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अब तक कहाँ थे प्रधानमंत्री, क्या नज़र नहीं आई देश की हालत, इतना हाल बुरा है देश का?

Ravish Kumar Official14 views
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नमस्कार मैं रवीश कुमार सोना मत खरीदो विदेश मत जाओ घर से बाहर मत जाओ पेट्रोल बचाओ डॉलर बचाओ एक लाइन यह भी जोड़ देते गोधी मीडिया मत देखो एक साल तक सोना नहीं खरीदेंगे तो इस सेक्टर में काम करने वाले पचास लाख लोग क्या क जिन में से जादातर ओडिशा और बंगाल के ही होते हैं।इन कारीगरों की कमाई की भरपाई कैसे की जाएगी।यह सब कुछ नहीं, बस अपील की गई और रोडशो करने चल दिये भारत के प्रदान मंत्री नरेंद्र मोदी।अगर जनता के लिए पेट्रॉल बचाना देश उसी राथ हैदराबाद से जामनगर आये और वहां भी रोडशो किया ग्यारा माई की सुभा सोमनात में रोडशो हुआ और उसके बाद वडोढरा में भी रोडशो प्रस्तावित हैं प्रधानमंत्री मोदी के काफिले में गाडियों की संख्या 50 से 100 तक बता दी जाती है उनके ये भी पानी से नहीं पेट्रॉल से चलती हैं।सोमनात मंदिर के पुनर निर्मान के 75 साल होने पर एयर शो क्यों किया गया?जाहिर इसमें विमानों के इंधन की खपत हुई होगी।

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जनता से समर्पन और देश भक्ती की अपील की जाती है क्या सरकार रोड शो और एयर शो के � लोग लिख रहे हैं सरकार खुद VIP कल्चर बंद नहीं करती और जनता से बंद नहींमांग रही हैं विदेश यात्रा मत ठीजी क्योंकि विदेशी मुद्रा को बचाना है इसका मतलब है भारत अब अपने रुपय को खुद नहीं बचा सकता जनता ही बचा सकती है बस वो बाहर घ� 7 % GDP को एक साल के लिए ठप करने की अपील कर रहे हैं भारत के प्रदान मंत्री जिसका योगदान निर्यातमें 10 से 12 प्रतिशत है इसके आर्थिक असर का अन्दासा लगाईए प्रदान मंत्री मोदी की इस अपील के बाद से 50 लाग परिवारों का क्या होगा इस पर उन्होंने देश हित में सोना दान दे देते थे आज दान की चरूरत नहीं है लेकिन देश हित में हमको ये तै करना पड़ेगा कि साल भर तक घर में कोई पी फंक्षन हो कोई पी कारकम हो हम सोने के गेहने नहीं खरिदेंगे सोना नहीं खरिदेंगे विदेशी मुद्रा बचाने के � हमें चुनोती दे रही है और हमें इस चुनोती को स्विकार करते हुए विदेशी मुद्रा को बचाना होगा कोई नहीं जानता कितनी हालत खराब है देश की अर्थविवस्था कहां तक गर्त में पहुँच गई है दो महिने तक भारतके प्रदान मंत्री ने इस विशेपर कुछ नहीं कहा बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरला की जनता के बीच जाते आते रहे मगर इरान के खिलाब युद्ध का क्या असर पढ़ रहा है जनता बचत शुरू कर दीजिये आज कह रहे हैं सोना दान करने की जरूरत नहीं लेकिन लोग 2024 में उनके भाषनों को निकाल लाये हैं जिसमें वे कॉंग्रेस पर आरूप लगा रहे थे कि जनता के सोने निकाल कर एक समुधाय को बांट देगी अब लोग पूछ रहे हैं कहीं इसकी उन्होंने कहा है कि अगर कॉंग्रेश की सरकार बनेगी तो हरे की प्रॉपर्टी का सर्वे किया जाएगा हमारी बेहनों के पास सोना कितना है उसकी जाँच की जाएगी उसका हिसाब लगाए जाएगा ये जो गोल्ड है बेहनों का और और जो संपत्ती है ये सबको समान रु� मार्च और अप्रेल के महिने में मोदी सरकार क्या कह रही थी यही कि चिंता की जरूरत नहीं है गैस की सप्लाई परयाप्त है पेट्रोलियम मंत्रालय के सचीवों को भेज दिया गया आय दिन प्रेस कॉंफरेंस होने लगी बताया जाने लगा कि गैस परयाप्त है अलग अलगहर दिन संकट को नकारा गया मगर अब कहा जा रहा है पेट्रोल, गैस और खाने के तेल की बचत देशभकती है अगर देशभकती है तब सरकार को यह देशभकती दो महिने देर से क्यों नजराई 10 माई को हैदराबाद में क्यों नजराई जो आर्थिक तबाही मार्च मे अप्रेल में भयंकर होने लगी वा तबाही प्रदान मंत्री मोदी को दस मयी के दिन कैसे दिक्ती है वह भी हैदराबाद के कारिकिरम में पूरे देश की जनता से अपील करते हैं दिल्ली आकर उन्हें अपील करनी चाहिए थी सारे देश की जनता से साथ अपीलों की लिस्ट जारी कर दी गई और दना दन मंत्री से लेकर आईटी सेल बीजेपी के समर्थक ट्वीट करने लग गए एक जटके में इस तरह के पोस्टर चारो तरप छा गए तयार भी हो गए कि आम जनता को क्या क्या करना है यह बताया तक नहीं गया कि सरकार ने � नोट बंदी में लाइनों में लगा दी गई कोरोणा में थाली बजाने वाली जनता को एक बार फिर से अपीलों की लिस्ट पकड़ा दी गई है है हैदराबाद के परेड ग्राउन में प्रधान मंत्री मोधी उनीस मिनट तक अपील ही अपील करते रहे हमें याद रखना है दे अपने कर्तवियों को निभाना वो भी देशबक्ती होती है इसलिए वैस्वीक संकड के समय में हमें कर्तवियों को सर्वो परी रखते हुएकुछ संकलप लेने होंगे और उन संकलपों को पूरे समर्पन भाव से पूरा करना होगा जनता से समर्पन की उमीद की जा रही है जिस जनता ने थाली बजाकर सरकार को निराश नहीं किया शायद वजनता समर्पन दिखा भी ले जनता से एक लिस्ट बनाने की अपील कर रहे थे।आपके घरों में विदेशी चीजें कौन -कौन सी हैं उनकी लिस्ट बनाएं और उनका इस्तमाल कम कर दें।

