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फिर हमलावर हुए ईरान-इस्राईल, ट्रम्प-नेतन्याहू में कौन है बॉस?

Ravish Kumar Official4 views
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नमस्कार मैं रवीश कुमार जंग फिर से छिर गई है बाजार की तरब मत देखिये आज कितना गिरा आपका कितना डूबा सरकारों की तरब देखिये कि सबने मिलकर आपके लिए कितना गहरा गढधा खोदा भारत के लोग गैस और तेल की दाम के रूप में कीमते चुका ही र इसराईल क्यों यह सब कर रहा है?इन सवालों के जबाब खोजे जा रहे हैं।इस सवाल का भी कि क्या ईरान पर हमला कर नितन याहू ने ट्रम्प को चैलेंज कर दिया है?या नितन याहू को परदे के पीछे से ट्रम्प ही सपोर्ट कर रहे हैं?CBS की न्यूज है कि युद्ध ट्रॉम्प ने अमेरिका की सेना को आदेश ही नहीं दिया कि इरान के हमले से इस्राइल को बचाना है।चर्चा चल रही थी कि ट्रॉम्प और नितन्याहू के बीच दूरी बढ़ गई है।

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CBS की रिपोर्ट ने इसे पुख्ता कर दिया।हम अपने वीडियो में आगे बात करे سینکڑوں کی سنکھیہ میں امارتیں نشت ہو گئی ہیں. لبنان کی تباہی کی تصویر دنیا کے سامنے ٹھیک سے آ بھی نہیں پائی. اسرائیل نے لبنان کے داہیے پر حملہ کیا ہے 7 جون کو. یہ وہی جگہ ہے جہاں حزب اللہ کا مکھیالہ ہے اور یہیں پر 2024 میں اسرائیل نے حزب اللہ کے کمانڈر حسن نسر الله کی हत्या कर दी हसन नसरल्ला की हत्या के बाद कहा जाने लगा कि हिसबुल्ला खत्म हो गया लेकिन आज भी इसराईल हिसबुल्ला के गड़ पर हमला कर रहा है हिसबुल्ला से लड रहा है उस समय इसराईलاسرائیل پر 200 میسائلے داغی تھی. ایران ہیزبوللا کو Axis of Resistance کا حصہ مانتا ہے. ایراک, سیریا, یمین کے کچھ دلوں کو بھی اِس میں شامل کرتا ہے. ایران نے کہا ہے کہ Axis of Resistance کے کسی بھی حصے پر حملہ ہوگا. تو ایران جواب دے گا. ایران اور اسرائیل دونوں دیش آپس میں پھر سے بھیڑ گئے ہیں. ایران کا کہنا ہے کہ لبنان پر ح हर तरह की रेड लाइन का उलंगन किया है।इस्राईल ने इरान के पांच शेहरों तेहरान, इसफहान, तब्रीज, करमाणशा और करज पर हमला किया है।अलजजीरा ने रिपोर्ट किया है कि तेहरान में विदेश मंतरालय के मुख्याले पर भयंकर बंबारी हुई है।महश कुछ घंटे के बाद इस्राइल ने इरान के सैन ठीकानों पर हमला कर दिया इस्राइल का हमला भी कम भयंकर नहीं इसके जवाब में इरान ने फिर से इस्राइल पर मिसाईले दागी हैं मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इरान ने मिसाईल की यह तस्वीर जारी की है इस पर ल पूरी तरह तैयार है।

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ऐसा लग रहा है कि जंग का रुकना इस्राईल को पसंद नहीं था।उसने लेबनान पर हमला ही इसलिए किया ता कि इरान को जंग में खीच सके।इरान के रक्षम मंतराले का बयान है कि जब तक इस्राईल को कडी सजा नहीं मिलेगी इरान इस बार �अगर लेबनान पर दोबारा इस्राईल ने हमला किया, जबाब जोरदार दिया जाएगा।और ट्रम्ब भी दावा कर रहे हैं कि इरान और इस्राईल दोनों ही सीज फायर के लिए मान गये हैं।इस्राईल ने घजा पर दो साल तक बंबारी की, मगर इरान ने उसके लिए इस لبنان میں ہزبوللا اور یمن میں ہوتی ایران کے پروکسی مانے جاتے ہیں اس سمیں جب ایران خود کو ریجنال پاور کے روپ میں دکھانا چاہتا ہے تب اس کی ذمہ داری بن جاتی ہے کہ اپنے پرانے ساتھیوں کے لئے کھڑا ہو اگر وہ ہزبوللا کی بربادی پر چپ رہ جاتا تو مانا جاتا کہ ایران اسرائیل کے سامنے کمزور پڑ رہا ہے امریکہ کے دباؤ میں इरान हेजबुल्ला को किस नजर से देखता है।

