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Why Is PM Modi Silent? | Manmohan Had An Excuse... NEET 2026 | CJP

Shubhankar Mishra 16 views
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सियासत इस खदर आवाम पर एहसान करती है।पहले आखे चीनती है और फिर उन्हीं को चष्मा लाता है।लेकिन आज सियासत पर बात करने से पहले बात प्रधान मंत्री नरेंदर मौदी की चुप्पी करती है।और इस चुप्पी को समझने के लिए आपको मन्मोहन सि आज हम और आप 2026 में हैं लेकिन सवाल वही है बस नाम बदला है और आज भी जत्ता पूछ रहे है कि मोधी जी आप चुप क्यों है।

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यह सवाल बड़ा बहतपूर है क्योंकि आज सडक से लेकर संसत तक जो कुछ दिखा वो 30 -50 साल में दिखा नहीं था।आज अफरा तफरी � एसा लगा कि आज फिर से जनता को एहसास हुआ कि संसत का रस्ता सडक से होकर जाता है और जो तस्वीरें आईं वो एतिहासिक थी वो ये बता रही थी कि नई संसत की दिवारें भले उची बनाए गई हैं लेकिन इतनी भी उची ठीक नहीं हैं कि आवाजी ना पहुंचें इमा और क्या वो शोर जानबूश कर नहीं सुना गया या जानबूश कर नसुना कर दिया गया?या वो आवाज़ेब नहीं सुना गया?नहीं?क्योंकि सड़क पर घुसा था, प्रधानमंत्री को पता था, प्रधानमंत्री संसद में थे भी. लेकिन इन तस्वीरों पर बोलने के जगह वो र आप क्यों खामोश रहते हैं?2014 से बारा साल हो गए, बारा सालों में एक press conference में आप आए हैं वो भी अमिट शाह बोलते रहे हैं आप हर बड़े मसले पर खामोश होते हैं और इस बार तो बच्चे थे अंग्रेजों के जमाने में भी गांधी जी से वो बात करते थे वो दुश वो जो लाखों की भीड थी वो सब निता नहीं थे और अगर वो चात्रों के नाम पर राजनिती कर सकते थे तो सरकार चात्रों के नाम पर समवाद क्यों नहीं कर सकते थे?

3:18

Political parties की मजबूरी होती है राजनिती करना मान लेता हूं मैं वो कर रहे होंगे लेकिन सरकार की जिम्मेद एक मेज, दो कुरसी इतना काफी था आप खुश सोच कर देखिये जितनी मेहनत सरकार ने लाठी का खर्चा उठाने में लगाई होगी क्या वो लफ़जों के खर्चे से महंगी होती लेकिन फिर भी लाठी चुनी गई मैं फिर कहरा हूँ आप में से कुछ लोगआओगे कहोगे यार आरोब तो हर सरकार पर लगते हैं मान लिया सौफी सथ सही है लेकिन लोगतंतर में भाईसाब जवाब देही नाम की भी तो कोई चीज होती है और खास तोर पर उस प्रधान मंत इसलिए आज सवाल केवल आरोब का नहीं है आज सवाल एहसास का है वो एहसास जो टपरी से उठकर सडक संसत तक पहुँचा वो एहसास जो सरकार के विरोधियों के साथ साथ सरकार के अपने लोगों में भी पहुँचा और आज हर कोई देश में पूछ रहा है की मुदी जी ब तो आज इस चुप्पी को हम दोड़ें।नमस्कार मैं हूं शुबांकर मिश्रा और आज का वीडियो बड़ा महत्पूर्ण है इसलिए हाथ जोड़के आप से विन्ती कर रहे हैं कि दो चार पांच मुण देखें।या तो अभी छोड़ दीजिए या बैट के पूरा सुनी� जब देश इतना दिलेरी दिखा रहा है, हम इतनी दिलेरी दिखा रहे हैं और प्रधान मंत्री नरेंद मौदी जी की चुप्पी का हिसाब मांग रहे हैं तो हमारे वाटसेब चैनल से भी जूड़ियेगा ताकि हम आप तक अपनी वीडियोस पढ़ेते हैंसकें और आप इससे देश में आगे बढ़ा सकें ताकि ये समवाद बढ़ेया ये चुप्पी तूटी नहीं चाहिए मेरे WhatsApp चैनल का लिंक मैंने डिस्क्रिप्षिन में दे दिया है आप आईसा, समाजवादी पार्टी, आमाद्मी पार्टी और कुछ और लिफ्ट के संगठन जो हैं, वो मिलकर सीजेपी की भीड में आ रहे हैं।मान लेते हैं हम यही सच हैं।