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और तब उन्होंने चीन पर व्यंग किया था।

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एक साल बाद खबरे आ रही हैं कि चीन ने पाकिस्तान की मदद की विदेश से आ जाते हैं।छोटी आख वाने गणेश जी आ जाते हैं।गणेश जी के आग भी नहीं खुल रही है।

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उस अभियान का क्या हुआ?उस अपील का क्या नतीजा निकला?किसी को मालूम नहीं।मगर भाशनों में उसे दोहराया गया।उसे लेकर हेडलाइने छाप और दस साल के भीतर तीसरी बार उसे देश भक्ती और कर्टब्यों की परिभाशा बताई जारी है कि क्या क्या करना है।प्रधान मंत्री मोदी जनता से समर्पन की उमीद कर रहे हैं लेकिन सरकार उसी समर्पन और सचाई से क्या काम कर रही थी।

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नेटा प्रतिपक शुरुवराहूल गांधी मार्च के महीने से बोलने लगे भयंकर आर्थिक तुफान आने बाला है प्रधान मंत्री मोधी को यही बात कहने के लिए दस मैई तक का इंतजार क्यों करना पड़ा?

9:52

जो वेस्ट ए� उससे हमारी एकाणूमी को जबर्दस नुकसान होने वाला है।स्टॉक मार्केट का आपने देख लिया।US डिल साइन कर दी है, मुदी जी ने।तो बहुत जबर्दस छोट लगने वाली है देश को।

