की बात कहलीजिये, ट्रॉम्प ने मोधी को स्ट्रॉंग लीडर बताया अपने कंग्रैचिलेटरी मेसेज में और पिछले 12 सालों में अगर आप देखो, तो मोधी के जो सपोर्टर्स हैं, वो भी एक चीज़ को हमेशा पोट्रे करने की वो जो एक लास्ट इमिज था, वो जो एक लास्ट जुम्ला था उसी को डॉनल्ड ट्रॉम्प ने फुस कर दिया जाने अंजाने में क्योंकि एक समय जरूर था जब नरेंदर मोदी स्ट्रॉंग हुआ करते थे इस पर कोई डिबेट नहीं है और वो था जब हमारे पास सीयम मोदी हुआ करते थे वो सीयम मोदी जो देश के लिए एक भी कॉंपरमाइज लेने को तयार नहीं थे वो चीफ मिनिस्टर मोदी जब इटालियन मेरींज ने हम मेरे केरल के दो मच्वारों को मारने वाले वो हत्यारे किस जेल में हैं जड़ा सब पता बताओ में।आज अगर चीफ मिनिस्टर मोदी हमारे बीच होते आज अगर चीफ मिनिस्टर हमारे साथ होते तो अमेरिका को करारा जबाब मिलता आज अगर हमारे साथ चीफ मिनिस्टर मएक बार फिर से दिखा रहे हैं कि कैसे हमारे देश को एमेरिका बाई रिमोट चला रहा है कैसे हम म्यूट पर चले जाते हैं जब बात एमेरिका की आती है agressor attitude of china ke baare me bilkul chup rahe kaha koi hamare desh me nahi ghusa shayad america jaanta tha ki galwan ke tarah yaha bhi kuch nahi hoga wo jo karna chahe wo kar lenge sirf sarkar ke taraf se denial aayegi aur america se koi sawal nahi poocha jaayega ये जो हुआ है अभी, ये जो सेलर्स हमारे मारे गए हैं, एक छोटी बात नहीं है।हमारे देश की इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि एमेरिकी मिलिटरी ने डिरेक्क्ली इंडियन सिटिजन्स को मार गिराया है वो भी एक आर्म्ड स्ट्राइक ओन एक कमर्शल वेहकल प और उस से भी जादा दुख की बात ये है कि इस एपिसोड को रेकॉर्ट करते वक्त हमारे पास कोई condemnation नहीं है प्रधान मंत्री के तरफ से, एमेरिका के तरफ कोई सवाल नहीं है और नाहीं एमेरिका के तरफ से कोई regret है कि हां हमसे गलती हो गई ऐसी चीजे हम फिर से नहीं कर अरे क्या कैप्टिन जैक्स पेरून ने अटैक कर दिया पाइरिट्स ने अटैक कर दिया आप एमेरिका का नाम तक नहीं लेना चाहते हो जिस तरीके से सरकार चाइना का नाम नहीं लेना चाहती है उसअगरसर स्टैंड के वजए से हम अमेरिका का नाम भी लेने से डर रहे हैं उल्टा जो स्टेट्मेंट आया वो तो और भी हाणी कारक निकला क्योंकि M .E .A. के स्टेट्मेंट को आप अगर देखोगे बयान बाजी अगर देखोगे तो आपको पता चलेगा कि M .E .A. बोल रही है कि ये जो शिप्स हैं ये नॉन कमप्लाइन्ड थी और इसके वज़े से कड़वा सच तो यही है कि तीन इंडियन सेलर्स को मार गिरा दिया गया है हमारे तीन शिप्स जहाँ इंडियन कुरूस थे जिस पर उसको एटाक किया गया है तीन दिनों के अंदर तो क्या हम ये मान कर चलें कि जो अठारा हथार इंडियन सीफेरर्स अभी भी गल्फ एरिया म हम इतना कमजोर तो हम पहले नहीं होते थे यूएस के सामने भी इतनी बुरी तरीके से हम नहीं जुखते थे आज इतनी इंप्यूनिटी कहां से आ गई है हमारा तो प्रधान मंतरी बहुत स्ट्रॉंग है हम तो विश्वगुरू है तो क्या हम एमेरिका को एक डिमार्श दे कर ये सारी चीज़ों के बारे में आज हम बात करेंगे, solutions के बारे में बात करेंगे लेकिन एक बार पहले देख लेते हैं हुआ क्या?क्योंकि details matter करते हैं, social media पर बहुत कुछ उल्टा सीधा भी चल रहा है, justification of American action भी चल रहा है देशबत में हमने आपको प्रीवियस एपिसोड्स में भी बता के रखा है कि कैसी स्ट्रेट अफ़ोर्मूस को ब्लॉक करने के बाद अमेरिका के दिक्कते काफी बढ़ चुकी है वो बार बार स्ट्रेट अफ़ोर्मूस को खुलवाने की कोशिश करता आया है इस एपिसोड को

