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Operation Lotus Stings Kejriwal | Chadha's Exit Part Of BJP’s Strategy To Split AAP? |Akash Banerjee

The Deshbhakt31 views
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पिछले कुछ सालों में भारत की राजनीती में पार्टी बदलने के काई भूकंप के जटके हमने महसूस किये।जैसे की शिवजेना का दो हिस्सों में तूट जाना, गौ में कॉंग्रेस का बिखर जाना, कॉंग्रेस के सीरियल लीडर्स जैसे फॉर्मर चीफ मिनिस्टर अश उल्टी है पूरे देश को मालूम था कि चड़ड़ा आप से BJP चलांग मारने वाले हैं।लंडन में महीनों तक आख की सरजरी कराने के बाद रागफ चड़ड़ा के आख, कान, नाक, मूँ, भेद, भाव सब अलग अलग से लग रहे थे।इस महने रागफ की एकजिट पर मो दो साल से मुझ छुपाते, बचते बचाते, सोशल मीडिया पर क्रिप्टिक मेसेज दालते आखिर रागब चडडा ने आपना अगला कदम अईलान कर दिया कि वो बीजेपी जॉइन कर रहे हैं।What a surprise!रागव चडड़ा का गुंडो की पार्टी को जॉइन करना सबको मालूम था।

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लेकिन यहां भी एक बहुत बड़ा खेल खेला गया है जिसका अंदाजा शायद अर्विंद केजरीबाल तको नहीं था।चड़ड़ा अपने साथ 6 और राज्यसभा के MPs BJP लेकर चले गए।और अब शुरू होता है एक नया जंग दो तिहाई मेजौरिटी का हवाला देकर जैसे की शिवजेना और एंसीपी को तोडा गया वैसे ही रागव चडडा और वी जेपी आम आदमी पार्टी को तोडने की कोशिश करेंगे क्या अर्विंद केजरिवाल के हातों से उन ही की बनक्या आमादमी पार्टी का तूटना अब एक तैबात है?क्या आने वाले पंजाब चुनाओ के लिए आमादमी पार्टी का ये हाल सबसे बुरी खबर है?इस फूट को अंजाम देने में अर्विंद केजरिवाल का अपना क्या contribution है?

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और क्या anti -defection law का दुरोपयो करके BJP भारत ये पहली बार नहीं है कि बीजेपी ने आमाद्वी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की है. 2022 से ही बीजेपी ने आमाद्वी पार्टी के नेताओं के मीच फूट डालने की कोशिश की है उन्हें अपने तरफ लुबाने की कोशिश की है।पहले दिल्ली के former health minister सतेंदर जैन को money laundering case में गिरफतार कर लिया गया।फिर February 2023 में deputy chief minister मनीश सिसोधिया को excise policy case में एरेस्ट कर लिया गया।October 2023 में संजय सिंग का नंबर आया और March 2024 में खुद हाला कि इन नेताओं के खिलाफ केसे कोट में नहीं टिक पाए इनको बेल मिल गया लेकिर फिर भी Central Agencies का भरपूर इस्तमाल किया गया आमादमी पाटी के लीडरस को तोड़ने के लिए 2024 में केजरीवाल के एरेस्ट होने के बाद सीनियर आम आदमी पार्टी लीडर अतिशी ने खुद प्रेस कॉंफरेंस करके ये बताया कि उन्हें सीधे सीधे कहा गया था या तो बीजेपी में आ जाओ या फिर EDK रेट के लिए और एरेस्ट के लिए तयार रहो लेकिन अतिश जब टॉप लीडर्शिप पर उनके पैतरे नहीं चल पाए फिर पाटी के अईडियोलॉजिकली लूस कमजोर लीडर्स को निशाना बनाया गया और अब जाकर ओपरेशन लोटस को मिली बड़ी सफलता साथ आम आदमी पाटी के MPs अब BJP के साथ जोड़ गए हैं और BJP प्रे�शुरू ही है. क्या ये आपको तोड़ने के लिए सिर्फ पहली पहल है?कितने और पल्टूराम हैं आमादमी पार्टी में?