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इसके लिए मीडिया में एक कहानी चल रही है।2010 की घटना बताई जाती है।लेबनान के संस्कृती मंत्री अली खामेनेईज से मिलने तेहरान आये।हेजबुल्ला के बढ़ते प्रभाव से चिंतित थे।जब संस्कृती मंत इस उपन्यास की एक किर्दार है एसमेरल्डा एसमेरल्डा बेहत खुदसूरत किर्दार है हर कोई उसे तंग करता है इसलिए हमेशा अपने साथ एक छोटी छूरी रकती है ताकि कोई हमला करे तो अपनी जान की रक्षा कर सके अगर एसमेरल्डा अपने साथ छूरी लेकर नह हर कोई इसे हासिल करना चाहता है।इसलिए आपको अपने लिए यह चुरी रखनी होगी।

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इस कहानी से जवाब खोजा जा रहा है कि आखिर इरान ने लेबनान के लिए इसराई पर हमला क्यों किया युद्ध को समझने के लिए साहिते के संसार में भी बस्ता लेकर भटकना पड़ता है मतलब यही है कि अगर हिस्बुल्ला के लिए इरान आगे नहीं आता तो लेबनान बचने के लिए इरान ने लेबनान में हिसबुल्ला को खड़ा किया था।अगर इरान चाहता है कि आगे के लिए हिसबुल्ला का समर्थन मिलता रहे तो इसे इस्राईल पर हमला करना ही था।हिसबुल्ला है तो इरान और इस्राईल के बीच एक बफर भी बना हुआ है।एक � एक जुन को इरान के विदेश मंत्री अबास आराकची ने ट्वीट किया कि अगर किसी भी मोर्चे पर युद्ध विराम का उलंगन होता है तो इसे हर मोर्चे पर युद्ध का उलंगन माना जाएगा और इसके बाद जो होगा उसके लिए जिम्मेदार अमेरिका और इस्राईल होंगे इसी लिए अगर इरान की आखों के सामने लेबनान पर हमला होता है हेजबुल्ला पर हमला होता है और वह कुछ नहीं कर पाता तो � और रेट सी से निकलने वाले सभी जहाजों पर रोक लगा दी हैं।होर्मुज बंद होने के बाद रेट सी का रास्ता बंद होगा तो दुनिया के कारूबार में और बरबादी आएगी।मगर इरान नहीं चाहता कि उसके किसी एक्शन को सिफ इसी चश्मे से देखा जाएं।

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ये किया गया तो इरान वो करने चला गया. इरान ने इस हमले का एक नाम दिया है ओपरेशन नासिर. यह नाम क्यों दिया गया?इसके पीछे का मनोविज्यान क्या है?हम इसी वीडियो में आगे बात करेंगे. क्या ट्रम्प और नितन्याहुं के बीच दोस्ती कमजोर होने � नितन्याहूं को लेकर ट्रम्प के ऑन रेकॉर्ड बयान कुछ और होते हैं।आफ रेकॉर्ड कुछ और होते हैं।आफ रेकॉर्ड बयान में ट्रम्प नितन्याहूं को धंकाते नजर आते हैं, फटकाते नजर आते हैं।ऑन रेकॉर्ड बयान में उनसे अपील करते हैं, वि 28 फरवरी को जब इरान पर हमला हुआ तब इस्राइल और अमेरिका ने मिलकर किया दोनों साथ नजर आ रहे थे।