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मंच पर झंडे यही हैं।यह भी मान लेते हैं किसी का मकसत अपना चेहरा चमकाना होगा, किसी को वो लाठी खाने पहुँच जाएंगे, अपना करियर बरबात करने पहुँच जाएंगे, आसू गोयस के गोलों के सामने खड़े हो जाएंगे, हफ़ता भर जंतर मंतर पर बैठे रहेंगे. अरे भाईसाब किराये की भीड शाम को घर लोड़ जाती हैं और जो बनी रहती ना वो आग देखकर हाथ सेखने आता है।

7:42

और आग किस्से लगाई?उस पेट के लिए।

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जिसे खुद सिख्षा मंतुरी धर्मेंदर प्रधान ने माना है अगर सच में ये मंच केवल राजनेटिक था तो कितना आसान था सरकार के पास इसे खाली करवाना आप जाते बात कर लेते ये शौर कर लेते क सरकार की चुप्पी वो खाद होती है जिस पर हर पॉलिटिकल पार्टी की फसर लेलाती है।

8:31

और यही देखने के लिए।

8:33

इसलिए जो जंडा गिन रहे हैं कि समाजवादी वार पार्टी वाला था, आमादनी पार्टी वाला था, JNU वाला था।उनसे फिर मैं कहुंगा सवाल � नीथ के विशे पर जहां सडक से संसत तक हंगामा देखने को मिला इस विशे पर कौन कौन बोला है मैं पो गिराते हैं सिख्षा मंतरी ने बोला कभूल नामा तक दिया है NTA बोला हाँ चिठ्ठी दी, CBI बोली कह रही है देखो गिरफ्तार की है सुप्रीम कोड बोला विपक्� कि साहब आपने हमारे प्रधानमंतुरी जी करते हैं

9:40

संबोधन सुना है मैंने नहीं सुना है और अगर आपको मिलेगा तो प्लीज आप कॉमेंट सेक्षन में डाल देना लिंक मैं सुधार कर लूँ क्योंकि मेरा चुप्पी पर सवाल है की मोधी जी की चुप्पी choice है या avoid करना दुनिया के सबसे बड़े लोगतांत्रिक देश हैं आप जानते हैं बाकी दुनिया के लोगतांत्रिक देशों में प्रधानमंत्री कैसे समवात करते हैं या जो प्रमुख होते हैं कैसे समवात करते हैं क्योंकि मोदी जी की चुप्पी की बात है इसलिए उदाहरन से आज हम आ Churchill से लेकर आज तक कोई प्रदार्मन्त्री उनका बच नहीं पाया अमेरिका तो इस से भी एक कदम आगे वहाँ पर राष्पती जो हैं वो पतरकारों के सामने खड़े होते हैं पतरकार के मन में जो आए वो पूछते हैं तीखे से तीखा सवाल कड़वे से कड़वा सवाल बेस वहां से तुलना करने के जर्वत क्या वो तो विदेश है हमारी परंपरा अलग है चलिए आपकी बात फिर मान लेते हैं हम और हिंदुस्तान की बात करते हैं हिंदुस्तान के अगर बात करें तो यहाँ पर पहले प्रधानमंत्री नरेन मुदी से लेकर भारतिय जनता पार्टीजिसे पहले प्रधानमंत्री मन्मोहन सिंग् तक आपको उधारड देते हैं।

11:33

हर दोर में पतरकारों ने सवाल किया है, जवाग मिलते थे।कई बार ऐसा हुआ है प्रधानमंत्री लोग चिड़े हैं, खीस आई हैं, लेकिन वो भागे नहीं हैं।