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इसको समझने के लिए सबसे पहले बड़े पल्टूराम को देख लें. No .1 Raghav Chaddha, The Chocolate Boy of AAP. पेशे से इंडिया अगेंस्ट करप्शन के शुरुवाती दिनों से केजरिवाल के करीबी रहे चुके हैं. आप के शुरुवाती डेली बजट रागव चडडा के मदद से ही ड्राफ्ट किये गई थे. तो कई पॉलिसीस उन्होंने ही लिखे थे. 2019 में लो और कहीं न कहीं यहीं से प्रॉब्लिम दिक्कत यहीं से शुरू होती है केजरिवाल से करीबी होने के वजे से चड़ड़ा अपना धौस आम आदमी पार्टी पंजाब पर जमाने लगते हैं जिससे वहाँ पंजाब के पॉलिटिशन्स के बीच में एक रंजिष सी पैदा हो इस बीच रागफ की चुप्पी, उनके ट्वीड्स डिलीट कर देना, सोशल मीडिया पर जिस तरीके से उनका बरताव था, सबको पता था कि ये पाटी बदलने वाला है इंसान।Palturam no .2 और ये काफी दिल्चस पह है सबसे शॉकिंग ट्विस्ट इन दे केस है संदीप पाठक का. ट्विटर पर इनका अगर आप बायो देखोगे तो इनका अकेडेमिक रेकॉर्ड देखकर आदमी के होष उड़ जाएंगे. फॉर्बर आयाइटी डेली प्रोफेसर है, पी दिल्ली 2020 और पंजाप 2022 के जीत के पीछे इनका बहुत बड़ा योगदान था।लेकिन उसके बाद एक के बाद एक के बाद एक इन्हें सिर्फ हार ही था।के अंदर इनका मजाग बनाने जाने लगा इनको सूपर स्ट्रेटीजिस्ट बोलके क्योंकि इनकी स्ट्रेटीजी पिछले 4 -5 सालों में तो फेल करने लगी Palturam no .3 Swati Malewal, BJP shift, Raghav Chadda se bhi pehle se pending. Swati ka America jaane ke baad mann palat jata hai. Kejriwal ke saath saalon se kaam karti aayi hai Swati 2015 me Delhi Commission of Women ka chairperson. उनके ठीक पहले उनका आरोप यह है कि केजरीवाल के स्टाफ और उनके खास ने इन्हे फिजिकली असल्ट किया जिसके बाद इन्होंने केजरीवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।यह जो तीन लोग हैं यह आमाद्मी पार्टी के साथ बहुत दिनों से जुड़े हुए थे तो जाहिर सी बात है इन लोगों कुब हरी कोटी सुननी पड़ रही है. रागव चडडा का Instagram following तेजी से कम हो रहा है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि अर्विंद केजरिवाल की यहां कोई गलती नहीं है. बार बार उन्होंने साबित कर दिया है कि वो Operations और Team person नहीं है. और के देखिये ऐसे लोगों का ना पार्टी से, ना ideology से कोई linkage नहीं है और इन्हें तोड़ना BJP के लिए और भी आसान सावित हो रहा है. For example, Palturam no. 4, अशोक मित्तल, lovely professional university के मालिक, 600 acre में फैला हुआ, 35 ,000 students से ये देश का सबसे बड़े universities में से एक है, LPU. अभी दसी दिन पहले, ED कीरेड पड़ती है इनके उपर और कोईंसिडन्स की बात है कि ये बीजेपी वोशिंग मिशीन में चले जाते हैं मज़े की बात यह है कि अर्विंद केजरीवाल ने रागफ चडडा को जब राज्यसभा के डेपिटी स्पीकर के पोस्ट से हटाय आम आदमी पार्टी के लिए बहुत बड़िया ब्रेंड फिट है केजरीबाल जी आए ये भाई साहब इंडिया US डील को समर्थन कर रहे थे जब इनकी पार्टी इसके विपक्ष में थी मार्च में ये भी अमेरिका निकल लिये है इलाज करानी के लिए कहा जाता है तब से मिस No. 6 Harbhajan Singh शायद सबसे बहतरीन एक्जांपल की अर्विन केजरिवाल ने कैसे खायरात में राज्यसभा सीडस बाती हैं।