5:45

State of Hormuz अभी खुल जाएगा लेकिन State of Hormuz कल खुले या ना खुले एमेरिका ने हमारी पोल जरूर खुल के रख दी है क्योंकि एमेरिका ने जब ये Reverse Blockade लगाया कि तुम Blockade करोगे हमारे शिप्स को तो हम भी तुमारे शिप्स को Blockade कर देंगे तुमारे Ports को Blockade कर देंगे लेक आट जून को सबसे पहला एटाक आता है मैरिवाक्स पर एक F -18 सुपर हॉरनेट USS Abraham Lincoln से उडान भरता है एक Precision Munition दागता है Engineering and Steering Spaces पर मैरिवाक्स के अब यह पलाओ Flagged Tanker है मने यह Because Internationally इतने सारे Rules and Regulations होते हैं तो यह Indian Flagged Carrier नहीं था और इसी के लिए बहुत सारे लोग जस्� लग जाती है इस शिप में, शिप डूबने लगता है, 24 इंडियन सेलर ओन बॉर्ड हैं, ये फिर एक distress message भेजते हैं. इस पहले एटाक के बाद कम से कम ये लकी होते हैं चौबीस के चौबीस एडाकूएट कर दिये जाते हैं रॉयल एर फोर्स अफ ओमान द्वारा अमेरिका कनफर्म करता है ये स्ट्राइक हमने ही किया है क्योंकि उनका कहना है ये प्रीवियसली सैंक्षेंट इरेनियन ओयल ल चलिये यहां अमेरिका की जस्टिफिकेजन हम मान भी लेते हैं लेकिन उसके बाद आता है दूसरा अटैक MT SETIBELLO US Central Command कंफर्म करता है कि दो हेलफायर मिसाईल इंजिन रूम पर दाग दिये गए सेटी बेलो के ये भी पलाव फ्लैक्ड टैंकर है ऑफ़ ते कोस्ट ओमान लेथे पी सुरेश चीफ इंजिनियर विशाका पटनम से अधित्या शर्मा डेक केड़िट ओंली 23 येर्स ओल्ड एकलोते थे बच्चे अपने पेरेंट के और शिवना was made with the vessel, मतलब shoot करने से पहले कोई warning नहीं दी गई थी उन्होंने तो सीधा सीधा challenge किया है अमेरिका से कि evidence दिखाओ क्या communication किया है तुम्हारे ship के साथ अमेरिका ने अभी भी इस challenge को respond नहीं किया है इस episode को record करते समय सेटी बेलो को कोई sanctioned नहीं था it was not a sanctioned ship by the US government एक list by a campaign group में जर� तीस्तरा अटैक जलवीर पर अब आप सोचिए तीन इंडियन जो सिटिजन्स हैं सेलर्स हैं उनको मार गिरा दिया गया इंडियन गवर्मेंट ने थोड़ा बहुत प्रोटेस्ट भी किया अमेरिका ने कहा हा हा हा ठीक है तुम प्रोटेस्ट करते रहो हम तो और भी हेल फायर म इसको टार्गेट किया गया बीस इंडियन सेलर ओन बॉर्ड थे थैंकफुली इनको यहां से इवाक्यूएट कर लिया गया रॉयल नेवी ओमान ने इन्हें बचा लिया अब जो शिप ट्रेकिंग डेटा है ये दिखाता है कि जलवीर गल्फ से इंडियन पोर्ट्स के बीच म Thankfully, उनको टाइम से बचा लिया गया था उनकी जाने बज़ गई तो अमेरिका जो स्कोर कार्ड मेंटेन कर रहा है उनका कहना है कि तेरा एपसे उन्होंने 9 वेसल्स को डिसेबल किया है, 135 वेसल्स को