11:43

यह परमपरा दशकों तो च और वहीं पर मनमोहन सिंग् साहब ने वो लाइन कही थी जो इतिहास में दर्च हो गए कि इतिहास एक रोज मेरे साथ इनसाफ करेगा अब आप सोचीए कि जिस आदमी को पूरा देश मौनमोहन कह रहा था वो भी सवालों का सामना करके गए मौनमोहन सिंग् भी माईक के सामने � और ये मैं अपनी मरजी से नहीं कहा रहा हूँ।ये रिकॉर्ड है।सिर्फ एक बार कोशिश हुई थी माई 2019 में।शुनाव ख़तम होने पर बीजेपी मुख्याले में प्रेस कॉंफरेंस ही गई थी।उस दिन मोदी जी मंच पर आए।पत्रकार उनने सवाल किया।

12:58

और ज अब कोई बोलेगा कि अरे मोधी जी तो इंटरव्यू देते हैं।बिल्कुल देते हैं।पर आपको मोधी जी के इंटरव्यू के क्या क्लिफ से आते हैं।

13:29

आज मेमरी थोड़ा सा रिकॉल करते हैं जो क्लिफ्स उनकी वाइरल हुई हैं इंटरव्यूज से वो है आम कैसे खाते हैं काट कर या चूसकर क्या आप बटुआ रखते हैं आप में इतनी उर्जा कैसे ह सरकार के समर्थक भी इंकार नहीं कर सकते हैं कि जो जनलिस्ट नूट्रिल हैं चलो मैं उस पार वालों को नहीं कह रहा हूं कि जो सरकार के विरोधी जनलिस्ट ही हैं जो खाली पानी पीपी कर गाली देते हैं और अपने यूट्यूब वीडियो में रोष थमनिल लगा कर सरकार कोई पूछता नहीं है रैली में कोई पूछता नहीं है ट्वीट एक तरफा समवाद है बोला जा रहा है लेकिन सिर्फ वहाँ पर जहांपर सवाल नहीं पूछते और ये समवाद नहीं है ये भाँशड है समवाद दो तरफा होता है एक बोले दूसरा पूछे लेकिन आज सिर आप याद कीज़े मनिपुर महीनो जला

15:24

लंबा दौरा नहीं लंबा समोधन नहीं वीडियोज वारल होने पर संसत के बाहर कुछ सिकेण कोविड आपको थाली बजाने का सीन नहीं आतोगा लेकिन कोविड में जब दूसरी लहर आय थी भाषड आय थे ओक्सीजन के सीधे सवाल पर सीधा जवाब कभी नहीं आ और वो � को लेकर बार बार सवाल पुछा था चले नाम ले लेते हैं अम्बानी अडानी को लेकर बार बार सवाल पुछा था प्रधान मंत्री जी ने कई बार जवाब दिये लेकर उन नामों पर एक शब नहीं लिए पेपर लीक ये तो अब एक रोजमर्रा की जंदी का हिस्सा हो गया ह जब वो लड़कियां मेडल जीत करायी थी तो ट्वीट होये थे, फोटो खिचायी गई थी, घर बुलाया गया था।और हर बार होता है कोई भी क्रिकेट टीम जीत कराती हैं, मोदी जी घर बुलाते हैं।

16:49

लेकिन जब वो बेटियां इनसाफ मांगने सड़क पर बैठीं तो च इनी बेटियों को अपने एवार्ड दिया था किसी एवार्ड से नाराज है फिर मैं कह रहा हूँ सियासत करने का मौका विपक्ष को इसलिए मिला है क्योंकि एक इशू क्रियेट हुआ है जिसपे आप समवाद नहीं करते आप समवाद करते विपक्ष करतेखतम हो जाती हर बार इससे काम नहीं चल सकता ना कि ये सब ख़राब लोग हैं नई संसत जिसकी उंची दिवारे आज बात कर रहे हैं ये दि� आप जीती हैं आपके लिए ट्वीट आजाएगा लेकिन अगर आप रो रहे हैं तो उस पर चुप्पी रहें।