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भजजी ने शायद कभी अपने आपको भी आमाद्वी पार्टी का हिस्सा नहीं समझा है, कभी अपने आपको आमाद्वी पार्टी MP भी नहीं बुलाय रागव चडडा को फिलहाल इन सब में से सबसे जादा गालियां पढ़ रही हैं।क्योंकि जेन -जी ने सोचा था कि रागव उनके लिए गिग -वरकर्स के लिए जो अच्छे मुद्दे हैं वो संसद में उठा रहे थे।अब उन्हें समझ में आ रहा है कि चडड़ा तो बस जादा बड़ा है आम आदमी पार्टी को खतम करने का एक प्लान है इन पल्टूराम MPs ने Constitution के 10th Schedule को invoke किया है 10th Schedule यानी Anti -Defection Law 1985 में 52nd Constitutional Amendment के जरीए से लाया गया था मकसद था MPs को Power या Office के लालच में पार्टी तोडने से रोका जाए तो Normally अगर कोई चडडा होता जोMP की seat छोड़ देता पार्टी छोड़ देता तो Anti Defection Law के अंडर उसकी राज्यसभा की जो seat है वो भी जाती Simple rule है पार्टी छोड़ो कुर्सी छोड़ो पर 10th schedule का एक exception भी है अगर पार्टी के दो तिहाई MPs एक साथ किसी दूसरी पार्टी में merge हो आमादमी पार्टी ने बीजेपी स्विच नहीं किया है ये सोची समझी रन लीती थी महीनों से इसकी प्लैनिंग चल रही थी पर अगर पहले से ही कुछ गडबर लग रहा था, अगर आमाद्मी पार्टी को पता था कि रागव चडडा कोई साजिश रच रहे हैं, तो आमाद्मी पार्टी ने उसे पहले ही क्यों नहीं निकाल दिया, बर्खास्थ कर दिया?क्योंकि लॉइ ये भी कहता है अगर पार्टी स्वाती मालिवाल की स्टोरी है जो 2024 से ही पब्लिकली आम आदमी पार्टी के लीडर्शिप के अगेंस्ट खड़ी है पर मालिवाल भी इस्तीफा नहीं दिया उसने वो डटी रही राज्यसभाँ में अब समझ में आ रहा है क्यों?Anti -Defection Law बनाया तो गया था Defection रोखने के लि पर हो उसका उल्टा रहा है क्योंकि MPs के BJP से जाने से आमादमी पार्टी को एक बड़ा खत्रा हो गया है लिटरिली उनकी पहचान का उनकी आइडेंटिटी का यानी पार्टी के नाम और इलेक्शन सिम्बल तक पर एक सवाल ख़ड़ा हो गया है पिछले कुछ सालों में शि�

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कि जब किसी पार्टी में स्प्लिट होता है तो दो राइवल फैक्शन्स बन सकते हैं और इलेक्शन कमिशन अफ इंडिया को ये डिसाइट करने का मौका मिलता है कि कौंसी पा सबकुछ खो देते हैं. आब आप समझ लीजिए ये ऐसा क्यों हो रहा है. Election Commission of India सिर्फ ये नहीं देखता है कि पार्टी किसने बनाई है बल्कि थ्री टेस्ट फॉर्मुला का इस्तमाल किया जाता है जो Supreme Court ने 1972 में established किया था. 2022 में एकनाचिन्डे ने सिवशेना तोड़ी. 2023 कि पार्टी तो उनहीं की असली है अब Election Commission कैसे ये सारी चीजे समझती है ऐसी बाते हम साजह कैसे कर सकते हैं।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।