रीडरेक्ट किया है, लेकिन इसमें एक और आंकडा अंफोर्चिनेटली आड हो जाता है, तीन इंडियन क्रू में� और यही एक साड पुलिटिकल स्टोरी भी आती है क्योंकि बात यहाँ यह है कि जिस दिन सेटी बेलो जिसको स्ट्राइक किया गया था जब तीन इंडियन्स मारे गए थे वहाँ मोधी सरकार क्या कर रही थी मोधी सरकार उस समय एकदम बेखबर होकर दूसरे दुनिया के लीड मारे गए थे और इस एपिसोड को भी रेकॉर्ड करते समय नरेंदर मूदी के तरफ से कोई स्ट्रॉंग स्टेट्मेंट नहीं आया है बहुत जदा जब क्रिटिसिसम हुआ तो M .E .A. eventually एक स्टेट्मेंट लेकर आया जो M .E .A. का स्टेट्मेंट था जो M .E .A. का बयान था व अगर आप इपने इपने आपने आपने इपने आपने आपने इपने इपने इपने इपने इपने इपने इपने इपने इपने इपने इपने इपने कभी कभी लगता है कि M .E .A. ना ही बोले तो बहतर है बोलने की ऐसी क्या जरूरत है जहां कहीं और ही ब्लेम आप ले जा रहे हो एमेरिका से दो सवाल नहीं पूछ सकते हो कर दिया हम तो यहाँ एम्बैसेडर को भी नहीं बुला कर स्ट्रॉंग प्रोटेस्ट कर सकते हैं बस बोल दिया कि हम ने एक डिमार्श इशू कर दियाकि एमेरिका मस सीज एन एंड लेकिन एमेरिका के तरफ से कोई एशॉरिंस आया है एमेरिका के तरफ से कोई सौरी आया है एमेरिका क इस तरीके से हमारे naked ministers हमारी देश के सुरक्षा के लिए खत्रा बन रहे हैं क्या आप जैशंकर जी की बात कर लीजिये क्या आप गोयल जी की बात कर लीजिये बच्चे तो सब उनके वहाँ पड़े हुए हैं तो किस बात पर हम negotiate कर पाएंगे किस बात पर हम उनने लाल आख दि soft approach leti hai America ke saath aur America baar baar hume arm twist kar deti hai. चली ये सब तो ठीक है इन लोग बोल नहीं पाये लेकिन नरेंदर मोदी प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी वो भी कुछ नहीं बोल रहे हैं इस एपिसोड को record करते समय कोई tweet भी नहीं दे रहे हैं कोई बयान भी नहीं दे रहे हैं ये वोही इंसान है जो बड़े बड़े speech दिया सरकार की नाकामी आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हो कि सरकार के जो बड़े भक्त हैं सरकार के जो फैंस हैं वो भी डिमांड कर रहे हैं कि ये हम नहीं हैं हमें एक्शन लेना चाहिए इस तरीके से हम चुप नहीं बैठ सकते हैं स्टॉंच सपोर्टर्स मोदी सरकार के कह �इतिहास के पन्ने टटोल के देखोगे तो आप देखोगे की अमेरिका के सामने हम इतने helpless नहीं हुआ करते थे अरे अभी अगर हम 5 trillion dollar economy बनने वाले हैं तो अब तो हमें और भी strong होना चाहिए था लेकिन जब UPA सरकार, जब नरेंद्र मोधी आप छोड़िये जब मनमोहन सिंग जब अमेरिका से डेलिगेशन आई उसके बाद इंडिया में तो सिर्फ फॉरें मिनिस्टर साल्मान खुर्शीद मिलते हैं अपना घुसा बताते हैं उनको स्ट्रॉंग डिस्प्लेजर दिखाते हैं लेकिन इन प्रोटेस्ट अब इस