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मार्च और अप्रेल का महिना भारत के लोगतंत्र के लिए गंभीर सबालों का महिना है सरकार किस तरह से काम करती है सब ने देखा और देख कर अनदेखा भी किया लेकिन इस से संकट नहीं टाला गया बाजार हर दिन नीचे गिरता रहा निवेशक पैसा निकाल कर भारत से भा� गोधी मीडिया ने इन खबरों की रिपोर्टिंग छोड़ दी की भी तो थोड़ी बहुत और यहां वहां खबरे चपकर बंध हो गईं लोग अपने जीवन में इस आर्थिक तबाही को आता हुआ देख रहे थे मगर गोधी मीडिया मोदी सरकार का गुनगाण किये जा रहा थ कितने सबाल उठे लोकतंतर हांट से फिसलता नजर आया संस्थाओं का दुरुपयोग हुआ तब देशभक्ती नजर नहीं आयी लेकिन अब तेल बचाने से लेकर घर से काम करने में देशभक्ती की समझ ठेली जारी है आलम यह है कि रसोई में कम तेल इस्तेमाल करना शादियोके लिए विदेश नहीं जाना भी देश भक्ती हो गई अगर हम तेल खाना कम करे न तो भी वो देश भक्ती का बहुत बड़ा काम है हमें तै करना होगा कि जब ये संकट का काल है और हमारी देश भक्ती हमें ललकार रही है तो कम से कम एक साल के � जनता को समर्पन का भाव प्रदान मंत्री समझा गये लेकिन सरकार का समर्पन क्या होना चाहिए सवाल है कि दो महिने तक जनता को क्यों अंधेरे में रखा गया और अब उससे समर्पन की अपील क्यों की जा रही है अगर अपील करनी थी तो पस्षिम बंगाल में क्यों नहीं क 9400 करोड के विकास कारियों के लाउच करने के लिए प्रधान मंत्री हैधराबाद में थे जिसके बाद एक सभा में उन्होंने ये बयान दिया है राहूल गांधी ने कहा है कि मोधी जी ने कल जनता से त्याग पांगे सोना मत खरीदो विदेश मत जाओ पेट्रॉल कम जलाओ ख 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया कि जनता को बताना पड़ रहा है क्या खरीदें क्या ना खरीदें कहां जाएं और कहां ना जाएं हर बार जिम्मेदारी जनता पर ढाल देते हैं ताकि खुद जबाब देही से बच निकलें देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं है।

13:19

यह सारी बाते कहकर नरेंदर मोधी जी कोई नेक सलाँ नहीं दे रहे हैं।वो असल में अपनी और अपनी सरकार की नाकामी का जीता जाकता सबूत पेश कर रहे हैं।वो ना देश की Energy Security सुनिष्चत कर रहे हैं।ना रुपिया बचा पाए इंदन की किलत से लोग जूज रहे हैं चुनाव खत्म होने पर उनको वो सच स्विकारना पड़ रहा है जिसके बारे में राहूल गांदी जी ने अगाग किया था उनने कहा था मार्च के बरबाद करता हुआ निकलेगा रोडशो करेगा आप से कहते विदेशी यात्रा मत कीजिये लेकिन वो यूरोप की यात्रा पर पांच दिन के लिए जा रहे हैं बड़ी गर्मी है देश में बारा साल बाद आज देश को इस मुहाने पर ले आए हैं की ये नसीहत देनी पढ़ � और एक असलियत ये भी है कि आप सब ऐसा इसलिये कर रहे हैं क्योंकि आप एक compromise प्रधान मंतरी हैं आपको blackmail किया जा रहे हैं आप देश के energy security सुनिश्चती नहीं कर पाएं और आज देश को इस मुहाने पर लेकर आ गए कि आपको बताना पड़ रहा है ये करो ये ना करो ऐसा तो आज देश इस मुहाने पे आकर खड़ा ना होता।