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उस दोरान इस्राइल और अमेरिका के बीच मतभेद इस तरह से सामने नहीं आये जिसकी जलक इन दिनों मिल रही है।मार्च अप्रैल मई के दोरान ट्रम के हर � क्या दोनों के बीच जंग इस बात को लेकर भी हो रही है कि दोनों में बॉस कौन है छे दिन पहले एक सी ओस ने रिपॉर्ट किया कि जब इस्राईल ने लेबनान पर हमला करना शुरू किया तक ट्रम्प ने नितन्याहू को काफी कुछ सुना दिया एक सी ओस ने ये ख़बर � जेल में होते मैं तुम्हें बचा रहा हम हर कोई तुम से नफरत करता है तुम्हारी वज़र से हर कोई इस राई से नफरत करता है बाद में जब ट्रम्से इस फोन कॉल के बारे में पुछा गया तो उन्होंने इसकी पुष्टी की और बाचित के लहजे की खबरों से इंकार भनहीं किया. ट्रम्प ने ये बात क्यों फैलाई कि उन्होंने नितन्याहू से इस तरह कहा है कि अगर मैं नहीं होता तो तुम जेल में होते. कम बड़ी बात नहीं है. क्या ट्रम्प नितन्याहू को ल कि राश्पती के बारे में नितन्याहू भी कुछ फैसला कर सकते हैं ट्रम कहते है नितन्याहू को डील स्विकार करनी पड़ेगी और अब इस तरह से हेडलाइन छप रही है कि ट्रम की डांट के बाद भी इस्राईल ने इरान पर हमला कर दिया बड़ा बदलाव है ये अब नि अभी तक इस्राइल दिखा रहा था कि अमेरिका उसका प्यादा है जो कहेगा अमेरिका वही करेगा लेबनान पर हमले के बाद जब ईरान ने उत्री इस्राइल पर हमला किया तब ट्रम्प ने नितन्याहू से कहा जवावी हमला मत करना सूत्रों के हवाले से मीडिया में खबर ट्रम्प नितन्याहू को जेल जाने से बचा रहे हैं किसलिए इस पर नितन्याहू का जवाब बाकी है नितन्याहू का एक पुराना बयान है उसी से पता चलता है कि अमेरिका के राश्टपती और इस्राईल के प्रधान मंत्री के बीच बॉस कौन है इसे लेकर तना तनी रहती इसराईल का एक प्रधान मंत्री ऐसा होना चाहिए जो अपने अस्तित्र से जुड़े मामले में अमेरिका के राष्ट्रपती को ना कह सके, तो क्या नितन न्यावाद करते हैं?ने अपनी बात साबित कर दी कि ट्रम के मना करने के बाद भी इस्राईल इरान पर हमला कर सकता है और एक तरह से नितन्याहू ने ट्रम को चेतावनी भी दी है कि अगर कोई डील हो रही है तो उसके हितो से समझवता तदकालिन राश्टपती जो बाइडन को जवाब देते हुए नितन्याहू ने कहा कि अगर हमें अकेले खड़े रहना पड़ेगा तो हम अकेले खड़े रहेंगे अगर हमें जरूरत पड़ी तो हम अपने नाखुनों के बूते लड़ेंगे लेकिन हमारे पास नाखुनों से इरान पर हमले के बाद जब मिसाईलों को भेदने वाले इंटरसेप्टर की कमी हुई तब क्यों दुनिया भर से इंटरसेप्टर की जुगाड करने लग गया?लेकिन क्या इरान इस थियोरी के भरोसे है कि ट्रम्प और नितन याहू के बीच दूरी बढ़ गई है?इरान किसी अपनी समझ स्थिर रखता है इरान से आने वाले बयानों को देख कर लगता है वो अभी भी परदे पर चल रही कहानियों पर विश्वास नहीं करता है अमेरिका दिखाना चाहता हो कि वो इस हमले में शामिल नहीं इस्राईल के रवये से परिशान है लेकिन इरान के बयानों से हम जानते हैं कि अमेरिका का Military Central Command इस्राइल के साथ हर तरह से सईयोग कर रहा है, कॉडिनेट कर रहा है, offensive और defensive operation में उसके साथ मिला हुआ है।

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इरान से डील के नाम पर ट्रम नितन्याहूं से किसी सवकता है।हद तक दूरी बना सकते हैं?यह अभी साफ नहीं, कोई नया जवाब नहीं है. पुराना जवाब ही है कि ट्रम नितन्याहू से बहुत हद तक अलग नहीं हो सकते हैं. इसी भरोसे इस्राईल ने 8 अ� अमेरिका चाहता है कि जंग के मैदान से लोटने का रास्ता मिल जाए, मगर इस्राईल चाहता है अमेरिका जंग के मैदान से वापस न जाए. दो महिनें गुजर गए, डील किसी मोड पर नहीं पोँची. अब दुनिया यह जानना चाहती है कि अमेरिका और इरान के बीच अग इस बाचीत में इस्राहिल की क्या शर्ते हैं साफ नहीं।इस संदर्म में दो इंटरव्यू की चर्चा है।CNN के फ्रेड प्लाइट गिन ने इरान के सुप्रीम लीडर के सैनिक सलहकार मौसिन रेजाई से बाचीत की है और दूसरा NBC की पत्रकार क्रिस्टन वेलकर की जो उन्हो इस इंट्रिव्यूँ में ट्रम चुनाओं से जुड़े सवालों से इतने भड़क गए के बीच इंट्रिव्यूँ से चले गए।उसके बाद लोग भारत में करन थापर और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोधी के पुराने इंट्रिव्यूँ को याद करने लग गए।