मिस्ट्रीट्मेंट लोगसभा स्पीकर स जो उस समय गुजरात के चीफ मिनिस्टर थे और BJP के PM candidate थे उन्होंने भी American delegation से मिलने से मना कर दिया था America को झुकना पड़ा था उस समय हमारे सामने तो अब हमें क्या हो गया हम इतने कमजोर कैसे बन गए इस पूरे वारदात में एक और सवाल उठता है चल ये ठीक है America के सामन हेलफायर मिसाईल लगाएंगे तो इंडियन्स मारे जाएंगे बारा प्रतिशट गलोबल मर्चेंट शिपिंग जो वर्कफोर्स है इंडियन्स हैं तीन लाख से जादा इंडियन सीफेरर्स हैं जो पूरे दुनिया भर में काम करते हैं और गल्फ में तो काफी जादा काम करते लेकिन आप ये देखें विर्णबना की यहाँ चाइना जो एक shadow fleet यहाँ ओपरेट करते आया है एक illegal fleet ओपरेट करते आया है इरान से तेल निकाल कर चाइना लेते आया है उन ships को कभी attack नहीं हुआ है गलती सबरी attack नहीं हुआ है सारा attack और सारे missile हमारे उपर चलाए जा रहे हैंJP Morgan estimate करता है कि 2 million barrel प्रती दिन clandestine flow of oil है through the state of Hormuz मने यही घोस्ट tankers अपना transponder बंद करके रात को detection avoid करके घोस्ट transit करते हैं, Iranian oil transport करते हैं without identification और चाइना ये काम सालों से करता आया है ये ghost fleet चलाते आया है लेकिन यहाँ sanctions के बावजूद, blockade के बावजूद आपने कभी सुना है किसी Chinese vessel के उपर hellfire missile चलाया गया एक बार भी नहीं और यहाँ अगर दूसरी तरह आप देखो Indian company ship manage कर रही है, Indian crew है बस third party flag है उस पर hellfire missile दाग Forward Siemens Union of India साफ साफ कहता है अपने बयान में, अपने स्टेट्मेंट में तो वो कन्विंस्ट है, US Naval Forces जानते थे exactly कितने इंडियन्स हैं, कितने दूसरे देश के नैशनल्स हैं इन वैसल के ऊपर जानबूच कर तब भी Hellfire बिसाईल चलाया गया है बहुत सारी और भी चीज़ी की जा सकती थी. लोगों को डिटेइन किया जा सकता था, शिप को रोका जा सकता था, forces भेजे जा सकते थे शिप के उपर. लेकिन commercial ship को आपने रोका नहीं, commercial ship के उपर आपने hellfire missile लगा दिया ये जानते हुए भी कि इसके अंदर लोग हैं, इसके अ agreements hai dono desho ke beech mein Indo -Pacific security maintain karte hain hum. Lekin jaha baat aayi Iranian oil ki waha aaraam se Indians ko aap maar daloge aur aap ek regret tak nahi doge, sorry tak nahi bologe. Ratti bhar ki aukaat reh gayi hai humaari America ke saamne. Thodi der ke liye sahi lekin baat inke baare me bhi karna chahiye. Jo log shaheed hua hai, jin ki jaane gayi. Kyuki ye sirf ek diplomatic demarge se