18:04

और यहीं पर असली सबाल।यही असली बाल।क्योंकि लोकतंतर की पहली शर्ट संभात हैं।जब सरकार संभात छोड़ देती हैं तब लोकतांतरिक संघर्ष अ और नरिंदर मूदी साहब उनकी सरकार को ये समझना पड़ेगा कि लोकतंतर में सरकारे टीर गैस से नहीं समबात से चलते हैं।अगर सरकार ये सोचती है कि जनता ने आपको वोट देकर सत्ता की सिर्शकुर्शी पर पहुचा दिया और ये 5 साल का ब्लैंक चेक है तो आपकी सऐसा थोड़ी हो सकता कि आप वोट लेते वक खाली बात कर लें और सबाल पुछ तो गिग्नोर करते हैं वोट के बदले जवाब देही यही तो सोड़ा था ना मोधी जी यही तो बात थी ना मोधी जी पाईस लाग बचे थे दस से ज़ादा मौत हो गई है सडक से लेकर संसत जब आप खामोश होते हैं तो अफ़वा फैलती हैं।

19:52

हर बार पेपर लिक को लेकर फैलती हैं।और इक्जाम को लेकर फैलती हैं।जंता सोचती है कि हमें तो कोई सुनने वाला है नहीं।हर सच भी जूट लगे लगता है।

20:02

क्योंकि जहां जानकारी नहीं होती, समवाद नही आज आप सामने आये तो खाली राहुल गान्डिंग मजा कुड़ाँ चले गए।अरे कितना बच्चा ऐसा होगा जिसने तिन -तिन साल मेणद की होगी।सब खराब हो गया उसका।दस -बारा बच्चा मर गया मोधी जी।उनके लिए दो शब्द भी आपके पास नहीं थी आ� पूरी बैरिकेडिंग लगवाई गई थी और यही वो पल होता है जब देश का लड़का सोचता है कि यार सिस्टम हमसे इतना कटा हुआ है और फिर वो नौजवान भी सिस्टम से कटा हो और उसे वापस जोडने में पीड़ियां लग जाती है और याद रखेंमोधी जी जिस ओर जवानी चलती उस ओर जमाना चलता है इंद्रा गांधी को भी घुमान था इतिहास में आप तुलना करते हैं नेहरू जी से इंद्रा जी से इति और मैं तुलना आपकी मन्मोहन जी से यूही नहीं कर रहा हूं।

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Ruben, Netherlands

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21:50

यह तुलना सबसे पहले किस ने की थी?खुद आप ने की थी मुदी जी।2013 -14 में आप खुद कहते थे कि प्रधान मंतरी बोलते क्यों नहीं।तो जो बात आप कहते थे वो आपपर भी तो लागू होगी ना वो कभी लोकसभा तक नहीं जीते।कम बोलना उनके फितरत थी।वो खुद प्रधानमंतरी नहीं बने थे।

22:28

सोनिया गांधी ने बनाया था।कुर्सी उनके पास थी लेकिन रिमोट कहीं और था।उपर से गडबंधन की सरकार।सयोगी गर्दन पर, अपनी पाल्टी पर भी अगर सुभाव की बात की जाये तो नरेंदर मोदी जी तिहास के सबसे ज़्यादा बोलने वाले भारत के प्रधान बंतरी हैरिमोट की बात की जाये तो सप्ता का पूरा कंट्रोल मोदी जी के पास है।और गडबंधन?

23:09

भाईया जो सरकार एक रात में ओडबंदी लाऊ कर सकती है।आर्टिकल 370 हटा सकती है।ती जानबूच कर चुप हैं और जो चुपपी फैसला हो उसे सवाल पूशना हर नागरिक का दिकार है।

23:45

और आज हम पूछ रहे हैं आपसे की मोधी जी मन मोहन जी के पास मज़बूरी थी आपके पास क्या बाहाना है।

23:51

आपी का नारा था ना भाई की ना खाऊंगा ना खाने दू अगर हम मान लें कि पहला वाल आप 100 % निभा रहे हैं तो भी तो मोधी जी दूसरे वाले पर सवाल होगा न?