14:54

यह होना था, दुनिया के सारे देशों में होने लगा था, भारत में कैसे नहीं होता।पता था तेल और गैस आयात पर निर्भर करता है, लोग तो यह भी बताने लगे कि भारत ने तेल के भंडारण की शंक्ता का विकास मगर नतीजा वैसा नहीं निकला यह 22 अप्रेल का एक चाट है जो ब्लूमबर्ग में छपा पत्रकार हावियर ब्लास ने दिखाया कि चीन के पास सवा अरब बैरल तेल का भंडार है और उसकी तुलना में भारत नहीं हैके पास मात्र 21 लाख बैरल तेल का ही भंडार है यह सारी बातें जनता के बीच कम पहुँच पाती हैं देश की राजनिती केवल धर्म से जुड़े मुद्धों और नारों से भर दी गई है जनता के बीच केवल धर्म से लिप्टी हुई राजनिती पहुँचती है धर्म का धुवा पैदा कर जनता की तकलिफों को हवा कर दिया जाता है आने वाले खत्रों को गयब कर दिया जाता है उसकी बात ही नही बात करना शुरू कर दिया तेल और गैस के कारण उर्जा संकट की बात करने लगे मगर भारत के प्रदान मंत्री क्या कर रहे थे इन दो महिनों के दोरान जादा तर वे चुक नजर आते हैं चुनावों में व्यस्त नजर आते हैं राष्ट के नाम संबोधन के मामले में उसके बाद फिलिपिन्स के राष्ट्रिपती ने 24 मार्च को राष्ट के नाम सम्भूधन किया और देश में उर्जा को लेकर आपातकाल की घोशना कर दी 6 अप्रेल को थाईलन्ड के प्रधान मंत्री ने सोशल मीडिया पर अपील जारी की कि हम आयात पर निर्भर हैं इ एक अप्रेल को बृतेन और अउस्टेलिया के प्रदान मंत्रियों ने राष्ट के नाम संभोधन किया, दोनों ने अपनी जनता से अपील भी की और यह भी बताया कि सरकार क्या करने जा रही है।हैदराबाद की सभा से प्रदान मंत्री मोदी ने केवल अपील की यह नहीं बत इस से जो भी लोग प्रभावित होंगे उनकी मदद कैसे की जाएगी एक अप्रेल को उस्ट्रेलिया के प्रधान मंत्री अल्बनीज ने राष्ट्र को सम्भोदित किया जनता से तेल बचाने की अपील की मगर यह भी बताने कीसरकार क्या कर रही है पेट्रॉल पर टैक्स घटा दिया गया इन धन पर आयात शुल्क घटाया गया कैबिनेट ने नैशनल फ्यूल सेक्यॉरिटी प्लैन बनाया और कहा कि ट्रक ड्राइबर की सुवि� तब भी 6 हफ्ते में एलबनीज दूसरी बार देश के नाम संदेश जारी कर रहे हैं।एक अप्रैल के बाद 11 माई को उन्होंने फिर से बयान जारी किया।

17:56

बताया कि उनकी सरकार के फैसलों का क्या असर हो रहा है।16 मार्च को ही बृतेन के प्रधान मंत्री स्टार्मर ने अप एक अप्रेल को फिर से स्टार्मर ने बयान जारी किया आने वाला आर्थिक तुफान भयानक होने वाला है कहा कि जो लोग अपने घरों को घरम करने के लिए हीटिंग ओयल का इस्तमाल करते हैं उनके लिए अलग से पैकेज हाएगा इंधन के आयाद बिल को लेकर पांच बिं� fuel duty में कटवती की गई जिसे सितंबर तक बढ़ा दिया गया भारत के प्रधान मंत्री ने अपील की और चल दिये वो भी दो महिने के बार उन्होंने यह तक नहीं बताया कि जनता के जिस हिस्से पर असर पड़ेगा उसके लिए सरकार क्या करेगी प्रधान मंत्री मोदी ने भी जब महिला आरक्षन के नाम पर संसदिय शित्रों का डी लिमिटेशन करना था, जब विपक्ष ने इसके पीछे की साजिश को उजागर कर दिया, कोशिश को नाकाम कर दिया और पता चल गया तब प्रधान मंत्री नारी शक्ती पर करीद 30 मिनट का भाषा कर दियाके लिए जनता के सामने आये।यह वो समय था जब दुनिया भर से पेट्रॉल, डीजल के दाम बढ़ने की खबरें आने लगी थी।निर्याग थप पढ़ने की खबरें आने लगी थी।म और बेट्यों से बात करने के लिए आया हूँ।

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जब देश के सामने महत्यपून विशय तेल और गैस का संकट था, रुपय का गिरना था, नौकरियों का जाना था, सैलरी का घटना था, विदेशी निवेशकों का भागना था, तब प्रदान मंत्री मोदी, आधी आबादी के � और वहां जानकारी दें कि देश की आर्थिक हालत क्या है ना कि किसी रैली में उन्होंने कुछ कहा और वहां से चल दी कब आपको होष आएगा कब आप इन सवालों पर सरकार से जवाब मांगेंगे चुनावर अपका इस्तेमाल किया जाता है कभी 10 ,000 उपाय डाल दिया जाता चुनावों में आपको कहा जाता है ना तेल की कमी है ना गैस की कमी है और चुनाव खतम होते ही गैस के दाम बढ़ा दिये जाते हैं आपको सला दी जा रही है तेल का इस्तिमाल कम करो और ये सब कुछ देज़ बक्ती से जोड़ दिया जाता है आप महँगाई में रहिए देज