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अब अगर आमादमी पार्टी को देखें तो अभी तो राजसभा के साथ MPs ही गए हैं और रागव चड़्धा ने Rival AAP Faction नहीं बनाया वो सीधे BJP में मर्ज हो गए तो अभी Election Commission of India में क्लेम का कोई सवाल नहीं उठता है पर अगर यही सिंसिला पंजाब और दिल्ली MLAs तक भी पहुंचा अगर और MLAs और MPs भी पार्टी छोड़ते हैं और लोग बगावत करते हैं तो पिछर बदल सकती है और केजरीवाल के हाथ से जाडू भी छिन सकता है इसी का संकेद BJP के पार्टी प्रेज़ेडिन्ट दे रहे केजरिवाल के लिए ये दिक्कत भी है कि जैसे राजसभा के सीट बाटे गए थे वैसे ही पंजाब में भी MLAs के सीट बाटे गए थे पैसे और पावर के बेसिस परअगर ये बात सच है, अगर धेर सारे MLAs वो भी हैं जो आप से ideologically inclined नहीं है, तो BJP फिर उन्हें तोड सकती है. सिस्टम लगा कर पंजाब चुनाओं से पहले पाटी को split किया जा सकता है. अब आम आद्मी पार्टी के बाद भले ही अपने लीडर्स को अपने गुट में रखने के लिए कोई स्टोरिड प्लैन हो या ना हो लेकिन BJP के पास अपने राइबल पार्टीज को तोड़ने के लिए फेल प्रूफ ट्राइड और टेस्टेड प्लेइबुक है जिसे अब बी चुप नहीं बेटती है वो ruling parties के नाराज MLAs को डूनती है उन्हें target करती है cash और cabinet positions का लालज दिखाती है अगर लालज से बात नहीं बनती है तब ED और CBI का डर भी दिखाया जाता है ये काम अलग -अलग leaders के साथ secretly किया जाता है जब तक BJP के पास गड़ित जो numbers हैं जो आंकरा उ लेकिन कुछ important cases आपको बताना है जिसे आप chronology समझ जाओ. शरावत के खिलाफ उनी के पाटी के MLAs ने बगावत चेड़ दी. Congress ने BJP पर अरोप लगाया की ये डिफेक्शन औरकस्ट्रेट की गई है. अब जो भी हो रिजल्ड था, President's rule लग गया. 2019 में करनाटिका, HD कुमार स्वामी की Congressचली रही थी अच्छे खासे से लेकिन अचानक सत्रा MLAs रिजाइन कर देते हैं बीजेपी चले जाते हैं गॉव्मेंट फ्लोर टेस्ट में गिर जाती है कुमारस्वामी ने खुद प्रेस कॉन्फरेंस करके ये कहा की बीजेपी ने MLAs को सौ सौ करोर रु 2020 में मद्धपदेश जोतिराजित सिंधया ने एक कॉंग्रिस चोड़ा साथ में 22 legislators अपने साथ ले गए कमलनाथ की चुनी हुई सरकार गिर जाती है शिवरात सिंख चोहान फिर से वापस चीफ मिनिस्टर बन जाते हैं. Finally 2022 में महराश्टर का नंबर आता है एकनाक शिन् अलग अलग opposition leaders, BJP के इन हतकंडो के खिलाफ काफी सालों से आवाज उठाती आई है इन आवाजों में एक प्रमुक आवाज थी एक बंदे की जसका नाम था रागव चडड़ा ये जितने नेताओं के नाम मैंने पढ़े विपक्ष के नेताओं के इने बुलाकर बोला जाता है तो पकर के जेल में डाल दें।आज देखिए आईरोनी और हीपोक्रिसी की सीमा रागव चडडा खुद ही शिकार हो चुके है Operation Lotus के Water Masterstroke रागव चड़्धा को कभी अर्विंद केजरीवाल का close confidant और right hand man माना जाता था. और आमाद्वी पार्टी के कामकाज में चड़्धा का बहुत important role रहा है खास्तोर पर दिल्ली और पंजाब में. तो एसा क्या हुआ कि रागव अपने ही खून पसीने से बनाई हुई पार्ट वैसे May 2023 में एक crack तो साफ दिखता है. Excise Policy case में ED charge sheet फाइल करती है राघफ चडडा का नाम उसमें आता है।