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CNN को दिय Mohsen Rezai का कहना है कि दोनों देशों के बीच विश्वास बहाल करने के लिए पैसा जारी करना ज़रूरी है और इसका रास्ता ट्रम्प के पास ही है अब इसी सवाल को लेकर NBC की क्रिस्टर वेलकर ने ट्रम्प से पूछा तो उन्होंने कहा अगर इरान का वेहवार अच्छा होगतो पैसा देने के बारे में सोच सकते हैं इरान डील के रूप में अपना पैसा मांग रहा है और ट्रम्स समझ रहे है इरान मजबूर है इसके नाम पर न्यूक्लियर डील के लिए दबाव डाला जा सकता है ट्रम्स ब ट्रम्प ने एक और बात कही कि इरान के साथ दोस्ताना वेहवार होने लगा है इरान अपना यूरेनियम अमेरिका को नहीं देगा ये उसका पॉजिशन है और बिना इसके अमेरिका इरान को 24 अरब डौलर देने की बात नहीं मानेगा मान लेगा तो ये उसकी हार होगी दुनि ट्रम्प अभी भी नहीं चाहते कि जंग हाथ से बाहर जाये इसलिए इरान से भी अपील कर रहे हैं आपने जवावी हमला कर जो बताना था बता दिया इस्राईल से भी कहेंगे कि जवावी हमला ना करें दिखाई यही दे रहा है कि ट्रम्प अब इस जंग में बॉस नहीं रह वे इरान से अपील कर रहे हैं इस्राइल से भी कर रहे हैं जिस जंग को उन्होंने पहले ही दिन के हमले के बाद जीत लेने का दाबा किया खामेनैई की हत्या को बड़ी काम्याबी बताई अब वही ट्रम आयातुल्ला खामेनैई के बाद सुप्रीम लीडर बने मुस्तपा खा यह भी कहा कि इरान और अमेरिका डील के काफी करीब पहुँच गए हैं।अगर डील हो जाती है तो हम मिलकर इरान के यूरिनियम को नश्ट करेंगे।किसने सोचा होगा इरान की जिस लिडर्शिप को इस्राईल, अमेरिका खत्म कर देना चाहते थे।उसकी तारीफ कर रहे हैं इसके पहले भी उन्होंने पांड जुन को अपने ओवल आफिस में बयान दिया था अगर डील करनी हुई तो वे मुझ्तफा खामेनै से भी मिल सकते हैं ऐसा करना उनके लिए सम्मान की बात होगी।लेकिन CNN को दिये अपने इंटरव्यू में, मुस्तफा खामेनई के सलाकार मोसिन रिजाई ने कहा ट्रम और सुप्रीम लीडर की कोई मुलाकात नहीं होगी।

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तब भी ट्रम्प खामिनई की तारीफ कर रहे हैं यह बात नितन्याहू को चुभी तो होगी उन्हें लगा होगा अमेरिका इरान के प्रभाव में आ रहा है जिस लीडर को खत्म करने चले थे उसकी तारीफ ट्रम्प कर रहे हैं ट्रम्प ने नितन्याहू को ग्रेट लीडर त इस एक निता की वजह से गजा में नरसंगार का लंबा दोर चला, दुनिया की सारी ताक्ते नितन्याहू के सामने बेबस नजर आएं।इरान के हमले के बाद इस्राईल ने गजा तक पहुँचने वाले मदद के तमाम रास्तों को बंद कर दिया है।यानी गजा को सताना इसन सारी दुनिया की अर्थविवस्था चौपट हो रही है लोगों की कमाई डूब रही है इस नेता के साथ कौन खड़ा है यह भी याद रखिए कैसा होगा जो उसके साथ खड़ा है नेतन्याहों को इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि दुनिया में कच्चे तेल का भाव क्या हैपीछे पड़ा है कि नहीं होने देना है. अमेरिका के रक्षा विभाग को इस्राईल से ही जासूसी का खत्रा हो गया है. अमेरिकी खुफ्या विभाग की आंतरिक रिपोर्ट की अनूसार इस बात की आशंकात तेज है कि इस्राईल की खुफ्या एजन्सीयां अमेरिका के मध् New York Times की इस रिपोर्ट में लिखा है कि दोनों देश जानते हैं कि एक दूसरे की जासुसी कर रहे हैं लेकिन इस बार इस्राईल ने रेड लाइन पार कर दी है अमेरिका के शिर्ष अधिकारियों की भी जासुसी करने लगा है इसमें स्टीव विटकॉप भी शामिल है उदर जिस दोरान हम ये स्कृप्ट लिख रहे हैं और रेकॉर्ड कर रहे हैं इरान इस्राईल पर तीसरा हमला लॉंच कर चुका है इस्राईल में एक बार फिर स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है अस्पतालों से कहा गया है बेस्मेंट से काम करें याता यार 75 % शमता पर ही चले� उदर युद्ध के बड़ने की आशंका ने खाडी के देशों को भी अलर्ट कर दिया है।इरान के हमले के बाद सौवधी अरब ने अलखर्जी इलाके में अलर्ट का एलान किया।इस इलाके में अमेरिका का प्रिंस सुल्तान एर बेस मौजूद है।