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आप विदेशों की यात्रा न कीजिए तेज़वक्ती हैं सब कुछ विदेशवक्ती हैं लेकिन मोधी जी बड़ी बड़ी रैलियां करेंगे बड़ी बड़ी सभायं करेंगे लाखों लोगों को बसों में भर भर के लाया जायेगा वहाँ तेल का भरपूर इस्तेमाल होगा उ भारती जंता पार्टी और प्रदान मंत्री देश को कब तक धोखा देते रहें?और आप के उपर हर प्रकार का कस्त, तकलीफ, महंगाई, बेरोजगारी थोपते हुए उसको देश बक्ती से जोडते रहेंगे?कब तक ये चलेगा?

22:01

और कब तक आप खामोसी से ये सब कुछ बर पता नहीं चला सूरत में दो महीने में कितने मजदूरों का काम चिना कुछ खबरें आईं कि गैस नहीं मिलने के कारण लोग सूरत और मुंबई से गाओं की तरब पलायन कर रहे हैं लेकिन इन खबरों को भी जुटलाने की कोशिश की गई और छुट्टियों से जोड़ दिया लेकिन एक्सपर्ट जान रहे थे देख रहे थे अर्थविवस्था को समझने वाले रोज इशारा कर रहे थे कि भारत की हालत बहुत खराब है मगर प्रदान मंत्री मोदी चुनाओं में जनता को हसीन सपने दिखाते रहे।9 मार्च को विपक्ष ने मांग की कि पस्चिम एशमें संकट का भारत पर क्या असर पड़ा है इस पर चर्चा होनी चाहिए तब लोग सभा में आसन पर बैठे जगदंबी का पाल ने कहा विपक्ष सदन को बंधक बना रहा है और हिसाब गिनाने लगे की सदन को चलाने का खर्चा कितना होता है आप बंधक क्या पस्चिम एशिया की हालत पर चर्चा की मांग करना इतना फिजूल का विशय था 23 अप्रेल को बंगाल में पहले चरण का मतदान था एक दिन पहले कोटक इक्विटीज की रिपोर्ट आई कि पेट्रॉल की दाम 25 से 28 रुपए प्रती लीटर तक बढ़ सकते हैं तब पेट्रॉलियम मंतराले ने ट्वीट कर दिया नहीं नहीं ऐसा कोई प्रस्ताव ही नहीं खबरों को फेक न्यूस बत पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के एक दिन पहले प्रेस कॉन्फरेंस में बखायदा कहा गया सप्लाई परियाप्त है डाम बढ़हाने के कोई प्रस्ताव नहीं मतदान के बाद कहा जा रहा है भविश में डामों के बढ़ने से इंकार नहीं किया जा सकता जेट फ्यूल क अब इंडिया टुड़े ने सुत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि पंधरा माई से पहले पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ सकते हैं तेल की कंपनीया घाटा सेहन नहीं कर पारी इंडियन ओयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम को महने का 30 ,000 करोड काघाटा हो रहा है दैनिक भासकर की रिपोर्ट है कि तेल कंपनियों को हर दिन 1700 करोड का नुकसान हो रहा है दस हफते में 1 ,00 ,000 ,000 करोड का घाटा हो चुका है सरकार और तेल कंपनियां पेट्रोल पर 24 रुपै और डीजल पर 30 रुपै का घ इंडिया टूड़े के मुताबिग अगर पेट्रॉल और ढीजल के दाम बढ़ते हैं तो अभी चार पांच रुपाई महंगे हो सकते हैं LPG का दाम 40 -50 रुपाई महंगा और हो सकता है दो हफता पहले तक तेल के दाम बढ़ने से इंकार किया जा रहा था और अब इसके संकेत � चुनाव खत्म होते ही जनता पर लाद देती है, आप देखो, आप समझो, आपको यह सब करना चाहिए।आप आज के सभी बिजनेस अख़बारों को पलट कर देखीं, प्रधान मंत्री की अपील को पहले पन्ने पर जगा मिली है, मगर इस तरह से छापा गया जैसे कोई सामान अब अकबारों के हेडलाइन इस तरह से बचा कर लिखी जाती है ताकि जनता को पता न चले भारत में आर्थिक तबाही शुरू हो चुकी है।नौकरियां जा सकती हैं, रोजगार खत्म हो सकते हैं।