24:26

क्योंकि आधा -आधा निभाना भी तो वादा तोड़ना होता है और इसलिए मैं कह रहा हूँ कि सवाल इमानदारी ज्यादा जवाबदेही का है हो सकता है इमानदारपुलिस वाले और बच्चे दोनों पिट पिटा रहे थे तो हमारे मन में सवाल आया कि अंग्रेज भी तो बात करते थे गांधी जी से आप याद कीजे 1931 गांधी जी अंग्रेजों खिलाफ सडक पर थे अंग्रेज जेल भेशते थे दुश्वन मानते थे लेकिन फिर भी गां गुलाम देश में हुकूमत अपने दुश्मन से बात कर रही थी लेकिन आज जब हिंदुस्तान आजाद है तो चुनी हुई सरकार तीन हफ्तों में एक बार नहीं आए।फिर मैं कह रहा हूँ एक टेबिल, दो कुरसी, बाचीत सब ख़तम हो जाता है।ना ये बैरिकेट की ज सोनम वांगचुक को उठा लो, 2023 में पहल्वान बीटियों गसीट लो, आज संसत के अंदर बंदूग तान दो, लाठी उठा के पीट दो, लेकिन बात नहीं करो।

26:15

अरे भाई बात करना जुखना नहीं होता है मोदी जी, जिम्मदारी निभाना होता है और यहां ऐसा लगता आ जब वो सत्ता में आये तो विरोधियों से भी रिष्टा बना कर रखे।

26:43

और वाश्वेजी ही कहे थे न, मोदी जी?

26:46

कि सरकारे आएंगी, सरकारे जाएंगी, पार्टियां बनेंगी, बिगडेंगी, लेकिन ये देश रहना चाहिए, इसका लोकतन्त रहना चाहिए।

27:05

आगर आप किसानों के लिए जुख सकते हैं तो फिर अपने बच्चों के लिए क्यों नहीं बोल सकते हैं और बच्चे तो जुखने को भी नहीं कह रहे हैं न मोदी जी कानून वापस नहीं मांग रहे हैं कुर्सी नहीं मांग रहे हैं सिर्फ बोलने ओं कह रहे हैं और बोलना तो मोदी जी आपकी सबसे बड़ी ताकत नहीं है जिस चीज के लिए आपको पूरी दुनिया जानती वही चीज इन बच्चों को नहीं मिल रहे हैं और इसलिए परि� सवाल पूछो तेज पूछो लोगतंत्रि गरीमा में ये हमको आपको समझना है लेकिन सरकार को ये समझना है कि पचास साल बाद गुस्सा क्यों है क्यों गुस्सा आस्मान से नहीं टपका है आज सडक से संसत तक जो कुछ दिखाई पड़ा इसकी जड़ को समझने के लिए एक पितार ने कोचिंग की फीस के लिए करजा लिया है, माने गेहना गिर भी रखा है और परिवार को लगता है कि बेटा डॉक्टर बनेगा तो सब अच्छा हो जाएगा।दिन आ जाएगे लेकिन फिर तीन माई 2026 को लड़का परिक्षा देने बैठा देश के 551 शहरों में उसके जैसे 22 लाख बच्चे बैठे पेपर हुआ उमीद बंधी और फिर 12 माई पेपर लीक हुआ है, NTA फेल हुई है, कमांड चेन में सेंद है।

29:27

उनके शब्द हैं।यानि रक्षक ही भक्षक बना ये मैं नहीं कह रहा हूँ।ये मंतरी कह रहे हैं।अब आप उस लड़के से पूछो भरस्थाचार क्या होता है।