17:20

जादा बात है अब पी सुरेश की अगर आप बात कर लीजे चीफ इंजिनियर विशाका पट्नम आंद्रपतेश से अपनी पतनी के साथ वो बात करते हैं नौ जून को 8 .30 PM पर ए लेकिन देखी अपनी जिम्मदारी निभाने का उनको क्या सिला मिला जान तो गई गई दो बच्चे तेरा साल का और एक दस साल का दो बच्चे और बीबी पीछे छोड़कर चले गए और जो शिपिंग कमपनी है और ठीक से इंफर्मेशन भी नहीं दिया था इससे भी जादा दुखदाई और controversial अधित्य शर्मा का केस है डेक केड़िट Only 23 years old इनके पिता राजेश शर्मा इनसे बात करते हैं संडे को मंडे मॉर्णी को इनके पास WhatsApp message आता है अधित्य से that he is absolutely okay एक घंटे बाद उनके लड़के की मौत हो जाती है Family को काफी दिनों बाद confirmation मिलता है दिनों त अगर आपको एक स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्ट्रॉंग स्� Rajesh Sharma आज demand कर रहे हैं कि नरेंदर मोदी एक strong stand ले अमेरिका के खिलाफ।लेकिन सालों से राजेश शर्मा की ट्वीटर फीड दिखाती है कि वो नरेंदर मोदी के hard core staunch supporter रहे हैं लेकिन आज जब बात आती है उनके बेटे की तो वो ही नरेंदर मोदी अमेरिका को condemn तक नही tweets ko is tariqa se uchhalna nahi chahiye sab ke apne apne political viewpoints ho sakte hain aur bilkul sahi baat haiभी किसी का fan हो सकता है और किसी के बेटे के मारे जाने पर उनके tweets को इस तरीके से उठालना नहीं चाहिए हम भी ये बात नहीं करना चाहेंगे यहां देशबक्पर लेकिन political support एक तरफ जो दिखाता है कि एक मांसिक्ता जो हमारे देश में आ जुकी है लोगों को ये समझ में नहीं आता है कि इरान में जो हो रहा है या फिर गाजा में जो हो रहा है उसका impact हमारे जीवन पर भी पड़ेगा चाहे economically या personally आज in a moment of loss इनके वही पुराने tweets बाहर निकाल कर खंगाला ज जो तीसरे victim है उनके बारे में details भी और आ रही है लेकिन एक और common working man एक और family जो बस उनके लिए इंतजार ही करती रहेगी मैं इन परिवारों की बात इसलिए कर रहा हूँ क्योंकि यहाँ एक human angle है यहाँ एक national angle है national security angle है diplomatic angle है क्या हम इन चीजों को देखने के बाद सिर्फ चु� एक opinion लेते हैं कि क्या किया जा सकता है अगर हमारी सरकार actually strong होती अगर हम ekonomic strong footing पर होते हैं अगर हम diplomatically strong होते हैं तो हम कम से कम पहला कदम यह ले सकते थे कि America को बोलते हैं कि हम आपके साथ trade deal negotiations को suspend करते हैं जब तक न आप हमें assurance देते हो कि ऐसी घटना फिर से नहीं होगी जब त Issue करके सोच रहे हैं कि हम बहुत बड़े तीस मारखान बन चुके हैं.हम इस मैटर को इंटरनेशनली रेस कर सकते हैं क्यों हम तो कहते हैं हम voice of the global south हैं हम जब G20 presidency थी तब तो हम दुनिया के उपर बेड़ गए थे अभी भी हमारे पास bricks की presidency है तो क्या हम उस presidency को इस् से आप हमारे उपर ऐसे एटाक कर सकते हो।ये तो बात हो गई कि हमें सिर्फ वाशिंटन के डिमांड्स को मानना पड़ेगा और हम एक वैसाल स्ट्रेट बन गए हैं जिसे अमेरिका जो कहे जी हजूरी करके हमें मानना पड़ेगा अरी इस्ट इंडिया कमपनी तो निकल चु तीन लाख सेलर्स हैं अथारा हजार इंडियन सेलर्स तो गल्फ में आपको मिल जाएंगे तेरा इंडियन फ्लाग्ड वेसल्स भी आपको स्टेट अप हॉर्बूस में मिल जाएंगे यह आंकडे हैं यह लोग हैं यह फादर, सन, हस्बिंड्स हैं जो वाटसाप मेसेच पर बो तो सवाल उठता है कि अगर ये घटना फिर से कल घट जाये तो हम क्या करेंगे?क्या हमें कुछ बताया गया है?

22:18

क्या हमारे प्रधान मंतरी ने हमें कोई assurance दिया है?क्या एमेरिका से हमने माफ़ी मंगवा ली है?बस Demarch इशू कराकर एक statement रिलीज कराकर जिसमें एमेरिका का ना चलिये मान लेते हैं चलिये मान लेते हैं कि हम कुछ नहीं कर सकते हैं क्योंकि एमरिका इतना शक्ति शाली है तो फिर इतना बूता रखो कि ये बात एडमिट करो कि भाईया हम विश्वगुरू नहीं है हमारी काबिलियत नहीं है एमरिका आकर हमें मार कर ऐसे चले जाएगा हमएक assurance दिलबा दो भाई कि भाईया ऐसी चीजे हम फिर से ना करेंगे और ये जो विश्वगुरू विश्वगुरू चिलाना है voice of the global south है चिलाना इसको बंद करो आपकी असलियत अब पूरे दुनिया को और पूरे देश को दिख चुकी है

Get ultra fast and accurate AI transcription with Cockatoo

Get started free →

Cockatoo