26:21

2014 के पहले हेडलाइन हाहाकार मचाया करती थी।अब सरकार का सदकार किया लेकिन अब आपको ऐसी खबरें इका दुका नजर आएंगी. मार्च, अप्रेल और मयी के बिजनेस अखबारों को पलट जाएए लगेगा नहीं कि इतना बड़ा संकट आने वाला था या देश की अर्थविवस्था बदहाल हो चुकी है।मोदी के दौर में अखबारों में कभी बड़ा संकट अब संकट की तरह नहीं मामुली ठोकर की तरह लगता है नोइडा में अप्रेल के महिने में क्या हुआ भैंकर प्रदर्शन हुआ तीन सो से अधिक मज़दूरों को गिरफ्तार कर लिया गया 1100 -1200 मज़दूरों के खिलाब मामले दरज इस से पहले प्रधान मंत्री मोधी को यह भी बताना चाहिए कि मजदूरों के जीवन में कैसा संकट आने वाला है उनका घर कैसे चलेगा और सरकार क्या करेगी प्रधान मंत्री मोधी मजदूरों से हरताल ना करने की अपील क्यों कर रहे हैं और इस अपील के अगले दिन लेब पाँच साल तक जो कानून लागू नहीं हुआ वो अभी क्यों हुआ मजदूर संगठनों के आरोप हैं कि उनकी घर ले जाने की सेलरी लेबर कोड के लागू होने के बाद घट जाएगी Social Security Court से बहुत सारे मजदूर बाहर हो जाएंगे, खांस तौर पर असंगठित शेतर के मजदूरों को नुकसान होगा. Factory मालें जब चाहेंगे बड़ी संख्या में मजदूरों को निकाल देंगे. पहले 100 से अधिक मजदूरों को निकालना होता था, तब सरकार की अनुमती पहले एक तरह से मजदूरों को काम पर रखना निकालना पहले से आसान हो गया अब प्रधानमंत्री कह रहे हैं अपील मत कीजिए अर्थविवस्था प्रभावित होती है डॉलर कम आता है मजदूरों के काम करने के घंटे बढ़ेंगे बताईए उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी मजद

28:48

कॉपर एक्पर्ट करते थे लेकिन आज भारत के सामने स्थिती एसी बन गई कि अभ हमें कॉपर को भी इंपोर्ट करना पड़ता है हमारे देश में हरताले करवा कर कॉपर प्लांट को ठप करवा दिया गया और अभ हालात ये हो गई कि हमें कॉपर बार से मं सबी स्रमोक मद्दूर संगर्णों से भी कहुंगा कि हमें ऐसी बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए भारत को आत्मा दिर्भर बनने से जो भी कदम रोकते हैं उनमें हमें दूरी बनानी होगी और जो लोग ऐसी साजीसों में जुटे हैं उन पर भी कड़ी नजर रखनी हो� उनकी ये दलील जमती नहीं ये बहाना है बारा साल से सरकार चलाने के बाद हरताल को कारण नहीं बता सकते हैं कि हरताल की वजासे आयात होने लगा निर्याक जो होता था बंध हो गया भारत की अर्थविवस्था इरान पर हमले के पहले से ही खराब प्रदर्शन करने लगी � सरकार के समर्थक अब कहेंगे सरकार के हाथ में कुछ नहीं

30:44

लेकिन दो महिने तक सरकार ने देश की जनता को क्यों नहीं बताया आने वाले समय में क्या होने वाला है क्या हो रहा है और उसकी तैयारी कैसी होनी चाहिए अगर संकट इतना गहरा है कि देश में रोजगार पर क्या कोरोणा के समय थाली बजाने वाली जनता हो सकता है बेसबरी से नई अपीलों का इंतजार कर रही हो।कई लोगों में ये थ्रिल पैदा हो जाता है कि संकट आया है अपील की गई है चलो दान करते हैं चलो कुछ कम खाते हैं सही ठहराने वालों की फोज की मौज हो जायेगी व जब भी सरकार फस जाती है जनता पर थोब देती है।नमस्कार मैं रवीश कुमार।

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