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वो आपको परिभाशा नहीं बताएगा पंद्रा राज्यों में एक करोण चालीस लाग बच्चों पर असर और ये 2024 से की गिंती है नीट 2026 उसमें जोडा भी नहीं सब परिक्षाएं जोड लें तो संख्या साथ साल में सत्तर पेपर लीक की निकलाती है एक बार हो दो बार हो समझ में आता है लेकिन अगर सत्तर बार ह फिर ये शूर नाजायस कैसे है?ठीक है, ये बुरानी विमारी है.हर राज की रहे राजस्थान में कॉंग्रेज के राज में हुआ था बंगाल में टीम्सी के राज में भी हुआ था सबके राज में वाधशकों से हुआ बिमारी पुरानी है लेकिन आपको तो इलाश का ठेका 2014 में दिल्ली ने दिया था ना मो� पूरे देश में टेलिग्राम आप ब्लॉक करिया गया वाप सोचो परिक्षा कराने के लिए एक आप को बन करना पड़ा पेपर बनाने वालों को सेट करने वालों ट्रांस्टेट करने वालों सबको गुपत जगे छिपाए गया जैसे गवाहों को रखा था अब जिस देश में मिहार में चात्र अंदोलन उठा था एसे ही मुद्दे थे परिक्षा, बिरुजगारी, ब्रश्टाचार सरकार वही थी पूर्ण बहुमत वाली, ताकतवर जवाब भी वही था तब भी उस आंदोलन को चात्रों का नहीं विपक्ष की साजश बताय गया था लग रहे ना पुर कि सरकार ने कबूलनामा किया, कानून बनाया, आप बंद किया।लेकिन जब बच्चा सडग पर आपसे बात करने आ रहा तो आप खामोश हैं।हाला कि हम यह भी कहते हैं कि ऐसा नहीं सरकार कुछ हो नहीं किया।कदम उठाए हैं।

32:51

Re -exam कराया है 21 जुन को सक्ष सुरक्� टेलिग्राम तक ब्लॉक हो आदेश जा रहे हो प्रधान मंतरी नहीं बोले यानी बोले लो लेकिन प्रधान मंतरी नहीं बोले मंतरी बोला एजनसी बोले संसथ बोले आदेश बोले मशीन डी चली ये मानने मुझे दिक्कत नहीं है लेकिन फिर सवाल वही खड़ा है मशीन भर तो ये सवाल तो उठेगा ना मोधी जी कि घर का मुख्या इमानदार हो घर में रोज चोरी हो तो चुब बैठे हैं चोर पकड़े।

34:04

क्योंकि जो पकड़े गए हों प्यादे लगते हैं. प्रोफेसर, कोचिंग वाला दलाल, वजीर कहा है, छोटी मछलियों की बली से बड़े �कल कुमन मोहन जी बैठे थे कल कुई और बैठेगा चेहरा बदलेगा लेकिन ये सवाल हमेशा यही रहेगा सवाल पूशने वाला दुश्मन नहीं है सवाल पूशने वाली जंता है और जंतक काम यही है पतरकार काम यही है दुश्मनी साबत करना जंतक जिम्मेदारी नहीं है � क्योंकि हमें किसी की हार नहीं हमें बस जवाब से मतलब हैं इसलिए अगर मोदी जी आप ये बात सुन रहे हैं आप तक ये बात पहुँच रहे हैं तो हम आप से एक बात कहना चाहते हैं कि जंतर मंतर पर जो बच्चे बैठे थे या जो बच्चे संसत तक पहुँचने के कोश और तूटा भरोसा लाठी से नहीं बात कीत करने जोड़ता हैं मोधी जी इसलिए शकायत नहीं तीन थोस समधान हम आपको देके जा रहे हैं आप ठीक कर सकतें अभी भी से पहला छात्रों के प्रतिनिदियों से समवाद कीजें मेज पर एक मेज लगा ये दो कुरसी नहीं होगजो वोटसेब पर बैठा लड़का देख रहा है या इंस्टा, फेस्बुक, टेलिग्राम पर उस इन खुश हो जाएगा।दूसरा पेपर लीक का पूरा सच सारजिनिक कीजें।कौन सी कमिटी बनी, क्या सिफारिश आई, कितना लागू हुआ।श्वेद पत्र की तरह, ता पिछले कुछ सालों में हमने पड़ोस के देशों में देखा है जब सड़क की आवाज लगातार अंसुनी हुई तो तस्वीरे कहां तक हमें वो रास्ता नहीं चाहिए, बिल्कुल नहीं चाहिए हमें बात करना है और बात ही वो रास्ता है जिससे वो तस्वीरे इस देश में क बाकि जनता से ये चुप्पी कब तूटेगी, बाचित होगी आपको लगता है, कॉमेंट में लिखिए और ये सवाल पहुंचाएगी क्योंकि जिस जिन सवाल पूछना बंध हो जाएगा उस जिन जवाब मिलना भी बंध हो जाएगा दिवारे चाहे कितनी भी उची हो लोकतं

38:20

प्रस्तुम्प

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