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उन्होंने आनन्थ आनन्द में press conference करके सब कुझ डिनाए कर दिया पर पार्टी के केड़को ये लगा कि जब टौप लीडर्शिब जेल में हैं तो चडडा सिर्फ अपनी क्रेडिबिलिटी को बचाने में बिजी हैं।।।।।।।।।।।।।।।।।

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Ruben, Netherlands

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March 2024 जब केजरिवाल अरेस्ट होते हैं तो चडड़ा लंडन निकल लेते हैं आई सरजरी के लिए कुछ लीडर का मानना है कि वो डर के आई सरजरी के लिए गए थे जो सरजरी काफी महिनों तक चलती है लंडन जाकर लगता है चड़ा अपनी आखें बंद कर लेते हैं केजरिवाल के जेल से रेहाँ के दौरान भी चण्ड़ा जादातर पिछ्चर से दूर ही रहते हैं. केजरिवाल के रिलीज के बाद भी कई दिनों बाद उनको वक्त मिलता है कि केजरिवाल से जाकर वो मिलें. 2025 डेली एलेक्शन्स में भी उन्होंने जादा बडचडकर कैम्प मार्च 2025 में मनीश सिसोधिया को पंजाब एफेर्स का इंचार्ज बना दिया जाता है चड़धा के पंजाब विजेट्स भी कम होने लगते हैं डिसिजन मेकिंग में भी उनको ज़ादा इंवाल्ब नहीं रखा जाता है साल के अंथ तक उनका पंजाब वाला उफिशल बंगलो कि चड़्धा पारलमेंट में सिर्फ वो मुद्धे उठा रहे थे जो इंस्टाग्राम पर हिट हो रहे थे।एर्पोर्ड में महिंगे समोसे, बैंक, पेनल्टी, पेटरनिटी, लीव, रिलेटिबल, सेफ, वाइरल मुद्धे।लेकिन जेन जी को लगा कि इंडिया को अपना मम्दानी मिल गिया है।पंजाब के आप लीडरस का ये भी कहना है कि स्टेट के बड़े फाइनेशल और पॉलिसी इशूस उन्होंने मजबूती से सेंटर में नहीं उठाए और बीजेपी सरकार को सीधा चैलेंज करने से वो इत Charted accountant hai, profit loss, ledger balance karna toh unko acche se aata hai. 6 -7 aaye?Ab dekhiye, sawal yeh hai ki aam aadmi party ka yeh jo bada sa move hai, Raghav Chadha ka yeh jo traitor jo unhe log keh rahe hain, jo dhoka unhone diya hai. Kya log isse yaad rakhenge ya do din baad bhool jayenge?Congress ke case me jab wo log BJP join krte hai toh log bhool jate hain. Aam aadmi party ka kuch alag hoga hai ya nahi?

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Yeh dekhne baali baat hai. Doosri baat, aam aadmi party aisa kya karegi?Ki bhaiya aur log usko chod kar na jaye. क्योंकि अब तो सिम्बल भी चले जाएगा जिस रेट पर लोग चोड कर जा रहे हैं कहीं न कहीं अर्विंद केजरिवाल को भी रियलाइस करना पड़ेगा कि उनका स्टाइल ही गलत है इतने सारे लोग तो गलत नहीं हो सकते हैं जो आम आदमी पार्टी को चोड कर गए हैं औ लेकिन वो होना तो अभी थोड़ा मुश्किल है क्योंकि जो Amend करने वाले हैं वो ही इसका लाब उठा रहे हैं।लेकिन आप सोचे हम पर क्या बीटती है?Editor पर क्या बीटती है?आप वहाँ Subscribe बटन तक नहीं दबाते हो, Member नहीं बनते हो और हमें और Editor को देखो रोज सोचना प�

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