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बाद में सौवधी अर� अमेरिका ने जॉर्डन में अपने नागरिकों से शरन लेने के लिए कहा है क्योंकि एरस्पेस में मिसाईल ड्रोन या रॉकेट का खत्रा मौजूद है इरान के हमले के बाद इराक और सीरिया ने भी अपना एरस्पेस बंद कर दिया है यही सब दुनिया में चल रहा है अब आ ये कहानी दिल्चस्प है असी के दश्चक में इरान और इराक के बीच जब आठ डस साल युद चला तो उस दोरान दोनों देशों के बीच टैंक वार का नाम रखा गया था ओपरेशन नासे. इस ओपरेशन में इरान हार गया था.जिस अपरेशन में इरान हार गया हो उसके नाम पर अभी क्यों हमला लॉंच करेगा यह नाम इरान के बारे में क्या बताता है यही बताना चाहता है कि वो अपनी हार को भी याद रखता है हर अपमान को याद रखता है और محمد احتشامل حق نے سبسٹیکٹ میں اسے لے کر لکھا ہے احتشامل بتا رہے ہیں کہ اپمان ایران کی راجنیتیک ذمہتی کا کیندریہ حصہ رہا ہے امریکہ اور اسرائیل اپمان جنک ہار کے سمیں یا اس کی کلپنا سے الگ الگ طریقے سے ریاک کرتے ہیں ایران اس طرح سے دکھاتا ہے کوئی بھی ہار اس کے لیے دی اینڈ نہیں ہے 1953 में चुने गए प्रधान मंत्री को बृतेन और अमेरिका ने मिलकर हटाया या अपमान जनक घटना थी मगर इरान ने इसका बदला लिया और याद रखा।2020 में सेना के कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या भी अपमान जनक थी इसे भी याद रखा गया।2026 में आया तुल्ल वो अपमान का बदला लेने के लिए एक जुट हो जाएगा, अपने अस्तित्व को दाव पर लगा देगा और 40 साल बाद भी लडाई करेगा मतलब यही है कि इरान की फितरत को आप केवल सैनिक ताकत से नहीं समझ सकते उसकी सांस्क्रितिक बनावट को भी देखना होगा कि अ� ओपरेशन नासिर की याद सामान्य घटना नहीं।जंग के बीच अपनी हार को याद करना बता रहा है कि इरान की वैचारिक और सामरिक तैयारी कैसी है।वह उस हार का हिसाब इस जंग में चुकाना चाहता है।

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है।यह बात माइने रखती है।केवल आज नहीं आने वाले कल के लिए भी बदला लेने का इशारा कर रहा है।स्टॉकम युनिवर्सिटी में एंथ्रोपॉलॉजी के प्रोफेस्टर शारम ख कोई भी बड़ी हार उसे आगे की जंग के लिए बड़े स्थर पर तयार कर देती हैं प्रोफेसर शारम दिखा रहे हैं कि करबला में इमाम हुसैन की शहादत केबल एक बार की त्रास्धी नहीं बलकि वो प्रतिरोद का एक निरंतर माध्यम बन जाता है जिसे हर साल यात किया � इरान की मानसिक्ता को समझना जरूरी है कि वद दुनिया की दो बड़ी शक्तियों के सामने किस तरह लड़ रहा है।उसे मिटाना समभव नहीं।मार्च, अप्रैल और मयी का महिना बीट गया।

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जून भी आधा बीटने जा रहा है।इरान ही मैदान में टिका नजर आ रहा है आज तक ट्रम को पता नहीं चला के उनका मकाबला ईरान के किस ताकत से है सैनिक शक्ती से या उसके सब्भियता की शक्ती से नमस्कार मैं रवीश कुमार

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